दलीप ट्रॉफी (DuleepTrophy) भारत में खेली जाने वाली एक घरेलू फर्ंस्ट क्लास क्रिकेट टूर्नामेंट है. 2024–25 दलीप ट्रॉफी क्रिकेट प्रतियोगिता का 61वां एडिशन होगा. यह 5 सितंबर से 22 सितंबर 2024 तक खेला जाएगा (DuleepTrophy 2024 Date). इसका पहला एडिशन 1961-62 में हुआ था. इस ट्रॉफी का नाम पूर्व क्रिकेटर दलीप सिंहजी के नाम पर रखा गया था. प्रतियोगिता में भारत के विभिन्न Geographical Zones का प्रतिनिधित्व करने वाली 6 टीमों ने हिस्सा लिया था. 2016-17 सीजन से, प्रतियोगिता का प्रारूप बीसीसीआई के अनुसार बदलता भी रहता है. आगामी एडिशन 2024-25 के लिए, उन्होंने क्षेत्रीय प्रारूप को हटा दिया और इसके बजाय 4 टीमों, ए, बी, सी और डी को चुना है. दक्षिण क्षेत्र ने 2023-24 का टूर्नामेंट जीता था.
प्रतियोगिता की स्थापना के बाद, 1962-63 के सीजन में, सेंट्रल जोन को छोड़कर पांच टीमों में से चार में वेस्ट इंडीज के टेस्ट क्रिकेटर शामिल थे.
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने पहली पारी की बड़ी बढ़त के दम पर खिताब तो जीत लिया, लेकिन मुकाबले का फीका अंत घरेलू क्रिकेट के नियम पर सवाल छोड़ गया. पहली पारी की बढ़त मिलते ही ट्रॉफी लगभग पक्की होने के कारण कप्तान के लिए मैच जीतने का जोखिम लेने की जरूरत ही नहीं बची.
दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब जीतने के बाद वैभव सूर्यवंशी और ईशान किशन का वीडियो वायरल हो रहा है. जिसे एक्स पर बीसीसीआई डोमेस्टिक अकाउंट से शेयर किया गया. इस वीडियो में वैभव से बात रही थी, लेकिन ईशान किशन की एंट्री ने इसे और मजेदार बना दिया है.
दलीप ट्रॉफी 2026 में ईशान किशन टॉप स्कोरर बने, वैभव सूर्यवंशी का स्ट्राइक रेट सबसे तगड़ा रहा. तिलक वर्मा 266 रन के साथ दूसरे नंबर पर रहे. खास बात यह रही कि तिलक वर्मा का एवरेज इस टूर्नामें में सबसे ज्यादा रहा. वहीं मुकेश कुमार विकेट लेने के मामले में अव्वल रहे.
मोहम्मद शमी का मानना है कि हर क्रिकेटर को हमेशा अगले लेवल पर नजर रखनी चाहिए. उनके मुताबिक अगर किसी खिलाड़ी के अंदर खुद को बेहतर करने की प्रेरणा नहीं है तो वह सही दिशा में नहीं बढ़ रहा. शमी ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर कहा कि 15 वर्षीय खिलाड़ी का गेमिंग सेंस काफी शानदार है.
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने 13 साल बाद खिताब अपने नाम किया, लेकिन मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी और तिलक वर्मा की नोकझोंक भी खूब चर्चा में रही. चौथे दिन वैभव ने तिलक से आक्रामक अंदाज में बात की और अंपायर से शिकायत तक पहुंच गई. वैभव ने कहा कि पहली पारी में उनके साथ भी ऐसा हुआ था.
