नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. बाढ़ में 400 से ज्यादा मालवाहक कंटेनर ट्रक बह गए हैं. इन ट्रकों से जुड़े चालक, सहचालक, मजदूर और व्यापारी समेत 1,000 से ज्यादा लोग अब तक संपर्क में नहीं हैं. कारोबारी संगठनों के मुताबिक, नुकसान का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है.
बाढ़ की चपेट में रसुवागढ़ी-केरुंग नाका और त्रिशूली गलियारा क्षेत्र भी आया है. इन इलाकों में बड़ी संख्या में कंटेनर ट्रक सामान लेने पहुंचे थे. इनमें से कई ट्रक तीज, दशैं और तिहार के लिए जरूरी सामान लेने गए थे. अचानक आई बाढ़ ने इन वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया.
नेपाल ट्रक कंटेनर व्यवसायी संघ के मुताबिक, संघ में कुल 966 कंटेनर ट्रक रजिस्टर्ड हैं. बाढ़ आने से पहले करीब 175 ट्रक सामान लेने के लिए केरुंग की ओर गए थे. इनमें काम करने वाले कई लोग अब संपर्क में नहीं हैं.
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सिर्फ चालकों की संख्या 400 से ज्यादा
नेपाल ट्रक कंटेनर व्यवसायी संघ के अध्यक्ष अर्जुनबहादुर सापकोटा ने बताया कि 400 से ज्यादा चालक ही लापता हैं. उनके साथ सहचालक और दूसरे कर्मचारी भी थे. कई लोग अपने ही वाहन के मालिक और चालक के रूप में काम करते थे. इन लोगों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है.
सापकोटा के मुताबिक, सिर्फ ट्रक कर्मचारियों को गिनने पर ही संख्या काफी ज्यादा है. इसके अलावा सामान खरीदने गए व्यापारी, सीमा शुल्क एजेंट और दूसरे यात्री भी प्रभावित हुए हैं. इन सभी को जोड़ने पर लापता और फंसे लोगों की संख्या 1,000 से भी ज्यादा हो सकती है.
कई इलाकों के वाहन भी फंसे
बाढ़ से सिर्फ रसुवा के कंटेनर ट्रक ही प्रभावित नहीं हुए हैं. दूसरे क्षेत्रों के परिवहन संगठनों के वाहन भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हुए हैं. नारायणी, बल्खु और पोखरा-गंडकी समेत कई जगहों के वाहन इस आपदा की चपेट में आए हैं.
कारोबारियों का कहना है कि कई वाहनों और उनमें मौजूद लोगों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिल पाई है. ऐसे में नुकसान का सही आंकड़ा सामने आने में समय लग सकता है.
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भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ ने कंटेनर कारोबार को बड़ा झटका दिया है. बड़ी संख्या में ट्रक बहने से कारोबारियों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. ट्रकों में लदा सामान भी बाढ़ में बह गया या खराब हो गया है.
कारोबारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता लापता लोगों को लेकर है. उनके परिवार लगातार जानकारी का इंतजार कर रहे हैं. राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लोगों की तलाश कर रहे हैं. हालांकि, बाढ़ के बाद कई जगहों पर हालात बेहद मुश्किल बने हुए हैं.
फिलहाल प्रशासन और संबंधित संगठन लापता लोगों और वाहनों की जानकारी जुटाने में लगे हैं. प्रभावित इलाके में राहत और बचाव अभियान जारी है. कारोबारियों का कहना है कि बाढ़ से हुआ नुकसान अब तक का सबसे बड़ा नुकसान हो सकता है.