ओपनAI (Open AI) एक अमेरिकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अनुसंधान संगठन है जिसमें गैर-लाभकारी OpenAI, Inc. शामिल है. ओपन AI 'सुरक्षित और लाभकारी' Artificial Intelligence विकसित करने के लिए इस पर शोध करता है, जो 'इंसानों से बेहतर प्रदर्शन करती है' ओपनए AI ने कई बड़े मॉडल भी विकसित किए हैं, जैसे कि चैटजीपीटी और जीपीटी-4, डीएएलएल-ई 3 और ओपन-सोर्स मॉडल भी विकसित किए हैं.
इस संगठन की स्थापना दिसंबर 2015 में इल्या सुतस्केवर, ग्रेग ब्रॉकमैन, ट्रेवर ब्लैकवेल, विकी चेउंग, आंद्रेज कारपैथी, डर्क किंग्मा, जेसिका लिविंगस्टन, जॉन शुलमैन, पामेला वागाटा और वोज्शिएक ज़रेम्बा ने की थी, जिसमें सैम अल्टमैन (Sam Altman) और एलोन मस्क (Elon Musk) प्रारंभिक बोर्ड के रूप में कार्यरत थे. Microsoft ने Open AI ग्लोबल LLC को 2019 में 1 बिलियन डॉलर और 2023 में 10 बिलियन डॉलर का निवेश किया है.
Elon Musk और OpenAI के बीच बड़ा कानूनी विवाद, नॉन-प्रॉफिट वादे से मुनाफे तक का सफर, Microsoft निवेश, रिश्वत के आरोप और $130 बिलियन की मांग जानिए पूरा मामला.
एलॉन मस्क ने सैम ऑल्टमैन और चैटजीपीटी के बीच एक विवाद चल रहा है, जो अब कोर्ट में जा चुका है. इस मामले में दूसरे दिन की सुनवाई में मस्क ने ओपनएआई पर गंभीर आरोप लगाए और बताया है कि कंपनी ने उनसे झूठ कहा. मस्क ने कहा कि अब मैं खुद को बेवकूफ महसूस करता हूं.
एलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन अब कोर्ट में लड़ रहे हैं. दरअसल OpenAI के फाउंडर्स में से एक एलॉन मस्क भी हैं. अब वो आरोप लगा रहे हैं कि OpenAI जिस काम के लिए बना था वो नहीं कर रहा है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम के बाद से दुनिया की कई बड़ी कंपनियां खत्म होने के कगार पर हैं. ताजा उदाहरण अमेरिका की सबसे बड़ी एड टेक कंपनियों में से एक Chegg है. अरबों डॉलर की ये कंपनी लगभग खत्म हो चुकी है और इसकी वजह AI ही है.
ताजा रिपोर्ट्स में बड़ी टेक कंपनियों के बदलते हायरिंग पैटर्न को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट्स के अनुसार अब रट्टा मारकर डिग्री लेने वालों का जमाना जा रहा है. अब गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी टेक दिग्गज कंपनियां अब मार्कशीट नहीं, 'टैलेंट वेलोसिटी' और 'एआई स्किल' पर लगा रही हैं दांव. जानिए- ये नये बदलाव क्या हैं.
OpenAI के खिलाफ अमेरिका में क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन स्टार्ट हो गई है. दरअसल फ्लोरिडा शूटिंग मामले में अटैकर ने हमले से पहले OpenAI का ChatGPT यूज किया था और कुछ सवाल पूछे थे.
चैटजीपीटी मेकर ओपनएआई ने हेल्थकेयर सेक्टर के लिए नया AI मॉडल लॉन्च कर दिया है. न्यू AI मॉडल का नाम GPT-Rosalind है. इसका यूज ड्रग डिस्कवरी यानी दवाओं की खोज में किया जाएगा. यह रिसर्च को नए आयाम देगा, जिसकी मदद से दवाओं संबंधित रिचर्स जल्द कंप्लीट होंगी.
OpenAI ने ऐलान किया है कि वो अपने पॉपुलर Sora ऐप को बंद कर रही है. दरअसल कंपनी ने हाल ही में एक ऐप लॉन्च किया था जिसका नाम Sora App था. कंपनी इसे बंद कर रही है. इसके पीछे कई वजहें हैं आइए जानते हैं.
अमेरिकी रक्षा विभाग ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस कंपनी Anthropic को एक लेटर भेजा और उनको राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सप्लाई चेन रिस्क बताया गया है. इसके बाद एंथ्रॉपिक सीईओ ने कोर्ट जाने का फैसला किया, जिसपर चैटजीटीपी मेकर OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने कहा कि कोई भी प्राइवेट कंपनी सरकार से बड़ी नहीं हो सकती है.
