रसुवा (Rasuwa) जिला नेपाल के बागमती प्रदेश में स्थित 13 जिलों में से एक है. यह नेपाल के कुल 77 जिलों में भी शामिल है. जिले का मुख्यालय धुन्चे में है, जो गोसाईंकुंड ग्रामीण नगरपालिका क्षेत्र में आता है. 26 अगस्त 2026 को भोटेकोशी नदी में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति बनी, जिससे रसुवा जिले और त्रिशूली नदी बेसिन में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ.
रसुवा का कुल क्षेत्रफल करीब 1,544 वर्ग किलोमीटर है. 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी करीब 43,300 थी. इसी जनगणना में यहां कुल 9,778 घर दर्ज किए गए थे.
रसुवा नाम की उत्पत्ति को लेकर एक मान्यता है. माना जाता है कि इसका पुराना नाम रासोवा था. यह नाम तिब्बती भाषा के दो शब्दों रा और सोवा से जुड़ा माना जाता है. रा का अर्थ मेमना और सोवा का अर्थ चरागाह या चरने की जगह बताया जाता है. माना जाता है कि यह इलाका पहले मेमनों और चरागाहों के लिए जाना जाता था, इसलिए इसका नाम रसुवा पड़ा.
भौगोलिक रूप से रसुवा एक पहाड़ी और हिमालयी जिला है. जिले के उत्तर में लांगटांग पर्वत श्रृंखला स्थित है. क्षेत्र का उत्तरी हिस्सा बड़े पैमाने पर लांगटांग राष्ट्रीय उद्यान की सीमा में आता है. यहां ऊंचे पहाड़, बर्फ से ढकी चोटियां, झीलें, जंगल और प्राकृतिक रास्ते देखने को मिलते हैं. यही वजह है कि रसुवा नेपाल के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों में गिना जाता है.
रसुवा में गोसाईंकुंड झील सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है. इसे फ्रोजन लेक के नाम से भी जाना जाता है. यह लांगटांग क्षेत्र में स्थित एक पहाड़ी झील है. गोसाईंकुंड के आसपास करीब 108 कुंड या झीलें होने की मान्यता है. इनमें सरस्वती कुंड, भैरव कुंड, सूर्य कुंड और गोसाईंकुंड प्रमुख हैं.
गोसाईंकुंड धार्मिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं. ऊंचाई वाले इस क्षेत्र तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है. पहाड़ी रास्तों, प्राकृतिक नजारों और शांत वातावरण के कारण यह जगह ट्रैकिंग पसंद करने वाले लोगों के बीच भी लोकप्रिय है.
रसुवा में गंजला दर्रा भी प्रमुख आकर्षण है. इसके अलावा ब्रिदिम का तामांग गांव अपनी स्थानीय संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली के लिए जाना जाता है. यहां आने वाले पर्यटकों को हिमालयी क्षेत्र के गांवों में रहने वाले लोगों की संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी को करीब से देखने का मौका मिलता है.
प्राकृतिक संसाधनों के मामले में भी रसुवा महत्वपूर्ण है. नेपाल सरकार के खनिज एवं भूविज्ञान विभाग के अनुसार जिले में विभिन्न प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं. पहाड़ों, जंगलों, नदियों और झीलों से घिरा यह जिला नेपाल के प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है.
रसुवा नेपाल का छोटा लेकिन प्राकृतिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है. लांगटांग पर्वत श्रृंखला, गोसाईंकुंड झील, गंजला दर्रा और तामांग गांव इसकी प्रमुख पहचान हैं. हिमालयी प्रकृति, धार्मिक आस्था और स्थानीय संस्कृति का मेल रसुवा को नेपाल के खास जिलों में शामिल करता है.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ पर दुख जताया है. उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि सरकार राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए सभी संसाधन जुटा रही है. शाह ने बताया कि घायलों के इलाज के लिए काठमांडू के अस्पतालों में 100 बेड आरक्षित किए गए हैं. इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी और अस्थायी आवास के इंतजाम किए जा रहे हैं.
नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाके में आई बाढ़ में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं को फंस गए हैं. ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु ने बताया कि गिरोंग में इमिग्रेशन सेंटर बाढ़ की चपेट में आ गया है, जहां उनकी संस्था की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 77 लोग फंसे हैं.