ओमान
ओमान (Oman), दक्षिण-पश्चिमी एशिया में स्थित एक अरब देश है. यह अरब प्रायद्वीप के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित है और फारस की खाड़ी तक फैला है. ईरान और पाकिस्तान के साथ समुद्री सीमाओं को साझा करते हुए ओमान सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और यमन के साथ भूमि सीमा साझा करता है. तट दक्षिण-पूर्व में अरब सागर और उत्तर-पूर्व में ओमान की खाड़ी से बनता है. माधा और मुसंडम एक्सक्लेव संयुक्त अरब अमीरात से उनकी भूमि सीमाओं पर घिरे हुए हैं. ओमान की खाड़ी के साथ मुसंदम की तटीय सीमाएं बनाते हैं (Oman Geographical Location). ओमान की राजधानी मस्कट (Muscat) है, जो सबसे बड़ा शहर भी है (Oman Capital).
सुल्तान कबूस बिन सईद देश के वंशानुगत नेता थे जो 1970 से 10 जनवरी 2020 तक सुल्तान बने रहे. उनकी मृत्यु के बाद ओमान के सुल्तान के सिंहासन के उत्तराधिकार के नियमों के अनुसार उनके पुत्र नए सम्राट होते. लेकिन उनकी कोई नहीं थी. सुल्तान परिवार ने घोषणा की कि कबूस बिन सईद ने अपने चचेरे भाई, हैथम बिन तारिक को अपना उत्तराधिकारी बनाया था. अब हैथम बिन तारिक ओमान के सुल्तान हैं (Sultan of Oman).
ओमान अरब दुनिया में सबसे पुराना स्वतंत्र राज्य है. यह संयुक्त राष्ट्र (United Nations), अरब लीग (Arab League), गल्फ सहयोग परिषद (Gulf Cooperative Council), गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement) और इस्लामी सहयोग संगठन (Islamic Cooperative Organisation) का सदस्य है. ओमान तेल भंडार के मुताबिक विश्व मे 22वें स्थान पर है (Oman Oil Reserves).
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान की यात्रा के बाद दोबारा पाकिस्तान लौटने की तैयारी में हैं. दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के रुख से नाराज होकर अपने प्रतिनिधियों का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया है. दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिरोध लगातार गहराता जा रहा है.
Big Deals Of India: भारत ने तमाम ग्लोबल चुनौतियों के बीच अपनी रणनीति के तहत एक के बाद कई बड़ी डील की हैं. बीते छह सालों में मोदी सरकार मॉरिसस, ओमान से लेकर यूरोपीय यूनियन, न्यूजलैंड तक के साथ FTA साइन किए हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के खतरे के बाद सऊदी अरब, यूएई, इराक और ओमान जैसे अरब देश पोर्ट से पाइपलाइन तक का रास्ता बना रहे हैं. सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, यूएई की हबशान-फुजैरा पाइपलाइन और इराक की किर्कुक-सेयहान पाइपलाइन को फुल स्पीड पर चलाया जा रहा है. ताकि तेल एक्सपोर्ट आराम से हो सके.
इजरायल द्वारा सोमालीलैंड में अपना राजनयिक प्रतिनिधि नियुक्त करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है. सऊदी, कतर सहित 16 देशों ने चेतावनी दी है कि यह कदम अफ्रीका के हॉर्न क्षेत्र की स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बन सकता है.
अमेरिका-ईरान बातचीत के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में ओमानी रास्ते से जहाजों को सुरक्षित गुजरने देने का प्रस्ताव दिया है. इसके बाद, फंसे टैंकरों और वैश्विक तेल सप्लाई को राहत मिलने की उम्मीद है.
अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नाकेबंदी लगा रखी है. अभी अमेरिका के 10 हजार जवान और दर्जनों युद्धपोत और एयरक्राफ्ट ओमान की खाड़ी और लाल सागर में तैनात है. इस बीच ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिका का ये कदम सीजफायर का उल्लंघन है और अगर अमेरिका ऐसा करता रहता है तो वह तीन सागरों में वर्ल्ड ट्रेड बंद करवा देगा.
अमेरिका ने खाड़ी में नाकाबंदी के तहत ईरान से जुड़े 8 तेल टैंकरों को रोका है. इन जहाजों को बीच समुद्र में इंटरसेप्ट कर वापस लौटने के लिए कहा गया. अमेरिकी रणनीति के तहत जहाजों की निगरानी कर उन्हें रोका जा रहा है.
