अयोध्या में बुधवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक से पहले राम नगरी में कुछ गोपनीय बैठकें भी हुई हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के स्थाई महासचिव के पद को लेकर भी चर्चाएं हुई हैं.
सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या के वैदेही भवन परिसर में ट्रस्ट और संघ के पदाधिकारियों की गोपनीय बैठक हुई है. बैठक में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी महाराज, विश्व हिंदू परिषद के प्रबंध समिति के सदस्य दिनेश चंद्र, विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा (बीएल बागड़ा) सहित अन्य पदाधिकारी बैठक में मौजूद रहे.
ट्रस्ट की बैठक शाम 4:00 बजे होगी. मणिराम छावनी परिसर में होने वाली बैठक में ट्रस्ट के स्थाई महासचिव और दो अन्य नए सदस्यों का नाम घोषित हो सकता है.
इसके अलावा ट्रस्ट के ट्रस्टी दिनेंद्र दास के आवास पर भी कई संत और ट्रस्ट से जुड़े सदस्य आज पहुंचे और गोपनीय बैठक हुई.
बीएल बागड़ा बनेंगे महासचिव?
जानकारी के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल बागड़ा ट्रस्ट में महासचिव बन सकते हैं. चंपत राय के इस्तीफे के बाद ये पद खाली हुआ था. बीएल बागड़ा का नाम इससे पहले 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में भी सामने आया था. उस समय उनके साथ बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक नीरज दानोदिया का नाम भी चर्चा में था. इसी वजह से दोनों उस दिन अयोध्या में मौजूद थे. हालांकि, ट्रस्ट की बैठक में मतभेद उभरने के कारण नए नामों के प्रस्ताव पर कोई फैसला नहीं हो सका.
बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट में कुल तीन पद खाली हैं. चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे और ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के बाद ऐसा हुआ था. चंपत राय के इस्तीफे के बाद फिलहाल कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव हैं.
राम मंदिर ट्रस्ट में नए सदस्य के लिए कई संत-धर्माचार्यों के नाम भी चर्चा में है. रामानंदी वैष्णव संप्रदाय से जुड़े कई प्रमुख संत शामिल बताए जा रहे हैं. बीएल बांगड़ा के अलावा इन नामों की चर्चा-
- सिद्धपीठ हनुमन्निवास के महंत आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण
- मणिरामदास जी की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयनदास
- श्रीरामवल्लभाकुंज के अधिकारी महंत राजकुमार दास और रंगमहल पीठाधीश्वर महंत रामशरणदास
- रामकथा कुंज के पीठाधीश्वर डॉ. रामानंददास और कौशलेश पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य विद्याभास्कर
इनके अलावा अयोध्या राजपरिवार के उत्तराधिकारी एवं प्रख्यात साहित्यकार यतींद्र मोहन मिश्र का नाम भी आगे है. यतींद्र के पिता बिमलेंद्र मोहन मिश्र ट्रस्ट और मंदिर निर्माण समिति के सदस्य रहे थे, जिनका हाल ही में निधन हुआ है.