यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूसी हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है और चार लोग अभी भी लापता हैं. राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने रविवार को सोशल मीडिया पर बताया कि कीव के पश्चिम में एक गोदाम पर रूस ने हमला किया था.
शुक्रवार रात गोदाम पर हुए हमले के कारण जबरदस्त धमाके हुए और आग लग गई, जिससे आस-पास के दर्जनों घर और इमारतें जल गईं. इस गोदाम को यूक्रेनी अधिकारियों ने गोला-बारूद रखने की जगह बताया है .
ज़ेलेंस्की ने आगे बताया कि आपातकालीन कर्मचारी माइला गांव में मौजूद उस जगह पर आग बुझाने और विस्फोटक उपकरणों की पहचान करके उन्हें निष्क्रिय करने का काम जारी रखे हुए हैं. उन्होंने कहा कि बीस लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं.
रूस के 'अमेजॉन' पर यूक्रेन का वॉर
इस बीच रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि वह यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर 'बड़े हमले' करने की तैयारी कर रहा है. यह कदम यूक्रेन द्वारा "रूस के अमेजॉन" कहे जाने वाले एक रिटेलर और देश के तेल और गैस क्षेत्र के खिलाफ ड्रोन अभियान चलाने के बाद उठाया जा रहा है; कीव का कहना है कि ये दोनों ही रूस के यूक्रेन पर हमले के लिए फंड देते हैं और सीधे तौर पर मदद करते हैं.
यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूस के सबसे बड़े ऑनलाइन रिटेलर वाइल्डबेरीज़ (Wildberries) के केंद्रों पर घातक हमले किए हैं. यूक्रेन का तर्क है कि ये कंपनी दोहरे इस्तेमाल वाले सामान बेचती है, जिसने क्रेमलिन के युद्ध प्रयासों में मदद की है. यूक्रेनी ड्रोनों ने रूसी तेल रिफाइनरियों और अन्य ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर भी हमले किए हैं, जिससे दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक देशों में से एक रूस में ईंधन का अभूतपूर्व संकट पैदा हो गया है.
Wildberries को 'रूस का अमेजॉन' कहा जाता है
रूस की ई-कॉमर्स कंपनी Wildberries को अक्सर 'रूस का अमेजॉन' कहा जाता है, क्योंकि इसका कारोबार और ऑनलाइन मार्केटप्लेस मॉडल काफी हद तक अमेजॉन जैसा है. Wildberries की शुरुआत 2004 में कपड़ों और फैशन की ऑनलाइन बिक्री से हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान, कॉस्मेटिक्स, फर्नीचर और रोजमर्रा की जरूरतों समेत लाखों उत्पादों का बड़ा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बन गया.
अमेजॉन की तरह Wildberries भी सिर्फ अपने सामान की बिक्री नहीं करता, बल्कि बड़ी संख्या में थर्ड-पार्टी विक्रेताओं को अपने प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने की सुविधा देता है. कंपनी के पास विशाल वेयरहाउस और डिलीवरी नेटवर्क है, जिससे ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर कर सामान घर तक मंगा सकते हैं या पिकअप पॉइंट से ले सकते हैं.
रूस ने इन हमलों को यूक्रेन की ओर से किए गए टारगेटेड हमलों का जवाब बताया. रूस ने अपने ताजा अटैक कहा कि ये हमले हमारे नागरिक और बुनियादी ढांचे और ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र पर लगातार किए जा रहे हमलों का जवाब है.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रविवार को यूक्रेन के 'तनाव बढ़ाने वाले रास्ते' और रूस की नागरिक अर्थव्यवस्था को निशाना बनाने के खिलाफ "उचित जवाब" देने का वादा किया.
पेस्कोव ने रूसी सरकारी मीडिया को बताया कि हम कीव के सैन्य और युद्ध से जुड़े बुनियादी ढांचे पर "काफी व्यवस्थित" हमले कर रहा है.
युद्ध के पिछले सर्दियों के मौसमों के दौरान रूस ने व्यवस्थित रूप से यूक्रेन के पावर ग्रिड को निशाना बनाया जिससे कड़ाके की ठंड में हजारों लोग गर्मी और रोशनी से वंचित हो गए. यूक्रेनी अधिकारियों ने बार-बार चेतावनी दी है कि आने वाली सर्दियां यानी कि 2026 की सर्दियां फरवरी 2022 में रूस द्वारा पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से सबसे चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती हैं.
इसके अलावा रविवार को रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेना ने रात भर में छोड़े गए लगभग 500 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया या निष्क्रिय कर दिया. रूस और यूक्रेन के इंडिपेंडेंट टेलीग्राम चैनलों ने दावा किया कि ड्रोन हमलों से सेंट पीटर्सबर्ग के दक्षिण-पूर्व में किरीशी में एक बड़ी तेल रिफाइनरी में आग लग गई. यह फैसिलिटी, 'किरीशी पेट्रोलियम ऑर्गेनिक सिंथेसिस', रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक है और देश के उत्तर-पश्चिम में एकमात्र ऐसी रिफाइनरी है.
अधिकारियों की ओर से तुरंत कोई पुष्टि नहीं हुई लेकिन स्थानीय गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज़्देंको ने रविवार को बताया कि ड्रोन हमलों के बाद "किरीशी के इंडस्ट्रियल ज़ोन" में आग लग गई. उन्होंने कहा कि आसपास के इलाके में कुल 62 ड्रोन मार गिराए गए.
इसके अलावा, शनिवार देर रात कीव पर रूसी ड्रोन हमले में कम से कम 3 लोग घायल हो गए, जबकि दिन भर हवाई हमले के अलर्ट जारी रहे.