OpenAI का पहला ऐसा मॉडल भी है जिसमें नेटिव कंप्यूटर-यूज कैपिलिबिटीज दी गई है. इसका सीधा सा मतलब है कि AI सिस्टम यूजर की ओर से कंप्यूटर ऑपरेट किया जा सकेगा और अलग-अलग एप्लीकेशन में जाकर काम भी कर सकेगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
Anthropic पर शिकंजा कसते हुए डोनाल्ड ट्रंप सरकार ने AI कंपनी को सप्लाई चेन रिस्क घोषित कर दिया गया है. इसके बाद सरकारी ठेकेदारों को एंथ्रॉपिक AI चैटबॉट के यूज को बंद करना पड़ेगा, जिसकी वजह से कंपनी का बिजसने बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.
अमेरिका डिफेंस डिपार्टमेंट के साथ OpenAI की पार्टनरशिप पर लोगों का गुस्सा फूटा, जिसके बाद लोगों ने चैटजीपीटी को अनइंस्टॉल करना शुरू किया. इसके बाद अनइंस्टॉल करने की ग्रोथ 300 परसेंट तक पहुंच गई. इसके बाद कंपनी को लोगों के सामने झुकना पड़ा और खुद कंपनी के CEO सैम ऑल्टमैन को इस पूरे मामले पर सफाई देनी पड़ी.
अमेरिका में ChatGPT ऐप के अनइंस्टॉल में एक ही दिन में करीब 295 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई. OpenAI के CEO Sam Altman ने बयान जारी कर यह साफ करने की कोशिश की कि उनकी कंपनी ने अमेरिकी रक्षा विभाग यानी Department of Defense के साथ जो समझौता किया है, उसका असली इरादा क्या है.
8 साल के रणवीर सचदेवा ने कई लोगों को हैरान कर दिया है. नई दिल्ली में संपन्न हाल ही में रणवीर सचदेवा ने खुद को टेक्नोलॉजिस्ट बताया और AI इम्पैक्ट समिट के दौरान मंच संभाला. इस दौरान सचदेवा की मुलाकात गूगल सीईओ सुंदर पिचाई और चैटजीपीटी मेकर ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन से हुई.
भारत में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में दो टेक टायकून ने भले ही मंच पर दूसरे से हाथ न मिलाया हो, लेकिन इस वायरल दृश्य के बावजूद मानवता के भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के योगदान को लेकर दोनों ही लीडर लगभग एक ही दिशा में सोचते हैं. दोनों का की कहना है कि कुछ ही सालों में मशीन इंसानों से ज्यादा काबिलियत हासिल कर लेंगे.
India Today AI Summit में OpenAI Chief Economist का बड़ा बयान—AI कोई बबल नहीं, बल्कि real tech shift है. भारत में AI adoption तेज, jobs और future पर क्या बोले एक्सपर्ट?
AI Impact Summit 2026 भारत में आयोजित. PM Modi के नेतृत्व में global leaders और AI CEOs शामिल. जानें People-Planet-Progress थीम, India का AI vision और summit का महत्व.
OpenAI Dime जल्द लॉन्च हो सकता है. AI सॉफ्टवेयर के बाद कंपनी अब हार्डवेयर सेक्टर में एंट्री करने वाली है. कंपनी का पहला डिवाइस OpenAI Dime हो सकता है. कंपनी ने पहले ही साफ किया था कि उनका AI डिवाइस इस साल के अंत में लॉन्च हो सकता है. हालांकि, OpenAI Dime उससे पहले लॉन्च होगा, जिसकी डिटेल्स लीक हुई हैं.
भारतीय AI मॉडल Sarvam AI ने कमाल कर दिया है. एक बेंचमार्क पर इस प्लेटफॉर्म ने गूगल के जेमिनाई और ओपनएआई के चैटजीपीटी को भी पछाड़ दिया है. भारत AI मॉडल ने एक्युरेसी में बाजी मारी है. अमेरिका के इन दिनों AI का दुनियाभर में डंका बजता है, लेकिन अब इनसे आगे भारतीय AI मॉडल निकल गया है.
ChatGPT मेकर OpenAI एक इयरफोन जैसा डिवाइस बना रहा है, जिसको जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. इसमें वॉयस कमांड देकर टास्क बता सकेंगे, जिसके बाद यह उसे कंप्लीट कर देगा. यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स में किया है और बताया है कि यह मिनी कंप्यूटर की तरह काम करेगा.
ChatGPT मेकर OpenAI ने चार लोगों की टीम खरीदी है और इसकी वैल्यू 900 करोड़ है. दरअसल इन चार लोगों की टीम ने मिल कर हेल्थ AI स्टार्टअप Torch चला रहे थे. OpenAI भी हेल्थ टेक पर काम कर रही है.