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OpenAI के पूर्व इंजीनियर पर जासूसी का आरोप, सऊदी शाही परिवार से थे संपर्क!

अमेरिका में OpenAI के पूर्व इंजीनियर अब्दुलरहमान अलफोजान पर कंपनी के एक कॉन्फ्रेंस रूम में रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने और संवेदनशील बैठकों की बातचीत रिकॉर्ड करने का आरोप है. अमेरिकी अभियोजकों ने अदालत में दावा किया कि अलफोजान के सऊदी अरब के प्रभावशाली लोगों और शाही परिवार के एक सदस्य से संपर्क थे. अभियोजकों ने उन्हें मुकदमे तक हिरासत में रखने की मांग की है.

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सैन फ्रांसिस्को में OpenAI के ऑफिस में सीक्रेट ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने के आरोप में सऊदी नागरिक गिरफ्तार किया गया है. (Photo- X/@FBI)
सैन फ्रांसिस्को में OpenAI के ऑफिस में सीक्रेट ऑडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने के आरोप में सऊदी नागरिक गिरफ्तार किया गया है. (Photo- X/@FBI)

अमेरिका की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी OpenAI के पूर्व इंजीनियर अब्दुलरहमान अलफोजान पर गंभीर आरोप लगे हैं. दरअसल, उनपर आरोप है कि कंपनी के एक कॉन्फ्रेंस रूम में सीक्रेट तौर से रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाने का आरोप है. अमेरिकी अभियोजकों का दावा है कि इस डिवाइस के जरिए कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों, कारोबार से जुड़े लोगों और सरकारी अधिकारियों की संवेदनशील बैठकों की बातचीत रिकॉर्ड करने की कोशिश की गई.

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, अभियोजकों ने कोर्ट में दाखिल एक दस्तावेज में अलफोजान के सऊदी अरब के प्रभावशाली लोगों से संपर्कों का भी जिक्र किया है. इनमें सऊदी शाही परिवार का एक सदस्य भी शामिल बताया गया है. अभियोजकों ने अदालत से मांग की है कि मुकदमा शुरू होने तक अलफोजान को हिरासत में रखा जाए. उनका कहना है कि वह अमेरिका छोड़कर जा सकते हैं.

दरअसल, अलफोजान सऊदी अरब के नागरिक हैं. अमेरिका में स्थायी रूप से रहने की कानूनी परमिशन उनके पास हैं. उन्हें सोमवार को सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में पेश होना है.

TV के पीछे लगाया गया था रिकॉर्डिंग डिवाइस

अमेरिकी अभियोजकों ने पिछले हफ्ते अलफोजान पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए बातचीत रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया था. शिकायत के मुताबिक, उन्होंने सैन फ्रांसिस्को में OpenAI की एक इमारत के कॉन्फ्रेंस रूम में टीवी के पीछे रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाया था.

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अभियोजकों का कहना है कि डिवाइस लगाए जाने के आसपास के समय में उस कमरे में सरकारी अधिकारियों की बैठकें भी हुई थीं. उनका दावा है कि अलफोजान ने संवेदनशील बैठकों को सीक्रेट तौर से रिकॉर्ड करने के लिए विशेष तरह के एन्क्रिप्टेड डिवाइस तैयार किए थे.

OpenAI ने बताया था कि उसे 30 सितंबर को डिवाइस मिला था. इसके बाद कंपनी ने मामले की जानकारी FBI को दी. अभियोजकों का कहना है कि, जांच अभी जारी है. इस मामले में आगे अतिरिक्त आरोप भी लगाए जा सकते हैं.

सऊदी शाही परिवार के सदस्य से संपर्क का दावा

कोर्ट में दाखिल दस्तावेजों में अलफोजान और सऊदी शाही परिवार के एक सदस्य के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र है. अभियोजकों के मुताबिक, शाही परिवार का यह सदस्य अलफोजान को सऊदी अरब में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी भूमिका में शामिल करना चाहता था.

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डाक्यूमेंट्स में एक मैसेज का जिक्र है, जिसमें उस व्यक्ति ने लिखा था कि सऊदी अरब को आपकी जरूरत अमेरिका से ज्यादा है. इसके जवाब में अलफोजान ने 100 लिखा था. अभियोजकों का दावा है कि अलफोजान सऊदी अरब में काम करने के मौके तलाश रहा था और वहां जाने की योजना बना रहे थे. उन्होंने  कोर्ट में यह भी कहा कि अलफोजान की पत्नी और छोटे बेटे की सऊदी अरब वापसी की यात्रा का खर्च सऊदी सेना से जुड़े एक अधिकारी ने उठाया था.

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वहीं अलफोजान के वकील विलियम पर्निक ने उनकी रिहाई की मांग की थी. उन्होंने प्रस्ताव दिया था कि अलफोजान को इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में रखा जा सकता है और उनका पासपोर्ट जमा कराया जा सकता है. बचाव पक्ष का कहना है कि अलफोजान पिछले 15 साल से अमेरिका में रह रहे हैं. उन्होंने अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन भी किया है. अलफोजान के इस महीने सऊदी अरब जाने की योजना जांच शुरू होने से पहले ही बन गई थी. यह सफर परिवार और इमिग्रेशन से जुड़े कारणों से की जानी थी.

सऊदी अरब में AI से जुड़े काम में थी दिलचस्पी

अलफोजान ने पिछले महीने एक अरबी भाषा के पॉडकास्ट में बताया था कि वह साल में तीन या चार बार सऊदी अरब जाते हैं. उन्होंने कहा था कि वह वहां के घटनाक्रम पर नजर रखते हैं और सऊदी स्टार्टअप कंपनियों को सलाह देने या उनका मार्गदर्शन करने में भी मदद करते हैं.

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उन्होंने यह भी बताया था कि 2016 में सिलिकॉन वैली में सऊदी तकनीकी कर्मचारियों की एक बैठक के दौरान उनकी मुलाकात मोहम्मद बिन सलमान से हुई थी. उस समय बिन सलमान सऊदी अरब के उप-क्राउन प्रिंस थे. इस मुलाकात ने उन्हें किसी बड़ी तकनीकी कंपनी में अनुभव हासिल करने और बाद में अपने देश लौटकर उसका इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया.

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फेसबुक में काम करने के दौरान अलफोजान और सिलिकॉन वैली में रहने वाले कुछ अन्य सऊदी नागरिकों ने एक परामर्श पहल भी शुरू की थी. इसका उद्देश्य सऊदी अरब के सरकारी और निजी संगठनों को बिग डेटा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता से जोड़ना था.

वहीं अभियोजकों ने कोर्ट में कहा है कि अलफोजान के सऊदी अरब में प्रभावशाली लोगों से संपर्क थे और वह वहां अवसर तलाश रहे थे. इसी आधार पर उन्होंने उन्हें मुकदमे तक हिरासत में रखने की मांग की है.
 

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