अगस्त की शुरुआत के साथ ही उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है. कहीं हल्की फुहारें पड़ रही हैं तो कहीं बादल दिनभर डेरा डाले हुए हैं. ऐसे में हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि क्या 4 अगस्त को अपने जिले में बारिश होगी?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी Forecast (4 अगस्त) के अनुसार, उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों के लिए येलो वॉच (Yellow Watch) जारी की गई है. इसका मतलब यह है कि मौसम में बदलाव की संभावना है और कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और कहीं-कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल राज्य के किसी भी हिस्से के लिए ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है.
येलो वॉच का मतलब क्या है
मौसम विभाग चार रंगों के जरिए चेतावनी जारी करता है.
ग्रीन: कोई चेतावनी नहीं.
येलो: मौसम पर नजर रखें, स्थानीय स्तर पर असर पड़ सकता है.
ऑरेंज: सतर्क रहें, मौसम का प्रभाव ज्यादा हो सकता है.
रेड: अत्यधिक सतर्कता और आवश्यक सावधानी की जरूरत.
4 अगस्त के लिए उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सिर्फ येलो वॉच जारी की गई है. यानी लोगों को मौसम पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. IMD के जारी पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की संभावना बनी हुई है. खासतौर पर मध्य, पूर्वी और कई अन्य इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है. हालांकि व्यापक स्तर पर भारी बारिश की चेतावनी फिलहाल जारी नहीं की गई है.
अचानक बदल सकता है मौसम
मानसून के दौरान मौसम का मिजाज कुछ ही घंटों में बदल सकता है. सुबह तेज धूप निकलने के बाद दोपहर या शाम तक अचानक बादल घिर सकते हैं और बारिश शुरू हो सकती है. इसी वजह से मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. खासकर खुले मैदानों, खेतों और जलभराव वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम का अपडेट देखते रहने को कहा गया है.
किसानों के लिए अहम अपडेट
धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की खेती कर रहे किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है. हालांकि जिन क्षेत्रों में लगातार पानी भरा हुआ है, वहां अतिरिक्त जल निकासी पर भी ध्यान देने की जरूरत होगी. यदि गरज-चमक शुरू हो जाए तो खेतों में काम कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है. लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, अयोध्या, मेरठ, बरेली, मुरादाबाद और अन्य शहरों में यदि बारिश होती है तो सुबह और शाम के समय ट्रैफिक की रफ्तार प्रभावित हो सकती है. बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
अभी राहत की बात क्या है
4 अगस्त के लिए जारी पूर्वानुमान में सबसे बड़ी राहत यह है कि उत्तर प्रदेश के लिए ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है. यानी फिलहाल बहुत भारी बारिश जैसी स्थिति की चेतावनी नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बारिश और गरज-चमक का असर जरूर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें. यदि कहीं तेज बारिश या गरज-चमक शुरू होती है तो खुले स्थानों में खड़े रहने से बचें और सुरक्षित जगह पर चले जाएं.