राजधानी लखनऊ से आई इस खबर ने सिर्फ पुलिस ही नहीं, पूरे सिस्टम को झकझोर दिया. गोमतीनगर विस्तार एरिया में अपार्टमेंट में रहने वाली 32 साल की सैलून मैनेजर रत्ना सिंह ने खुदकुशी कर ली. सुसाइड से पहले रत्ना ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया. रोते हुए इस वीडियो में रत्ना ने अपनी मौत के लिए पांच रसूखदार लोगों को जिम्मेदार ठहराया.
इस हाई-प्रोफाइल मामले में सीएम योगी के दखल के बाद पुलिस और एलडीए (LDA) का एक्शन शुरू हो गया है. फरार मुख्य आरोपी बिजनेसमैन शरद सिंह के अवैध निर्माण को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया. दरअसल, गोरखपुर के कैंट इलाके के गांव की रहने वाली रत्ना सिंह लखनऊ में विरासत कंपनी के एक नामी सैलून में मैनेजर थीं.

रत्ना ने अपनी एक परिचित सहेली को कॉल कर कहा था कि वह आत्मघाती कदम उठाने जा रही है. घबराई दोस्त ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही रात करीब 3 बजे गोमतीनगर विस्तार थाना पुलिस अपार्टमेंट के फ्लैट पर पहुंची. दरवाजा अंदर से लॉक था और कई बार आवाज देने पर भी कोई हलचल नहीं हुई. इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ा. अंदर दाखिल होते ही पुलिस के होश उड़ गए. रत्ना का शव पंखे से लटका था.

जांच के दौरान पुलिस को रत्ना सिंह का आखिरी वीडियो मिला, जिसमें मरने से पहले कैमरे के सामने रत्ना ने रोते हुए कहा कि आज मैं सुसाइड करने जा रही हूं. इसके लिए जिम्मेदार शरद सिंह और पल्लवी जोशी होंगे. शरद सिंह ने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और पल्लवी जोशी ने मुझे पागल कर दिया. वीडियो में रत्ना ने बिजनेसमैन शरद सिंह, उसकी पत्नी पल्लवी जोशी (पल्लवी सिंह), मंगल यादव, वैशाली और प्रशांत शर्मा पर मानसिक और शारीरिक रूप से टॉर्चर करने के गंभीर आरोप लगाए हैं.

बेटी की मौत के बाद पिता ने क्या आरोप लगाए
इस वारदात के बाद मृतका के पिता सुधीर कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि बेटी मुख्य आरोपी शरद सिंह के काले कारनामों के बारे में जान गई थी, जिसके बाद उसे प्रताड़ित किया जाने लगा. वह होटल की आड़ में चल रहे गलत कामों में शरद का साथ नहीं देती थी. पिता का कहना है कि रत्ना काफी हिम्मती थी, लेकिन वह इस कदर टूट गई कि उसने मौत को गले लगा लिया.

रत्ना के पिता ने 15 मई की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने एक वीडियो जारी कर गुहार लगाई कि मुख्य आरोपी शरद अपने रसूख का इस्तेमाल कर बचता फिर रहा है. सीएम योगी ने परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया. इसके बाद पुलिस-प्रशासन एक्शन मोड में आ गए.
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शुक्रवार रात गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने शहीद पथ के किनारे बने शरद सिंह के विरासत होटल, सैलून और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को पूरी तरह सील कर दिया. इसके बाद शनिवार को एलडीए की टीम ने पुलिस बल के साथ आरोपी के अपार्टमेंट में हुए अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया.

साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी की तीन लग्जरी गाड़ियां स्विफ्ट, स्कार्पियो और वोल्वो कार को भी सीज कर दिया है. इस मामले को लेकर डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार मुख्य आरोपी शरद सिंह और उसकी पत्नी समेत अन्य आरोपियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया है.
गोमतीनगर विस्तार थाना प्रभारी सुधीर अवस्थी ने बताया कि पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शरद के होटल का काम संभालने वाले मैनेजर मंगलनाथ यादव को ग्वारी पुल के पास से पहले ही दबोच लिया था, जिसे कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेजा जा चुका है. मुख्य आरोपी शरद सिंह और उसकी पत्नी पल्लवी समेत चार आरोपी अब भी फरार हैं. फरार आरोपियों की तलाश में सर्विलांस सहित पुलिस की 6 टीमें लखनऊ, दिल्ली और अन्य राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.