भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1 फीसदी तक की गिरावट आई. गुरुवार की तेजी के बाद शुक्रवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी के अलावा व्यापक स्तर पर कमजोरी रही. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें 1.5 फीसदी से ज्यादा की कमी आई.
शेयर बाजार में इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों के 7 लाख करोड़ रुपये डूब गए. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 458.50 लाख करोड़ से घटकर 451.56 लाख करोड़ रुपये पर आ गया.
सेंसेक्स 770 अंक टूटकर 81,537 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 241 अंक टूटकर 25048 पर क्लोज हुआ. बैंक निफ्टी में 700 अंकों की गिरावट देखने को मिली. स्मॉलकैप 1000 से ज्यादा और मिडकैप 700 अंक तक टूट गया.
बीएसई 30 के 6 शेयरों को छोड़कर बाकी सभी 24 शेयर बड़ी गिरावट पर रहे. सबसे ज्यादा गिरावट अडानी पोर्ट, जोमैटो, इंडिगो, बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में आई.
अडानी के शेयरों में भारी गिरावट
कारोबार के दौरान अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. सबसे ज्यादा अडानी ग्रीन एनर्जी 14 फीसदी गिरा. अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड , अडानी पावर लिमिटेड, अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड, अडानी टोटल गैस और अडानी ग्रीन एनर्जी के शेयरों में 12 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई.
अडानी के शेयरों में यह गिरावट इसलिए आई है, क्योंकि अमेरिकी आयोग ने अमेरिकी बाजार नियामक से कथित धोखाधड़ी और 265 मिलियन डॉलर की रिश्वत योजना के मामले में संस्थापक गौतम अडानी और समूह के कार्यकारी सागर अडानी को व्यक्तिगत रूप से ईमेल के माध्यम से समन भेजने की अनुमति मांगी है. इसके बाद इन शेयरों में गिरावट आई है.
328 शेयरों ने 52 वीक के लोअर पर
आज 328 शेयरों ने अपने 52 सप्ताह के न्यूनतम स्तर को छुआ. अडानी एंटरटेनमेंट, अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, अकजो नोबेल इंडिया लिमिटेड, अडानी टोटल, बाटा इंडिया लिमिटेड और ब्लू जेट हेल्थकेयर लिमिटेड जैसे शेयरों ने अपने-अपने एक साल के न्यूनतम स्तर को छुआ. वहीं, 69 शेयरों ने आज अपने एक साल के उच्चतम स्तर को छुआ.
शेयर बाजार में अचानक क्यों आई बड़ी गिरावट?
विदेशी निवेशक लगातार शेयर बाजार से पैसे निकाल रहे हैं. एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले सत्र में 2,144.06 करोड़ रुपये के शेयर शुद्ध आधार पर बेचे. इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,877.78 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर कुछ हद तक बाजार को समर्थन दिया.
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज की इक्विटी रणनीति निदेशक क्रांति बाथिनी ने कह कि कुल मिलाकर, बाजार में गिरावट का रुख है. लेकिन निफ्टी 25,000 के स्तर पर मजबूती से टिका हुआ है. भू-राजनीतिक तनाव मध्यम से अल्पावधि में बाजार में दबाव बना रहे हैं. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली हालिया गिरावट का मुख्य कारण है और अभी तक कंपनियों के नतीजे निवेशकों को आकर्षित नहीं कर रहे हैं.
(नोट- शेयर बाजार में निवेश से पहले अपने योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)