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कश्मीरियों की मांग पर मोदी सरकार ने उठाया ये कदम, तुर्की और ईरान को झटका

कश्मीरी किसान पिछले कुछ समय से भारत सरकार से विदेशी सेब के आयात पर प्रतिबंधित लगाने की मांग कर रहे थे. विदेश से आने वाले सेब की कीमत कम होने की वजह से घरेलू सेब की कीमत भी प्रभावित होती है. यही वजह है कि किसान विदेशी सेब के आयात पर काफी समय से रोक लगाने की मांग कर रहे थे.

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भारत का ये फैसला तुर्की-ईरान के लिए झटका
भारत का ये फैसला तुर्की-ईरान के लिए झटका

केंद्र की मोदी सरकार ने कश्मीरी किसानों की मांग पर एक बड़ा कदम उठाया है. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने देश के किसानों खासकर कश्मीर के किसानों को बढ़ावा देने के लिए 50 रुपये प्रति किलो से कम कीमत वाले सेब के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है. पिछले कुछ समय से कश्मीरी किसानों की ओर से विदेशी सेब के आयात पर प्रतिबंधित लगाने की मांग की जा रही थी. हालांकि, भारत सरकार ने पड़ोसी देश भूटान को इस प्रतिबंध से अलग रखा है. 

भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय (Directorate General of Foreign Trade (DGFT) की ओर से सोमवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि 50 रुपये प्रति किलोग्राम से कम या बराबर सीआईएफ (लागत, इंश्योरेंस एवं ढुलाई) वाले सेब का आयात प्रतिबंधित है. हालांकि, इसी अधिसूचना में डीजीएफटी ने कहा है कि न्यूनतम आयात मूल्य की शर्तें भूटान के लिए लागू नहीं होंगी. 

ईरान तुर्की के लिए झटका

भारत सरकार का यह कदम ईरान, तुर्की और चिली के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है. क्योंकि ये सभी देश भारी मात्रा में भारत को सेब निर्यात करते हैं. अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 में भारत ने कुल 26.03 करोड़ डॉलर का कुल सेब आयात किया था. इसमें तुर्की, इटली, ईरान और चिली शीर्ष निर्यातक देश थे. वहीं, 2021-22 में भारत ने कुल 38.51 करोड़ डॉलर का सेब आयात किया था. 

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भारत सरकार का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कश्मीर के सेब किसान पिछले काफी समय से ईरानी सेब के आयात पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे थे. दरअसल, आयातित सेब की कीमत कम होने के कारण घरेलू सेब की कीमत भी कम हो जाती है. इससे घरेलू किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है.

भारत ने 2018 में कलकत्ता, चेन्नई, मुंबई और कोचीन बंदरगाहों से सेब आयात पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था. प्रतिबंध को हटाते हुए सरकार ने एयरपोर्ट और लैंड बॉर्डर के माध्यम से भी सेब आयात की अनुमति दे दी थी. 

तुर्की से सबसे ज्यादा आयात 

भारत सबसे ज्यादा सेब आयात तुर्की से करता है. मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के वेबसाइट पर मौजूद डेटा के अनुसार, अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 के बीच भारत ने तुर्की से कुल 7.18 करोड़ डॉलर का सेब आयात किया है. हालांकि, पिछले साल इसी अवधि में भारत ने 8.06 करोड़ डॉलर का सेब आयात किया था. तुर्की के बाद भारत ने चिली, इटली और ईरान से सबसे ज्यादा सेब आयात किया. 2022-23 में चिली से 3.86 करोड़ डॉलर और ईरान से 2.60 करोड़ डॉलर का सेब आयात किया गया. 

भारत के लिए तुर्की सबसे बड़ा सेब निर्यातक देश

सेब आयात में कमी 

मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स के वेबसाइट पर मौजूद डेटा के अनुसार, अप्रैल 2022-फरवरी 2023 के बीच भारत के सेब आयात में कमी देखी गई है. इस अवधि में भारत ने कुल 26.03 करोड़ डॉलर का सेब आयात किया है. जबकि पिछले साल इसी अवधि में भारत ने रिकॉर्ड 38.51 करोड़ डॉलर का सेब आयात किया था. पिछले पांच साल के दौरान यह सबसे ज्यादा था. वही, 2020-21 में भारत ने 23.95 करोड़ डॉलर का सेब आयात किया था. 

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भारत का कुल सेब आयात

शर्तें भूटान के लिए लागू नहीं

भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय की ओर से जारी अधूसूचना में यह स्पष्ट किया गया है कि न्यूनतम आयात मूल्य की शर्तें भूटान के लिए लागू नहीं होंगी. भारत का यह निर्णय इसलिए भी मायने रखता है क्योंकि भूटान रणनीतिक रूप से बहुत ही महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है. भूटान के रास्ते चीन भारत की सीमाओं पर बुरी नजर रखता है. 

भारत शुरुआत से ही भूटान के प्रति नरम रुख अपनाता रहा है. इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग सभी देशों से भारत ने सेब आयात में कमी की है. वहीं, भूटान से सेब निर्यात में लगभग दोगुनी वृद्धि दर्ज की गई है. भारत ने अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 के बीच भूटान से लगभग 90 हजार डॉलर का सेब आयात किया है. जबकि पिछले साल इसी अवधि में भारत ने सिर्फ 50 हजार डॉलर का सेब आयात किया था. 

 

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