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बिहार के रहस्यमय वन मंदिर पर बनी सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म द वन, ‘पंचायत’ डायरेक्टर ने बताई कहानी

पंचायत सीरीज बनाने वाले दीपक मिश्रा और अरुणाभ कुमार ने अपनी आने वाली फिल्म द वन पर खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि ये एक फोकलोर स्टोरी है, जो उनकी रियल लाइफ स्टोरी से जुड़ी है. इसकी कहानी बिहार के एक मंदिर से जुड़ी है.

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क्या है फिल्म द व्वान? (Photo: Screengrab)
क्या है फिल्म द व्वान? (Photo: Screengrab)

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया इस समय अपनी अपकमिंग फिल्म द वन- फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं. कुछ दिन पहले इसका टीजर आया था, जिसमें इस फोकलोर फिल्म की दुनिया को सेटअप किया गया. एक खौफनाक जंगल में रहस्यमय मंदिर को दिखाया जाता है, जहां देवी-देवताओं की दैवीय शक्ति महसूस की जा सकती है. इस फिल्म को पंचायत जैसी सीरीज बनाने वाले दीपक मिश्रा ने डायरेक्ट किया है. 

फिल्म द वन- फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट के मेकर्स टीवीएफ और एकता कपूर हैं, जिनके प्रोडक्शन में इसे बनाया गया है. हाल ही में टीवीएफ के फाउंडर अरुणाभ कुमार और डायरेक्टर दीपक मिश्रा ने अपनी पिक्चर के बारे में विस्तार से बात की. उन्होंने बताया कि उन्हें फिल्म द वन बनाने की प्रेरणा कहां से मिली, और कैसे इसे एक फिल्म का रूप दिया गया. 

कहां से आई द वन की कहानी?

ANI से बातचीत में अरुणाभ ने कहा- मुझे इस कहानी में दिलचस्पी तब हुई, जब मैंने पटना के पास स्थिन वन देवी मंदिर का दौरा किया. वहां मैंने स्थानीय लोगों, पुजारियों और गांव वालों से मंदिर से जुड़ी पुरानी कहानियों के बारे में बात की. बताया जाता है कि ये मंदिर 16वीं सदी में बनाया गया था. मंदिर के आसपास के जंगल को लेकर कई रहस्यमयी बातें कही जाती थीं. स्थानीय मान्यता थी कि सूर्यास्त के बाद लोगों को जंगल में जाने की इजाजत नहीं थी.

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'ये परंपरा आज भी वहां की लोककथा का हिस्सा बनी हुई है. मैंने करीब दो साल पहले ये कहानी दीपक को सुनाई थी. हम दोनों को कहानी काफी पसंद आई. इसके बाद हमने इसे एक फिल्म के तौर पर बनाने के लिए एकता कपूर से बात की. एकता को भी लगा कि इस कहानी को बड़े पर्दे पर दिखाया जाना चाहिए.'

दीपक मिश्रा ने इस कहानी की सबसे खास बात सामने रखी. उन्होंने बताया कि इसमें गांव और देश के अंदरूनी इलाकों से जुड़ी कहानी को बड़े स्तर पर दिखाने का मौका था.फिल्म के लिए उन्हें एक बिल्कुल नई दुनिया तैयार करनी थी. फिल्म का मुख्य किरदार एक आज के जमाने का युवा है, जो अपने पुराने घर और जड़ों की तरफ वापस लौटता है. इसके बाद उसकी जिंदगी में खुद को जानने और अपनी पहचान तलाशने का सफर शुरू होता है. 

आसान नहीं था वन की दुनिया बनाना

इसी बातचीत में दीपक मिश्रा ने ये भी माना कि उनके लिए फिल्म की कहानी के मुताबिक उस दुनिया को बनाना आसान नहीं था. इसे पर्दे पर दिखाने के लिए सिर्फ सामान्य शूटिंग काफी नहीं थी. इसके लिए एनीमेशन और आज के जमाने की टेक्नोलॉजी जैसे स्पेशल इफेक्ट्स का काफी इस्तेमाल किया गया.

डायरेक्टर ने कहा- जब मुझे ये कहानी सुनाई गई, तो उसके सीन्स अपने आप मेरे दिमाग में आने लगे. यहीं से इसकी शुरुआत हुई और फिर धीरे-धीरे पूरी टीम के साथ मिलकर ये कहानी आगे बढ़ती गई. हमने इसे एक सिनेमाई अंदाज में पेश किया है. फिल्म देखते समय शायद आपको इसका एहसास ना हो, लेकिन इस दुनिया और माहौल को तैयार करने के लिए बहुत सारी टेक्नोलॉजी और एनीमेशन का इस्तेमाल किया गया है.

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फिल्म द वन की बात करें, तो ये 25 सितंबर को रिलीज होने के लिए तैयार है. उस दिन इसका सामना साउथ सिनेमा और हॉलीवुड से आई फिल्मों से भी होगा. साउथ की तरफ से नानी की पैराडाइज और हॉलीवुड की एवेंजर्स एंडगेम एनकोर रिलीज होनी है, जिसके लिए लोगों के बीच हाइप अभी से काफी ज्यादा है. 

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