इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी को गुजरे तीन साल हो चुके हैं, लेकिन उनकी विवादित विरासत आज भी खत्म नहीं हुई है. उनकी आलीशान पार्टियों और चर्चित 'बुंगा-बुंगा' महफिलों से जुड़े मामले समय-समय पर फिर सुर्खियों में आते रहे हैं.
हाल ही में 2026 में उनकी पूर्व सहयोगी निकोल मिनेटी को मिली राष्ट्रपति की माफी भी विवादों में आ गई थी. मिनेटी को बर्लुस्कोनी की 'बुंगा-बुंगा' पार्टियों के लिए सेक्स वर्कर्स की व्यवस्था करने से जुड़े मामले में सजा हुई थी. इस माफी की परिस्थितियों को लेकर इटली में जांच तक हुई, हालांकि बाद में अभियोजकों ने इसमें गलत काम नहीं पाया.
यही वजह है कि 'बुंगा-बुंगा' शब्द आज भी सिर्फ एक पुरानी पार्टी का नाम नहीं है. यह सत्ता, पैसा, आलीशान जिंदगी और सेक्स स्कैंडल के उस दौर की याद दिलाता है, जिसने बर्लुस्कोनी की राजनीतिक छवि को हमेशा के लिए प्रभावित किया.
आखिर 'बुंगा-बुंगा' था क्या?
'बुंगा-बुंगा' कोई आधिकारिक पार्टी फॉर्मेट नहीं था. यह नाम मीडिया में बर्लुस्कोनी के निजी आयोजनों के लिए लोकप्रिय हुआ. इन पार्टियों में आमतौर पर पहले डिनर और सामाजिक मेलजोल होता था. इसके बाद मनोरंजन का दौर शुरू होने की बात सामने आई.
मामले की जांच के दौरान सामने आए बयानों के मुताबिक, कुछ पार्टियों में महिलाओं ने डांस और स्ट्रिपटीज परफॉर्मेंस कीं. कुछ गवाहों ने बताया कि महिलाएं नर्स, पुलिसकर्मी और नन जैसी पोशाकें पहनकर डांस करती थीं और बाद में कपड़े उतारकर प्रदर्शन करती थीं.
यानी जिस पार्टी की शुरुआत एक सामान्य डिनर से होती थी, उसके बारे में आरोप था कि रात बढ़ने के साथ माहौल काफी ज्यादा निजी और यौन प्रकृति का हो जाता था.
पार्टी का 'तीन चरणों' वाला मॉडल
2011 में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश दस्तावेजों में इन आयोजनों को कथित तौर पर तीन हिस्सों में बताया गया था.पहले चरण में मेहमानों के लिए डिनर और बातचीत. दूसरा चरण में डांस, स्ट्रिपटीज और कथित तौर पर कामुक प्रदर्शन. तीसरा चरण में अभियोजन के मुताबिक, इसके बाद बर्लुस्कोनी कुछ महिलाओं को रात में अपने साथ निजी समय बिताने के लिए चुनते थे.यही कथित व्यवस्था 'बुंगा-बुंगा' को सामान्य हाई-प्रोफाइल पार्टी से अलग बनाती थी.
कभी नर्स तो कभी पुलिसकर्मी की पोशाक
इन पार्टियों से जुड़ी सबसे चर्चित कहानियों में कॉस्ट्यूम डांस का जिक्र मिलता है.अदालती गवाही में मॉडल इमाने फादिल ने बताया था कि कुछ महिलाएं नन की पोशाक पहनकर डांस करती थीं और फिर कपड़े उतारती थीं. एक अन्य मौके पर एक महिला के फुटबॉलर रोनाल्डिन्हो का मास्क पहनकर परफॉर्म करने का भी दावा किया गया था.
दूसरी ओर, बर्लुस्कोनी ने इन आयोजनों को लेकर कई आरोपों से इनकार किया था. उन्होंने पार्टियों को 'Elegant Dinners' बताते हुए कहा था कि डिनर के बाद सिर्फ मनोरंजन होता था.इसलिए इन गतिविधियों को अदालत में दिए गए बयानों और अभियोजन के आरोपों के संदर्भ में ही देखा जाता है.
