कृष्ण मोहन (Krishna Mohan) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पदाधिकारी और पूर्व इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) अधिकारी रह चुके हैं. वह उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले हैं. वर्ष 2025 में उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था. 6 जुलाई 2026 को ट्रस्ट ने उन्हें महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार करने के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंदानंद गिरी ने बताया कि कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री का दायित्व दिया गया है. अब ट्रस्ट के कई प्रशासनिक और संचालन संबंधी कार्य उनकी देखरेख में होंगे.
कृष्ण मोहन के अनुसार, श्री राम जन्मभूमि में मिलने वाले दान और उससे जुड़े कार्यों की जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे और लोगों को आवश्यक जानकारी मिलती रहे.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक के बाद महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर करने का ऐलान किया गया. अब पूर्व IFS अधिकारी कृष्ण मोहन को नया अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रस्ट ने चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए दान की गई 2800 चीजों की सुरक्षा की पुष्टि भी की.
राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी संभालते हुए कृष्ण मोहन ने कहा कि जो कुछ हुआ है हम उससे आहत हैं. सभी को कष्ट हुआ है. रामभक्तों को कष्ट हुआ है. अब कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां रह गई थीं, जिसका फायदा लोगों ने उठाया. मेरा प्रयास रहेगा कि अभी जहां-जहां लूपहोल्स हैं, उसे सबसे पहले बंद करना होगा ताकि दोबारा नहीं हो.
राम मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने बताया कि चंपत राय की जगह कृष्ण मोहन को नया महासचिव बनाया गया. कृष्ण मोहन ने कहा कि चढ़ावा चोरी से हम सभी को कष्ट हुआ है. उन्होंने कहा कि प्रबंधन और संचालन की कमियां दूर करना मेरी प्राथमिकता होगी. देखें.