होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत अब आखिरी दौर में पहुंच चुकी है, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि सिर्फ शिपिंग रूट पर समझौता होने से स्ट्रेट पूरी तरह नहीं खुलेगा. युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान टैंकरों पर टोल वसूल रहा है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और दुनियाभर में महंगाई से हुए नुकसान का मुआवजा भी इसमें शामिल है. इसी बीच ईरान के सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा है कि हाल के घटनाक्रम ने ईरानी सेना की ताकत और आम जनता के हौसले को साबित कर दिया है.
वेलायती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हाल के हालात ईरानी सेना की मजबूती, जनता के धैर्य और प्रतिरोध की हिम्मत को दिखाते हैं. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल की हार ने इस सोच को और मजबूत किया है कि इलाके में असुरक्षा की मुख्य वजह विदेशी ताकतें हैं और उन्हें यहां से जाना ही होगा. वेलायती ने क्षेत्र के देशों से आपसी सहयोग बढ़ाने की भी अपील की, ताकि इलाके की सुरक्षा पक्की की जा सके. गौरतलब है कि रेजिस्टेंस एक्सिस नाम का यह गठबंधन साल 2002 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के ‘एक्सिस ऑफ ईविल’ बयान के जवाब में सामने आया था, जिसमें ईरान समेत कुछ देशों को आतंकवाद से जोड़ा गया था. इस गठबंधन में लेबनान का हिज्बुल्लाह, यमन के हूती और इराक-सीरिया के कुछ गुट शामिल हैं.
दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ओमान के साथ जो समझ बनी है, उसका मतलब यह नहीं कि होर्मुज स्ट्रेट फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि दोनों देश एक अस्थायी शिपिंग रूट पर बातचीत कर रहे हैं, क्योंकि तकनीकी पेचीदगियां अभी बाकी हैं. अराघची के मुताबिक बातचीत अंतिम नतीजे के बेहद करीब है, लेकिन पूरी तरह रास्ता खोलने के लिए अमेरिका को समझौते के उल्लंघन का हर्जाना देना होगा. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहम्मद बाकर जोलकद्र ने अमेरिका के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें अमेरिकी धमकियां बंद करना, ईरान और उसके सहयोगी लेबनान, फिलिस्तीन, यमन और इराक पर हमले रोकना, नाकाबंदी और प्रतिबंध हटाना और ईरान की जब्त संपत्ति लौटाना शामिल है.
ओमान ने की हमले की निंदा
ओमान ने भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हो रहे हमलों की वह निंदा करता है, हालांकि किसी पर सीधे आरोप नहीं लगाया. ओमान के मुताबिक बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है. उधर संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया कि ईरान ने उसकी राष्ट्रीय तेल कंपनी से जुड़े एक जहाज पर मिसाइल हमला किया, हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है. ब्रिटेन की मैरीटाइम एजेंसी यूकेएमटीओ ने बताया कि एक जहाज में आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझा लिया गया. ईरान की तरफ से इस पर कोई तुरंत बयान नहीं आया.
समझौते के बाद हटेगी नाकेबंदी
अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक समझौता होते ही अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी हटा देगा, लेकिन यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान अपनी शर्तें कितनी ईमानदारी से पूरी करता है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी कहा है कि स्ट्रेट खोलना अमेरिका के ईरान की शर्तें मानने पर निर्भर करेगा, न कि ओमान के साथ चल रही बातचीत पर. रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में बताया गया था कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान को खाड़ी में आने वाले जहाजों पर एक तरह का नियंत्रण मिल सकता है, जो अमेरिका के लिए बड़ी रियायत होगी. हालांकि, अमेरिकी अधिकारी पहले कह चुके हैं कि वे कभी ऐसा नहीं मानेंगे. राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि ईरान अमेरिका से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन झुकने के लिए नहीं. युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान टैंकरों पर टोल वसूल रहा है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ी हैं और दुनियाभर में महंगाई भी बढ़ी है.
ईरान की तरफ से ये मांगे
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर बातचीत आखिरी दौर में है, लेकिन ईरान ने साफ किया कि सिर्फ शिपिंग समझौते से रास्ता पूरी तरह नहीं खुलेगा. ईरान ने अमेरिका के सामने विदेशी सेनाओं की वापसी, हमले रोकने, प्रतिबंध हटाने और मुआवजा देने जैसी मांगें रखी हैं. सुप्रीम लीडर के सलाहकार वेलायती ने ईरानी सेना और जनता की मजबूती को सराहा. यूएई ने आरोप लगाया कि ईरान ने एक और जहाज पर हमला किया. अमेरिका ने कहा कि समझौता होते ही नाकाबंदी हटाई जाएगी. रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी अपनी शर्तों पर अड़े रहने की बात दोहराई.
जेडी वेंस का बयान
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान के मामले में अमेरिका अभी बातचीत और कार्रवाई के बीच है और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित रास्ता बनाने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका कूटनीतिक, आर्थिक और सैन्य तरीकों का इस्तेमाल कर रहा है. वेंस के मुताबिक ईरान के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और अमेरिका को उम्मीद है कि खाड़ी से तेल और गैस की आपूर्ति संघर्ष से पहले के स्तर पर जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान की बातों पर नहीं, बल्कि उसके कदमों पर भरोसा करेगा. इसके साथ ही जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ट्रैफिक व्यवस्था और समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने पर भी काम किया जा रहा है.