चंपत राय (Champat Rai) विश्व हिंदू परिषद (VHP) के उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता हैं. इसके साथ ही वह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव (General Secretary) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं. यह ट्रस्ट अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और उससे जुड़े कार्यों का संचालन करता है.
चंपत राय का जन्म वर्ष 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना में हुआ था. उनके पिता का नाम रामेश्वर प्रसाद बंसल था. बचपन से ही उनका जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से रहा. बाद में उन्होंने संघ के प्रचारक के रूप में भी काम किया और संगठन के विचारों के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाई.
शिक्षा की बात करें तो उन्होंने भौतिक विज्ञान (Physics) की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने बिजनौर जिले के धामपुर स्थित आरएसएम डिग्री कॉलेज में भौतिक विज्ञान के प्रोफेसर के रूप में भी कार्य किया. अध्यापन के साथ-साथ वे सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे.
चंपत राय ने जैन दर्शन पर कई पुस्तकें भी लिखी हैं. धार्मिक और वैचारिक विषयों पर उनका लेखन प्रकाशित हो चुका है.
19 फरवरी 2020 को उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का महासचिव बनाया गया. इस पद पर रहते हुए वह ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी निभा रहे हैं.
जून 2026 में राम मंदिर में आए दान को लेकर एक विवाद सामने आया. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि मंदिर के दान की राशि में करोड़ों रुपये का हिसाब नहीं है. इसके बाद मंदिर में दान से जुड़े कार्य देखने वाले एक कर्मचारी के घर से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की खबर सामने आई. इस मामले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया.
इस विवाद के दौरान ट्रस्ट के महासचिव होने के कारण चंपत राय भी चर्चा में आए. विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन पर विभिन्न आरोप लगाए गए. हालांकि, सभी मामलों की जांच संबंधित एजेंसियों के स्तर पर की जा रही है.
अयोध्या राम मंदिर के चंदे में गबन के आरोपों को लेकर विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि चुनावी लाभ के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल करने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी और दोषियों को सख्त सजा मिलकर रहेगी.