मिस्र
मिस्र (Egypt), आधिकारिक तौर पर मिस्र का अरब गणराज्य (Arab Republic of Egypt), एक अंतरमहाद्वीपीय देश है (Transcontinental Country). यह अफ्रीका के पूर्वोत्तर कोने और एशिया के दक्षिण-पश्चिम कोने में फैला हुआ है. इसकी सीमा उत्तर में भूमध्य सागर, उत्तर पूर्व में गाजा पट्टी (फिलिस्तीन) और इजराइल, पूर्व में लाल सागर, दक्षिण में सूडान और पश्चिम में लीबिया से लगती है. उत्तर पूर्व में अकाबा की खाड़ी मिस्र को जॉर्डन और सऊदी अरब से अलग करती है (Egypt ). काहिरा देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है (Capital of Egypt).
मिस्र का इतिहास किसी भी देश के सबसे लंबे इतिहासों में से एक है, जिसकी शुरुआत नील डेल्टा के साथ छठी से चौथी सहस्राब्दी ईसा पूर्व में होती है. इसे सभ्यता का पालना माना जाता है. प्राचीन मिस्र लेखन, कृषि, शहरीकरण, संगठित धर्म और केंद्र सरकार के कुछ शुरुआती विकास का गवाह रहा. गीजा नेक्रोपोलिस और इसके ग्रेट स्फिंक्स जैसे प्रतिष्ठित स्मारक, साथ ही मेम्फिस, थेब्स, कर्णक और किंग्स की घाटी के खंडहर, इस विरासत को दर्शाते हैं. मिस्र ईसाई धर्म का एक प्रारंभिक केंद्र था, लेकिन सातवीं शताब्दी में इसका बड़े पैमाने पर इस्लामीकरण हुआ. ब्रिटिश साम्राज्य से 1922 में स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद आधुनिक मिस्र की शुरूआत हुई. 1952 की क्रांति के बाद, मिस्र एक गणतंत्र बना. 1958 में संयुक्त अरब गणराज्य बनाने के लिए सीरिया के साथ इसका विलय हुआ और 1961 में भंग हो गया. 1948, 1956, 1967 और 1973 में इसने इजराइल के साथ कई सशस्त्र संघर्ष किए. 1978 में, मिस्र ने कैंप डेविड समझौते पर हस्ताक्षर किए, आधिकारिक तौर पर गाजा पट्टी से हटकर इजरायल को मान्यता दी (History of Egypt).
इस्लाम मिस्र का आधिकारिक धर्म है और अरबी इसकी आधिकारिक भाषा है (Egypt Religion and Language). 10 करोड़ से अधिक निवासियों के साथ, मिस्र उत्तरी अफ्रीका, मध्य पूर्व और अरब दुनिया में सबसे अधिक आबादी वाला देश है. इसके अधिकांश लोग नील नदी के तट के पास रहते हैं, जो लगभग 40,000 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है (Egypt Population). मिस्र का ज्यादातर हिस्सा सहारा रेगिस्तान के बड़े क्षेत्र में पड़ता है (Sahara Desert in Egypt). मिस्र के लगभग आधे निवासी शहरी क्षेत्रों में रहते हैं, जिनमें से अधिकांश काहिरा, अलेक्जेंड्रिया और नील डेल्टा के अन्य प्रमुख शहरों के घनी आबादी वाले केंद्रों में फैले हुए हैं (Urban Population in Egypt).
मिस्र एक विकासशील देश है, जो मानव विकास सूचकांक में 116वें स्थान पर है. इसकी एक विविध अर्थव्यवस्था है, जो अफ्रीका में दूसरी सबसे बड़ी, जीडीपी के आधार पर विश्व में 33वीं सबसे बड़ी और पीपीपी के आधार पर 20वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है (Egypt Economy). मिस्र संयुक्त राष्ट्र, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, अरब लीग, अफ्रीकी संघ, इस्लामी सहयोग संगठन और विश्व युवा मंच का संस्थापक सदस्य है (Egypt in World Forums).
रमजान से पहले गाजा युद्ध पर आधारित मिस्र के नए टीवी सीरियल 'साहब अल-अर्द' का ट्रेलर जारी होते ही विवाद खड़ा हो गया. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे "त्रासदी का व्यावसायीकरण" बताते हुए विरोध जताया, जबकि कुछ ने इसे मिस्र की छवि सुधारने की कोशिश करार दिया.
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान का वॉर-रूम पूरी तरह एक्टिव हो गया है. ईरानी सांसद के मुताबिक देश किसी भी हमले का तुरंत और निर्णायक जवाब देने को तैयार है. इस बीच विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की के नेताओं से बातचीत कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की.
US-Iran tension तेज, Tehran का war-room fully active. Iran attack के लिए तैयार, FM Abbas Araghchi ने Saudi, Egypt और Turkey से की बात, regional war की आशंका बढ़ी.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान की ओर 'मैसिव अर्माडा' जा रहा है, जो वेनेजुएला ऑपरेशन से भी बड़ा है. USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप सहित जहाज तैनात हैं. ट्रंप चाहते हैं कि ईरान न्यूक्लियर डील पर बात करे, वरना हमला होगा. ईरान बातचीत के लिए तैयार है लेकिन अपनी शर्तों पर. उसने ये भी कहा है कि हमले पर जवाब देगा. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.
अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.
अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारी में है, लेकिन सऊदी अरब, UAE और कतर ने साफ कर दिया है कि वे अपना एयरस्पेस और लॉन्चपैड नहीं देंगे. ऐसे में जॉर्डन अमेरिका का संभावित रणनीतिक साझेदार बनकर उभर रहा है. खाड़ी देशों की दूरी ने ट्रंप प्रशासन की रणनीति को झटका दिया है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और गहरा गया है.
सऊदी अरब समेत आठ मुस्लिम देशों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने की घोषणा की है. मुस्लिम देशों के इस कदम पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आई हैं. कुछ लोग इसे फिलिस्तीन के हितों के खिलाफ मान रहे हैं.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान पर सैन्य हमले से बचने का आग्रह किया है. उनकी यह अपील बेहद हैरान करने वाली है क्योंकि इजरायल ईरान का कट्टर दुश्मन है. सऊदी अरब, कतर, ओमान और मिस्र जैसे अरब देशों ने भी अमेरिका को सैन्य कार्रवाई से बचने का आग्रह किया है.
भारत में मिस्र दूतावास ने ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम के उद्घाटन के अवसर पर एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया. संग्रहालय गिजा के पास स्थित है और इसमें तूतनखामुन की 5,000 वस्तुएं पहली बार एक साथ प्रदर्शित की गई हैं.
मिस्र में गाजा पीस प्लान पर हस्ताक्षर के समय इटली की PM जॉर्जिया मेलोनी आकर्षण का केंद्र रहीं. भरे मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनकी तारीफ की. इसके अलावा, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगान ने भी मेलोनी से मुलाकात के वक्त उन्हें स्मोकिंग छोड़ने की सलाह दी. देखें US टॉप 10.
मिस्र के शर्म-अल-शेख में शांति सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी कनाडा का राष्ट्रपति कहकर संबोधित किया. दोनों नेता मुस्कुराते हुए मजाक करते दिखे. गाजा में सीजफायर को लेकर मिस्र में कई देशों के नेता जुटे थे, जिसमें ट्रंप और कार्नी भी पहुंचे थे.
हादसा उस समय हुआ है जब शहर में सोमवार को गाजा युद्ध खत्म करने और क्षेत्रीय शांति स्थापित करने के उद्देश्य से एक वैश्विक शांति सम्मेलन होने वाला है. हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे में मारे गए डिप्लोमैट्स कतर की उस वार्ता टीम का हिस्सा थे, जिसने गाजा योजना के पहले चरण पर समझौता कराने में भूमिका निभाई थी.
दुनिया में कुछ ऐसे देश हैं, जिनका वीज़ा पाने के लिए आम आदमी को अपनी पूरी ज़िंदगी की कमाई भी शायद पर्याप्त न हो. ये वीज़ा मुख्य रूप से निवेश या "गोल्डन वीज़ा" प्रोग्राम के जरिए मिलते हैं और इनकी कीमत लाखों डॉलर में होती है.
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हमास और इजरायल के बीच यह समझौता मिस्र में कई दिनों तक चली वार्ता के बाद हुआ है, जहां अमेरिका, इजरायल, मिस्र और कतर के वार्ताकार ट्रंप के प्रस्तावित बंधक-युद्धविराम समझौते की रूपरेखा पर काम कर रहे थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे इस वीकेंड मिस्र जा सकते हैं, क्योंकि अमेरिका, कतर, मिस्र और इज़रायल के वार्ताकार गाजा जंग खत्म करने और बंधकों की अदला-बदली के लिए सीजफायर समझौते को अंतिम रूप देने के करीब हैं.
मिस्र के शर्म अल-शेख में इज़रायल और हमास अमेरिका-समर्थित योजना पर अप्रत्यक्ष वार्ता कर रहे हैं. हमास ने रिहाई के फॉर्मूले पर सहमति जताई लेकिन कई मुद्दे अभी भी विवादित बने हुए हैं.
मिग-21 की कहानी सिर्फ हादसों की नहीं, बल्कि शौर्य और जीत की लंबी दास्तान है. सोवियत संघ में 1950 के दशक में बना यह तेज सुपरसोनिक जेट वियतनाम, छह-दिवसीय और योम किप्पुर युद्धों में दुश्मनों को धूल चटाया. भारत में 1963 से सेवा, 1971 युद्ध में पाक विमान गिराए. 60 साल बाद, 26 सितंबर 2025 को रिटायर हो रहा है.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप का भाषण दुनियाभर में अमेरिकी धाक और आठ महीनों की सरकार की उपलब्धियों पर केंद्रित होगा.
हमास के लोगों को खत्म करने के लिए इजरायल ने कतर की राजधानी दोहा पर अटैक किया. इसके बाद से मुस्लिम देशों में अफरातफरी है. यहां तक कि अरब लीग और इस्लामिक देश मिलकर एक नाटो खड़ा करने की सोच रहे हैं. ऐसा प्रस्ताव साल 2015 में भी आ चुका था. लेकिन अलग-अलग हित रखते देश क्या एक सैन्य छतरी के नीचे आ सकेंगे?
नए शोध में पता चला है कि मिस्र से पहले चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया की प्राचीन सभ्यताएं मृतकों का ममीकरण करती थीं. यह तकनीक 10,000 साल से भी पुरानी हो सकती है. नई खोज मानव सभ्यता की प्राचीन परंपराओं को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देगी.