बांग्लादेश क्रिकेट के स्टार रहे शाकिब अल हसन को वहां की मौजूदा सरकार ने 'घटिया इंसान' (Rotten person) बताया है. प्रधानमंत्री के सूचना और प्रसारण सलाहकार जाहिद उर रहमान ने कहा है कि वैसे तो वे 'घटिया इंसान' हैं. लेकिन अगर शाकिब अल हसन देश लौटते हैं, तो उन्हें सुरक्षा दी जाएगी.
ज़ाहिद उर रहमान ने यह भी कहा कि उन पर लगे आरोपों का सामना उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए करना होगा.
शाकिब बांग्लादेश के दिग्गज क्रिकेटर रहे हैं. शुरुआत में वे क्रिकेट से पूरी तरह जुड़े रहे. ये वो समय था जब पूर्व पीएम शेख हसीना भी क्रिकेट में रुचि रखती थीं. 2023 में शाकिब आवामी लीग में शामिल हुए और 2024 में सांसद चुने गए. वे हसीना के करीबी सहयोगी बने, अक्सर उनके साथ फोटो शेयर करते और उन्हें 'आपा' कहते थे.
अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद हसीना का शासन गिर गया. तब से शाकिब विदेश में हैं. उनके खिलाफ हत्या और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं.
हाल ही में जब दिल्ली में रह रहीं शेख हसीना ने बांग्लादेश लौटने की घोषणा की तो उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब अल हसन भी मौजूद थे. उन्होंने शेख हसीना के साथ एकजुटता जताई.
इसके बाद से बांग्लादेश की मौजूदा सरकार शाकिब अल हसन से और भी नाराज है.
भले ही एक अच्छे खिलाड़ी हों...
ज़ाहिद उर रहमान ने ये बयान मंगलवार को सचिवालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए दिया.
बांग्लादेश के अखबार प्रथम आलो की रिपोर्ट के अनुसार शाकिब अल हसन के बारे में चर्चा करते हुए ज़ाहिद उर रहमान ने कहा, "वह भले ही एक अच्छे खिलाड़ी हों, लेकिन वे एक खत्म इंसान हैं जिन्होंने हसीना का साथ दिया और अब भी उनके साथ जुड़े हुए हैं."
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज़ाहिद उर रहमान ने यह भी कहा कि अगर शाकिब अल हसन बांग्लादेश लौटते हैं तो उन्होंने सुरक्षा दी जाएगी, लेकिन उन्हें यहां कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा.
सूचना सलाहकार ने शेख हसीना का जिक्र करते हुए कहा कि शेख हसीना ने कहा था कि वह दिसंबर में देश लौटेंगी. अगर वह लौटती हैं, तो उन्हें पूरी सुरक्षा दी जाएगी और उनके सभी अधिकारों का ध्यान रखते हुए उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के सामने पेश किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसके बाद अदालत के फ़ैसले को सभी को मानना होगा.
शाकिब अल हसन हों या शेख हसीना...
ज़ाहिद उर रहमान ने आगे कहा, "हम इस देश में दोबारा हसीना जैसा माफिया शासन नहीं देखना चाहते हैं. हम भविष्य में भी ऐसा नहीं होने देंगे. कोई फासीवादी माफिया शासन यहां नहीं चलेगा. यह एक लोकतांत्रिक देश है."
उन्होंने यह भी कहा कि चाहे शाकिब अल हसन हों या शेख हसीना, यहां तक कि सबसे गंभीर अपराधों के आरोपी, सभी लोगों के भी नागरिक और संवैधानिक अधिकारों को सुनिश्चित किया जाएगा.
शाकिब से क्यों चिढ़ती है BNP की सरकार
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद आई तारिक रहमान की सरकार आवामी लीग विरोधी है. शाकिब पर बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सरकार की नाराजगी इसलिए है क्योंकि उन्होंने हसीना से दूरी नहीं बनाई. 2025 में शाकिब ने हसीना को जन्मदिन की बधाई दी, जिसके बाद खेल सलाहकार ने कहा था कि वे फिर कभी बांग्लादेश की जर्सी नहीं पहनेंगे. 5 अगस्त 2026 में उन्होंने हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया, जिसके बाद उनके घर पर हमला हुआ और सरकार ने टीम में वापसी से इनकार कर दिया.