मिडिल-ईस्ट में चल रही जंग के बीच ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बड़ा दावा कर दिया है. उन्होंने मंगलवार को सरकारी टीवी पर जानकारी दी कि ओमान के साथ हो रहे नए समझौते के तहत ईरान, होर्मुज से किसी भी देश के सैन्य जहाजों को गुजरने नहीं देगा.
काज़ेम गरीबाबादी ने कहा, 'अगर ओमान के साथ चल रही ये बातचीत और समझ एक समझौते में बदल जाती है, तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से किसी भी सैन्य जहाज को गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी. बिल्कुल भी कोई सैन्य जहाज नहीं.'
उन्होंने कॉमर्शियल जहाजों के नए रूट का ब्योरा देते हुए बताया कि ओमान की खाड़ी से फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाला मार्ग पूरी तरह से ईरानी समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरेगा. वहीं, बाहर निकलने वाला रास्ता आंशिक रूप से ईरान और आंशिक रूप से ओमान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र से होकर गुजरेगा.
ट्रंप ने दी चेतावनी
वहीं. अमेरिकी प्रशासन ने ओमान को कह दिया है कि वो ईरान और ओमान के इस संयुक्त प्रबंधन समझौते के कई हिस्सों के खिलाफ है. अमेरिका तेल और प्राकृतिक गैस की ग्लोबल सप्लाइ के लिए बेहद अहम इस जलमार्ग पर ईरान-ओमान के साझा नियंत्रण से सख्त ऐतराज है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते ओमान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर ओमान उनके रास्ते में रुकावट बनता है, तो वो वहां बमबारी करने से पीछे नहीं हटेंगे.
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बता दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमला कर दिया था. 6 महीने बाद भी ये तनाव बरकरार है और अब तक कोई समझौता नहीं हो सका है. होर्मुज पर कंट्रोल, ईरान और अमेरिका के बीच अहम मुद्दा बनी हुआ है.