किसी देश को समझने के लिए क्या वहां की कुछ तस्वीरें और वीडियो देखना काफी है? या फिर वहां रहकर लोगों से मिलना और रोजमर्रा की जिंदगी को करीब से देखना जरूरी है? जापान की एक महिला ने इसी सवाल को उठाया है. वह पिछले 8 महीने से मुंबई में रह रही हैं. इस दौरान उनका कहना है कि भारत को लेकर सोशल मीडिया पर जो कुछ दिखाया जाता है, उससे देश की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती.
हिकारू सैन नाम की इस महिला ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. इसमें उन्होंने उन पोस्ट और वीडियो पर सवाल उठाए, जिनमें भारत की सिर्फ गंदगी, गरीबी और दूसरी कमियों को दिखाया जाता है. उनका कहना है कि हर देश में अच्छी और बुरी दोनों तरह की चीजें होती हैं. ऐसे में किसी देश के बारे में राय बनाने से पहले वहां की असल जिंदगी को समझना जरूरी है.
भारत को लेकर लोगों की सलाह सुनकर क्या बोलीं?
हिकारू ने बताया कि भारत आने के बाद उन्हें जापान के लोगों और दूसरे लोगों से यहां के बारे में कई तरह की सलाह और चेतावनियां मिलती थीं. कुछ लोग भारत को गंदा बताते थे, तो कुछ यहां की कमियों पर ज्यादा ध्यान देते थे. हिकारू का सवाल है कि आखिर किसी देश की नकारात्मक बातें ही बार-बार क्यों दिखाई जाती हैं? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या ऐसा सिर्फ सोशल मीडिया पर व्यूज पाने और पैसे कमाने के लिए किया जाता है?
उनका कहना है कि किसी जगह की कमियों को जानना गलत नहीं है. अगर कोई व्यक्ति कहीं घूमने जा रहा है, तो उसे उस जगह के बारे में पहले से जानकारी होनी चाहिए. लेकिन सिर्फ कमियां दिखाकर किसी पूरे देश की छवि बना देना सही नहीं है.
जापान में भी हैं गंदी जगहें, बोलीं हिकारू
हिकारू ने अपनी बात समझाने के लिए जापान का उदाहरण भी दिया. उनका कहना है कि जापान में भी ऐसी जगहें हैं, जहां गंदगी देखने को मिलती है. लेकिन अगर कोई व्यक्ति वहां रहता ही नहीं है, तो शायद उसे इन जगहों के बारे में पता न चले. उनकी बात का मतलब है कि किसी देश की कुछ जगहों को देखकर पूरे देश के बारे में राय नहीं बनानी चाहिए. हर देश में अलग-अलग तरह के शहर, इलाके और लोग होते हैं. इसलिए किसी देश की सही तस्वीर समझने के लिए वहां की जिंदगी को करीब से देखना जरूरी है.
मुंबई में रहने का कैसा रहा अनुभव?
हिकारू ने साफ किया कि भारत को लेकर उनकी राय मुंबई में रहने के अनुभव पर आधारित है. भारत बहुत बड़ा देश है और यहां हर शहर का अनुभव अलग हो सकता है. मुंबई में उन्हें जो देखने और महसूस करने को मिला, जरूरी नहीं कि वैसा ही अनुभव भारत के हर हिस्से में हो. उन्होंने बताया कि यहां रहने के दौरान कुछ छोटी-छोटी चीजों ने उन्हें हैरान जरूर किया, लेकिन उन्हें वैसा अनुभव नहीं हुआ, जैसा कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है. उनके मुताबिक, उन्हें अब तक कोई ऐसा खास बुरा अनुभव नहीं हुआ, जिसे लेकर ऑनलाइन काफी चर्चा होती रहती है.
हिकारू ने अपने वीडियो के कैप्शन में लिखा कि भारत आने से कई चीजों को देखने का उनका नजरिया बदल गया है. वह आगे भी दुनिया को दिखाना चाहती हैं कि भारत कितना खूबसूरत और शानदार देश है.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
हिकारू का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अपनी-अपनी राय रखी. कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया और कहा कि किसी भी देश को सिर्फ उसकी कमियों से नहीं आंकना चाहिए. वहीं, कुछ लोगों ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि भारत की अच्छी बातें भी दुनिया के सामने आनी चाहिए.
हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि देश की अच्छी तस्वीर दिखाने के साथ-साथ साफ-सफाई और नागरिक जिम्मेदारियों जैसी समस्याओं पर भी ध्यान देना जरूरी है. यानी इस वीडियो ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया कि सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली तस्वीर किसी देश की असलियत को कितना दिखाती है. हिकारू की कहानी का मुख्य संदेश यही है कि किसी देश के बारे में अपनी राय बनाने से पहले उसे समझना जरूरी है. सोशल मीडिया पर दिखने वाली तस्वीरें जानकारी दे सकती हैं, लेकिन वे किसी देश की पूरी कहानी नहीं होतीं.