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क्या वहां सेक्स भी होता था?
यही सवाल 'बुंगा-बुंगा' विवाद का सबसे बड़ा हिस्सा रहा.अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि कुछ पार्टियों के बाद महिलाओं को बर्लुस्कोनी के साथ निजी संबंध बनाने के लिए चुना जाता था. कुछ गवाहों ने पैसों के लेनदेन की बात भी कही थी. हालांकि, बर्लुस्कोनी ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि उन्होंने महिलाओं की आर्थिक मदद की थी, लेकिन उसका यौन संबंधों से कोई लेना-देना नहीं था.
यानी 'बुंगा-बुंगा' की कहानी में डांस, स्ट्रिपटीज, कथित यौन संबंध और पैसों के लेनदेन जैसे आरोप शामिल रहे, लेकिन हर आरोप अदालत में साबित नहीं हुआ.
'रूबी' केस ने बढ़ा दिया विवाद
इस पूरे मामले को दुनिया भर में पहचान तब मिली, जब करीमा एल महरूग, जिसे मीडिया में 'रूबी द हार्ट स्टीलर' कहा जाता था, का नाम सामने आया.अभियोजन ने आरोप लगाया था कि बर्लुस्कोनी ने उसके साथ सेक्स के लिए भुगतान किया था, जब वह नाबालिग थी. बर्लुस्कोनी ने इन आरोपों से इनकार किया. बाद में उन्हें इस मामले में बरी कर दिया गया.
लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ. 2024 में इटली की सुप्रीम कोर्ट ने 23 लोगों की बरी होने की प्रक्रिया को पलट दिया और कथित तौर पर गवाहों को प्रभावित करने के लिए रिश्वत देने से जुड़े आरोपों पर दोबारा अपील ट्रायल का रास्ता खोला.
2026 में फिर क्यों चर्चा में आया 'बुंगा-बुंगा'?
बर्लुस्कोनी भले ही 2023 में दुनिया से चले गए, लेकिन उनकी बनाई राजनीतिक और निजी विरासत के विवाद अब भी खत्म नहीं हुए हैं.
2026 में उनकी पूर्व सहयोगी निकोल मिनेटी को मिली राष्ट्रपति की माफी की जांच ने फिर 'बुंगा-बुंगा' मामले को सुर्खियों में ला दिया. मिनेटी को बर्लुस्कोनी की पार्टियों के लिए सेक्स वर्कर्स की व्यवस्था करने से जुड़े मामले में सजा हुई थी. जांच के बाद इतालवी अभियोजकों ने राष्ट्रपति की माफी में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं पाई.
इसी साल बर्लुस्कोनी की मशहूर विला सर्टोसा भी खबरों में रही. सार्डिनिया स्थित इस आलीशान संपत्ति को उनके उत्तराधिकारियों ने कतर के शासक परिवार से जुड़ी एक कंपनी को करीब 35 करोड़ यूरो में बेच दिया. यही विला लंबे समय तक उनकी चर्चित पार्टियों से जोड़ा जाता रहा था.
बुंगा-बुंगा सिर्फ अय्याशी की कहानी नहीं
'बुंगा-बुंगा' को सिर्फ एक अमीर नेता की रंगीन पार्टियों की कहानी के तौर पर देखना अधूरा होगा. इस पूरे विवाद में सत्ता, पैसा, महिलाओं की भूमिका, राजनीतिक प्रभाव और न्यायिक प्रक्रिया जैसे कई सवाल जुड़े रहे.
यही कारण है कि बर्लुस्कोनी के निधन के बाद भी यह शब्द खत्म नहीं हुआ. कभी अदालत के फैसले के साथ, कभी किसी पुराने सहयोगी से जुड़े मामले के साथ और अब उनकी ऐतिहासिक संपत्तियों की बिक्री के साथ, 'बुंगा-बुंगा' आज भी बर्लुस्कोनी की विरासत का सबसे विवादित अध्याय बना हुआ है.