विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर मंदिर में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया, जब कावड़ यात्रियों के एक दल ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जबरन नंदी हॉल और गर्भगृह में प्रवेश करने की कोशिश की. रोकने पर उपद्रवियों ने वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों के साथ जमकर मारपीट की, जिसमें आधा दर्जन (6) सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं. इनमें से दो कर्मचारियों की हालत गंभीर बताई जा रही है.
इस पूरी खौफनाक घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद मंदिर प्रबंध समिति ने दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई करने का फैसला किया है.
बैरिकेडिंग तोड़ी, दान पेटियां पटकीं
दरअसल, सावन माह के चलते महाकाल मंदिर में रोजाना लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. बुधवार दोपहर करीब 40 से 50 कावड़ यात्रियों का एक दल मंदिर परिसर में दाखिल हुआ. प्रतिबंध के बावजूद दल के सदस्यों ने जबरन नंदी हॉल में घुसने का प्रयास किया.
जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उपद्रवियों ने नंदी हॉल में लगी बैरिकेडिंग तोड़ दी और वहां रखी दान पेटियों को इधर-उधर फेंकना शुरू कर दिया. इसके बाद वे अनधिकृत रूप से सीधे भगवान महाकाल के गर्भगृह की तरफ बढ़ने लगे. देखें VIDEO:-
सुरक्षाकर्मियों पर हमला, 6 घायल
अनाधिकृत प्रवेश से रोकने पर कावड़ यात्रियों के दल ने सुरक्षा व्यवस्था में तैनात गार्ड्स पर हमला कर दिया और उनके साथ हाथापाई व मारपीट शुरू कर दी. अचानक हुए इस हमले में आधा दर्जन सुरक्षाकर्मी चोटिल हो गए, जिनमें से 2 को गंभीर चोटें आने के कारण तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बाद में पुलिस और अन्य सुरक्षाकर्मियों के अतिरिक्त बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर काबू पाया और व्यवस्था को प्रभावित करने वाले उपद्रवियों को नंदी हॉल से बाहर खदेड़ा.
मंदिर प्रबंध समिति की चेतावनी
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है. मंदिर प्रशासन ने साफ किया है कि घटना के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त धाराओं में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा. धार्मिक आस्था की आड़ में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़, बैरिकेडिंग तोड़ना, मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना या सुरक्षाकर्मियों पर हमला करना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.