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बैंक लॉकर में रखे सोने-चांदी के रिकॉर्ड का लिया जायजा, चढ़ावा चोरी जांच के बीच राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा कदम

राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बैंक के लॉकर में रखे करोड़ों रुपये मूल्य के सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं का निरीक्षण किया. उन्होंने लॉकर की पूरी इन्वेंट्री तैयार की और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।.

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राम मंदिर के अंतरिम ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव ने बैंक लॉकर का किया निरीक्षण. (File photo: ITG)
राम मंदिर के अंतरिम ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव ने बैंक लॉकर का किया निरीक्षण. (File photo: ITG)

राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी की जांच के बीच मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने अयोध्या स्थित बैंक के लॉकर में रखे करोड़ों के सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं तथा उनसे जुड़े रिकॉर्ड का जायजा लिया.

मंदिर सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन सोमवार शाम को अयोध्या स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा पहुंचे, जहां वह देर रात तक रुक. इस दौरान उन्होंने बैंक के लॉकर में रखे करोड़ों रुपये मूल्य के सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं तथा संबंधित रिकॉर्ड का जांच की.

'3 दिन तक खंगाले गए रिकॉर्ड'

इस दौरान उन्होंने लॉकर में रखी कीमती धातुओं की इन्वेंट्री तैयार की गई और उनकी तस्वीरें ली गईं. सूत्रों के मुताबिक, अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने पिछले तीन दिनों तक ट्रस्ट के खाता बहियों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की गहन जांच की. इसके बाद ही बैंक पहुंचकर लॉकर में रखे सोने-चांदी और कीमती सामानों की अंतिम इन्वेंट्री सूची तैयार की गई.

कृष्ण मोहन ने अपने बैंक दौरे के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया. वहीं, राम मंदिर में व्यवस्थाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'कृपया आप सभी आएं, दर्शन करें और खुद देखें. अगर कोई कमी है तो हमें बताएं.'

सूत्रों ने ये भी बताया कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर गठित नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के मंगलवार को अपना काम फिर से शुरू करने की उम्मीद है. इसी बीच ये समीक्षा की गई है.

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जून में दर्ज हुई थी FIR

आपको बता दें कि राम मंदिर के चढ़ावे में गबन का मामला जून के पहले हफ्ते में सामने आया था. उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया और आरोपों की जांच के लिए शुरू में उसे 15 दिन का वक्त दिया.

23 जून को शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद 25 जून को एफआईआर दर्ज कर अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था.

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