scorecardresearch
 
Advertisement

लालबागचा राजा

लालबागचा राजा

लालबागचा राजा

लालबागचा राजा (Lalbaugcha Raja) मुंबई के लालबाग इलाके में स्थापित होने वाली भगवान गणेश की प्रसिद्ध सार्वजनिक प्रतिमा है. हर वर्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर इस प्रतिमा की स्थापना की जाती है. गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं. यह प्रतिमा करीब 11 दिनों तक स्थापित रहती है और अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विसर्जन के साथ इसे अरब सागर में विसर्जित किया जाता है.

लालबागचा राजा को नवसाचा गणपति भी कहा जाता है. मराठी भाषा में नवस का अर्थ मनोकामना या संकल्प से जुड़ा है. इसी कारण इस गणपति प्रतिमा को लेकर श्रद्धालुओं के बीच विशेष धार्मिक आस्था देखी जाती है. गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग लालबाग पहुंचते हैं.

लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल से जुड़ा है. इस मंडल की स्थापना वर्ष 1934 में लालबाग मार्केट इलाके में हुई थी. इसकी स्थापना मुख्य रूप से कोली समुदाय के मछुआरों और स्थानीय व्यापारियों से जुड़ी रही. उस समय लालबाग क्षेत्र में स्थायी बाजार की जरूरत महसूस की जा रही थी.

बताया जाता है कि वर्ष 1932 में पेरू चॉल का बाजार बंद हो गया था. इसके बाद खुले स्थान पर मछली और अन्य सामान बेचने वाले मछुआरों तथा व्यापारियों ने स्थायी बाजार के लिए प्रयास शुरू किए. स्थानीय लोगों और कुछ प्रमुख व्यक्तियों के सहयोग से बाजार के लिए जमीन उपलब्ध हुई. इसके बाद 12 सितंबर 1934 को गणेश प्रतिमा स्थापित की गई. इसे बाजार के निर्माण की इच्छा पूरी होने के बाद भगवान गणेश के प्रति आभार के रूप में देखा गया.

शुरुआती दौर में लालबागचा राजा की प्रतिमा को मछुआरा समुदाय की पारंपरिक वेशभूषा में सजाया जाता था. समय के साथ प्रतिमा के रूप और सजावट में बदलाव होते रहे. अलग अलग वर्षों में प्रतिमा की थीम हिंदू धर्म की कथाओं, भारतीय इतिहास और समकालीन घटनाओं से जुड़ी रही.

लालबागचा राजा की प्रतिमा का वर्तमान प्रसिद्ध चेहरा वर्ष 2000 में तय किया गया था. इसके बाद इसी स्वरूप को लगातार आगे बढ़ाया गया. वर्ष 2026 में लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल की स्थापना को 93 वर्ष पूरे हो चुके हैं.

गणेश चतुर्थी के दौरान लालबाग का यह इलाका धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही का प्रमुख केंद्र बन जाता है. दर्शन के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन प्रतिमा को शोभायात्रा के साथ गिरगांव चौपाटी ले जाया जाता है.

और पढ़ें
Follow लालबागचा राजा on:

लालबागचा राजा न्यूज़

Advertisement
Advertisement