राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत इन दिनों अमेरिका दौर पर हैं. संघ के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य पर आयोजित 'ग्लोबल आउटरीच कार्यक्रम' के तहत न्यूयॉर्क में उनका एक बड़ा कार्यक्रम भी होना है.
इसी दौरान भागवत न्यूयॉर्क स्थित इस्कॉन मंदिर पहुंचे. यहां उन्होंने कहा कि दुनिया में कई तरह के टकराव और विरोधाभास हैं लेकिन ऐसे वक्त में एक चेतना ही सभी लोगों को जोड़ सकती है. उन्होंने कहा कि यह 'कृष्ण चेतना' ही जो लोगों को एकजुट कर सकती है, यह लोगों को सिखाती है कि हम सभी एक हैं.
उन्होंने कहा, दुनिया में कितनी विविधताएं और मतभेद क्यों न हो, असल में सब कुछ 'कृष्ण' ही हैं. उनका कहना है कि अगर यह विचार हर व्यक्ति तक पहुंच जाए कि 'सब कुछ कृष्ण ही हैं', तो दुनिया बहुत बेहतर बन जाएगी. उनके मुताबिक, अगर यह संदेश दुनिया तक पहुंचता है तो यह दुनिया मौजूदा भौतिक दुनिया से अलग और हर इंसान के लिए स्वर्ग जैसी होगी.
उन्होंने कहा RSS अपनी 100वीं वर्षगांठ मना रहा है. और संघ भी इसी चेतना को समाज में फैलाने का काम करता है. भागवत ने उदाहरण देते हुए इसे समझाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि किसी कंपनी के मालिक, CEO, डायरेक्टर और कई कर्मचारी होते हैं. सभी की जिम्मेदारियां अलग होती हैं, लेकिन सबका मकसद एक ही होता है. अगर सभी को यह पता हो कि वे एक ही लक्ष्य के लिए काम कर रहे हैं तो उनका काम ज्यादा जल्दी और बेहतर तरीके से होगा.
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RSS प्रमुख ने कहा कि इसी तरह दुनिया में लोगों के काम के तरीके अलग हो सकते हैं लेकिन कृष्ण चेतना से सभी एक-दूसरे से जुड़ सकते हैं. उनका कहना है कि सभी को यह समझना होगा कि वे जो भी काम कर रहे हैं उसका मूल उद्देश्य एक ही है. अंत में उन्होंने इस्कॉन मंदिर में अपने स्वागत के लिए आयोजकों का भी आभार जताया.
RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क शहर में 26 2nd एवेन्यू का दौरा करते हुए शहर में बेघर लोगों की मदद करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे खाद्यान वितरण समारोह में भी हिस्सा लिया.