जब पश्चिम एशिया जल रहा हो और 'होर्मुज की खाड़ी' पर युद्ध के बादल मंडरा रहे हों, तब पूरी दुनिया समाधान की तलाश में भटक रही है. लेकिन भारत के लिए इसका जवाब बहुत पहले से उसकी आँखों के सामने है, जिसे शायद हमने अब तक पूरी तरह पहचाना नहीं. वो देश है ओमान. ओमान की रणनीतिक क्षमता को पूरी तरह इस्तेमाल न करना, शायद हमारे समय की सबसे बड़ी कूटनीतिक चूक हो सकती है. देखें कूटनीति.
28 फरवरी से शुरू हुई अमेरिका, इजरायल और ईरान की 40 दिन की जंग में 3640 लोग मारे गए. ईरान में 2076, लेबनान में 1497, इजरायल में 26 और अमेरिका में 13 मौतें हुईं. 90 हजार घर, 760 स्कूल और 307 अस्पताल तबाह हो गए. खाड़ी देशों में भी भारी नुकसान हुआ.
ईरान जंग के बीच दुनियाभर में स्ट्रेट ऑफ हार्मुज सबसे ज्यादा चर्चित विषय बन चुका है. जंग की वजह से इस संकरे रास्ते के आसपास सैकड़ों की तादाद में जहाज फंसे हुए हैं. ऐसे में हम जानेंगे कि वहां फंसे हुए जहाजों और उनमें सवार नाविकों को ऐसे हालात में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
US-Israel-Iran War LIVE Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ स्ट्रेट न खुलने पर पावर प्लांट और पुलों पर हमले की धमकी दी है. ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. इस बीच ओमान, पाकिस्तान और मिस्र कूटनीतिक कोशिशों में लगे हुए हैं.
कभी मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में भारतीय रुपये चलते थे. ब्रिटेन से आजादी मिलने के बाद तक रुपया का रुतबा ऐसा था कि कतर, बहरीन, ओमान, यूएई, सऊदी अरब में भारतीय रुपया का बोलबाला था. फिर 60 के दशक में कुछ ऐसा हुआ कि इन देशों ने अपनी करेंसी शुरू कर दी. जानते हैं आखिर इसके क्या कारण थे.
मिडल ईस्ट में चल रही जंग के बीच एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ आया है. सऊदी अरब और यूएई सहित अमेरिका के खाड़ी सहयोगियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने को कहा है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित है. ईरान इसे अपना मानकर विदेशी जहाजों पर कंट्रोल चाहता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कानून (UNCLOS) के अनुसार यह सभी देशों के लिए खुला रहना चाहिए. ट्रांजिट पैसेज का अधिकार किसी भी देश द्वारा रोका नहीं जा सकता. दुनिया ईरान के एकतरफा दावे को स्वीकार नहीं करती.
रिपोर्ट के अनुसार, पर्दे के पीछे से मैसेज केवल ओमान और तुर्की के जरिए ही नहीं, बल्कि भारत और यूएई के माध्यम से भी भेजे जा रहे थे. इससे संकेत मिलता है कि कई देश इस संकट को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की कोशिश में लगे हुए हैं.
पश्चिम एशिया में ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का युद्ध बढ़ता जा रहा है. इस कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. होर्मुज स्ट्रेट पर रुकावट के कारण भारत ने आसपास के समंदर में अपनी नौसेना की तैनाती बढ़ा दी है ताकि व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया समेत 5 देशों के शीर्ष नेताओं से बातचीत में होर्मुज के रास्ते मुक्त आवाजाही पर जोर दिया है. उन्होंने खाड़ी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बात कर ईद की भी बधाई दी. पीएम कुछ देशों के नेताओं से ईरान जंग शुरू होने के बाद दो-दो बार बात कर चुके हैं.
पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच 2.44 लाख भारतीय लौट चुके हैं. सरकार ने निकासी तेज की हैं और फ्लाइट्स आ रही हैं. ओमान से भी भारत के कई शहरों के लिए उड़ानें ऑपरेट हो रही हैं.
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अपनी जान गंवाने वाले पांच भारतीयों में से दो के पार्थिव शरीर मंगलवार को भारत पहुंच गए. विदेश मंत्रालय ने इस दुखद घड़ी में परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और अन्य फंसे हुए नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया है.
ओमान के सलाला पोर्ट पर तेल स्टोरेज टैंकों को ड्रोन से निशाना बनाया गया. ओमानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार ड्रोन हमले के बाद पोर्ट के फ्यूल स्टोरेज टैंक में आग लग गई. हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है.
ओमान के सुल्तान हैतम बिन तारिक अल सईद ने हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद फिजिशियान से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने ओमानी क्षेत्र में हो रहे हमलों पर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की. सुल्तान ने स्पष्ट किया कि ओमान अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.