इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक चैनल को दिया इंटरव्यू में इस बात की पुष्टि की है कि 7 अक्टूबर 2023 को मिस्र के तत्कालीन खुफिया प्रमुख अब्बास कामेल ने इजरायल का दौरा किया था. लेकिन उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने तत्कालीन खुफिया प्रमुख से मुलाकात नहीं की थी और उन्हें नहीं पता कि उन्होंने किससे मुलाकात की थी. नेतन्याहू ने आरोपों को झूठ बताया और कहा कि खुफिया प्रमुख आमतौर पर देश के प्रमुख से नहीं मिलते.
इजरायल के चैनल 14 को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने यह स्वीकारा है कि 7 अक्टूबर को मिस्र के तत्कालीन इंटेलिजेंस चीफ अब्बास कामेल ने इजरायल का दौरा किया था और यहां 59 मिनट बिताए थे. लेकिन इस दौरान उन्होंने किससे मुलाकात की इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है.
उन्होंने मुलाकात की बात को झूठा बताते हुए कहा कि उनपर आरोप लगाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी सवाल किया कि खुफिया प्रमुख कब से देश के प्रमुख से मिलने लगे.
'यह सब झूठ है'
उन्होंने कहा, 'वे यहां की जमीन पर सिर्फ 59 मिनट थे. कोई मुझे पर आरोप लगाने की कोशिश कर रहा है, यह सब झूठ है. इंटेलिजेंस चीफ कब से आकर किसी देश के प्रमुख से बात करने लगे? मेरे साथ ऐसा कभी नहीं हुआ. ऐसा कुछ नहीं होता. शायद दूसरे नेताओं के साथ ऐसा होता हो, लेकिन मेरे साथ नहीं हुआ.'
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दरअसल, विदेशी मीडिया में लंबे समय से दावा किया जा रहा था कि मिस्र की खुफिया एजेंसी ने हमास हमले से पहले इजरायल को इसकी चेतावनी दी थी. लेकिन इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ऐसी किसी भी संभावना से साफ इनकार किया है.