उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान दो नन्हें शिवभक्त भाई-बहन अपनी अनोखी भक्ति और हौसले से लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं. दोनों बच्चे स्केटिंग करते हुए हरिद्वार से गाजियाबाद के लिए कांवड़ लेकर निकले हैं. खास बात यह है कि दोनों की यह दूसरी स्केटिंग कांवड़ यात्रा है. उनके इस संकल्प के पीछे अपने बाबा के जल्द स्वस्थ होने की मन्नत है.
दरअसल, दोनों बच्चों के बाबा की तबीयत अक्सर खराब रहती है. उनके गले में भी कुछ समस्या है. बाबा की अच्छी सेहत के लिए दोनों भाई-बहन ने भगवान शिव से प्रार्थना की और कांवड़ यात्रा करने का संकल्प लिया. हरिद्वार की हर की पौड़ी से दोनों ने गंगाजल लेकर अपनी यात्रा शुरू की. इस दौरान उनके पिता और परिवार के अन्य सदस्य भी लगातार बच्चों के साथ चल रहे हैं और उनका हौसला बढ़ा रहे हैं.
स्थानीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं दो बच्चे
नन्हीं शिवभक्त नंदिनी नागर ने बताया कि उनके मन में सबसे बड़ी तमन्ना अपने बाबा को स्वस्थ देखने की है. उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनके भाई ने स्केटिंग में गोल्ड मेडल जीता है. दोनों चिपियाना में आयोजित ओपन स्टेट रेस में भी हिस्सा ले चुके हैं. नंदिनी के मुताबिक यह उनकी दूसरी स्केटिंग कांवड़ यात्रा है और वह भगवान शिव से अपने बाबा के जल्द ठीक होने की कामना कर रही हैं.
बच्चों ने बताया कि बाबा के स्वस्थ होने के बाद वे अगली बार गाजियाबाद से कन्याकुमारी तक स्केटिंग करते हुए यात्रा करना चाहते हैं. दोनों बच्चों की स्केटिंग और भक्ति को देखकर कांवड़ मार्ग पर मौजूद लोग भी उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं. नन्हें शिवभक्तों की यह यात्रा न सिर्फ उनकी भगवान शिव के प्रति आस्था को दिखाती है, बल्कि परिवार के प्रति उनके प्रेम और दृढ़ संकल्प की भी मिसाल पेश कर रही है.