अमेरिका में न्यूयार्क के विश्वप्रसिद्ध टाइम्स स्क्वायर में 10 और 11 अक्टूबर को दूसरे 'टाइम्स स्क्वायर दुर्गा उत्सव' का भव्य आयोजन किया गया. खराब मौसम और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बड़ी संख्या में प्रवासी बंगालियों, अमेरिका के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं, अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और स्थानीय निवासियों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
दो दिवसीय आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों, महालया की परंपराओं, संगीत और नृत्य के साथ बंगाली संस्कृति का उत्सव मनाया गया. इस दौरान अमेरिका में कम से कम पांच दशकों से दुर्गा पूजा आयोजित कर रहे छह संगठनों को भी सम्मानित किया गया.
टाइम्स स्क्वायर दुर्गा उत्सव एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में अमेरिका के अलग-अलग राज्यों से बंगाली समुदाय के लोग पहुंचे. कई लोगों के लिए यह आयोजन अपने परिचितों से मिलने और अपनी जड़ों से दोबारा जुड़ने का अवसर बना. विश्व के सबसे चर्चित सार्वजनिक स्थलों में से एक पर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाना प्रवासी समुदाय के लिए गर्व और खुशी का क्षण रहा.
आयोजन में आशा ग्रुप ने इवेंट पार्टनर की भूमिका निभाई, जबकि अपना बाजार का सहयोग मिला. आयोजकों, सहयोगियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर धार्मिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सफल बनाने में योगदान दिया.
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पूजा, संगीत और नृत्य ने बांधा समां
उत्सव के पहले दिन से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी. श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का ध्यान खींचा. दूसरे दिन संगीत, नृत्य और सम्मान समारोह खास आकर्षण रहे. बंगाली गीतों पर नृत्य प्रस्तुतियों, बच्चों और युवाओं के कार्यक्रमों तथा दर्शकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने माहौल को जीवंत बना दिया. अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को सांस्कृतिक मेल-मिलाप का अवसर भी बनाया.
आयोजकों के मुताबिक, उत्सव को जोहरान ममदानी की ओर से शुभकामना संदेश मिला. कार्यक्रम में न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत बिनया प्रधान, मारियो मैक्स और संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी शामिल हुए. उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण उन छह संगठनों को सम्मानित करना रहा, जो अमेरिका में कम से कम पांच दशकों से दुर्गा पूजा आयोजित कर रहे हैं और बंगाली संस्कृति को सहेजने में योगदान दे रहे हैं.
इन संगठनों के लंबे समय से जारी प्रयासों ने अमेरिका में बंगाली परंपराओं, त्योहारों और सांस्कृतिक गतिविधियों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है. सम्मान समारोह के जरिए विदेश में पले-बढ़े बंगाली बच्चों और युवाओं को अपनी भाषा, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान से जोड़े रखने के महत्व को भी रेखांकित किया गया.
नृत्य नाटिका और संगीत प्रस्तुतियां रहीं खास
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ‘दश महाविद्या’ पर आधारित नृत्य नाटिका और मेखला दासगुप्ता तथा देयाशिनी रॉय की संगीत प्रस्तुतियां शामिल रहीं. बच्चों और युवाओं ने भी अपनी प्रस्तुतियों के जरिए बंगाली भाषा, संगीत और परंपराओं के प्रति जुड़ाव दिखाया.
कार्यक्रम के आयोजक और उत्सव की स्मारिका के संपादक बिश्वजीत साहा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बंगाली संस्कृति को बढ़ावा देने वाले लोगों और संगठनों के योगदान को रेखांकित किया. उपस्थित लोगों ने भी न्यूयॉर्क के केंद्र में अपनी परंपराओं को जीवंत होते देखने पर खुशी जाहिर की.