दलीप ट्रॉफी 2026 का खिताब जीतने के बाद ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने मैदान पर जमकर जश्न मनाया. कप्तान ईशान किशन और युवा स्टार वैभव सूर्यवंशी हाथ में स्टंप लेकर साथियों के साथ डांस करते नजर आए. दोनों का यह खास विक्ट्री सेलिब्रेशन सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर हराकर 13 साल बाद खिताब अपने नाम कर लिया. कप्तान ईशान किशन ने मैच में 270 और 80 रन बनाकर 350 रन जोड़े. डेब्यू कर रहे मोहम्मद कोनैन कुरैशी ने भी नाबाद शतक जड़ा, जबकि मोहम्मद सिराज ने शानदार जुझारूपन दिखाया.
झारखंड की क्रिकेट पहचान अब सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी तक सीमित नहीं है. दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन की टीम में राज्य के पांच खिलाड़ियों का शामिल होना नई क्रिकेट पौध की मजबूती दिखाता है. ईशान किशन, कुमार कुशाग्र, शिखर मोहन, अनुकूल रॉय जैसे खिलाड़ियों के साथ घरेलू क्रिकेट के ढांचे में बदलाव ने झारखंड में बल्लेबाजी प्रतिभा को नई दिशा दी है.
तिलक वर्मा ने बल्लेबाजी में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई. उन्होंने 99 रनों की पारी खेली, लेकिन बतौर कप्तान तिलक वर्मा धीमी ओवर गति पर नियंत्रण नहीं रख पाए. इसके कारण उनकी टीम को अंपायर ने लाइव मैच में सजा सुनाई.
15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 में अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ क्रिकेटिंग समझ से भी सबका ध्यान खींचा है. साउथ जोन के खिलाफ फाइनल में रिकी भुई के विकेट के पीछे कैच के लिए DRS लेने का उनका फैसला सही साबित हुआ. इससे पहले सेमीफाइनल में भी उन्होंने रिव्यू लेकर विकेट हासिल किया था. दबाव में सही फैसला लेने का यह अंदाज वैभव में भविष्य के कप्तान की झलक दिखाता है.
दलीप ट्रॉफी अब अपने रोमांचक मोड़ पर है. 14 सालों के लंबे सूखे को खत्म करते हुए ईस्ट जोन की टीम खिताब के बेहद करीब पहुंच गई है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ईशान किशन की कप्तानी वाली यह टीम इतिहास रचने के लिए तैयार है.
दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन के खिलाफ पहली पारी में 372 रनों की मजबूत बढ़त हासिल कर ली है. इस मैच में 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का एक जोशीला सेलिब्रेशन देखने को मिला, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
ईशान किशन का बल्ला लगातार हल्ला बोल रहा है. दलीप ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में 270 रन जड़ने के बाद ईशान ने दूसरी पारी में भी कमाल की बल्लेबाजी की है. उन्होंने तेजी से रन बनाते हुए टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है.
दलीप ट्रॉफी फाइनल 2026 जारी है, इसकी दूसरी पारी में वैभव सूर्यवंशी कुछ खास नहीं कर सके और स्टम्प आउट हो गए. खास बात यह है कि उनको जिन त्रिपुराना विजय ने आउट किया, उनका आईपीएल डेब्यू राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ हुआ था, उस मुकाबले में तब विजय पर वैभव टूट पड़े थे, लेकिन दलीप ट्रॉफी में विजय ने वैभव से बदला ले लिया.
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के वैभव सूर्यवंशी और साउथ जोन कप्तान तिलक वर्मा के बीच मैदान पर फिर जुबानी जंग देखने को मिली. पहले दिन जहां तिलक ने वैभव से कुछ बातें की थीं. चार दिन बाद वैभव ने मौका मिलते ही पलटवार किया. यह मामला खूब चर्चा में है.
दलीप ट्रॉफी फाइनल में बुधवार (9 सितंबर) को मैच के चौथे दिन तिलक वर्मा ने 99 रन बनाए. ईस्ट जोन के खिलाफ इस मुकाबले में साउथ जोन की टीम के कुछ बल्लेबाजों को छोड़ दिया जाए तो बाकी बल्लेबाजी फ्लॉप रही. तिलक के आउट होते ही ईस्ट जोन की पारी भी 336 रनों पर निपट गई.
दलीप ट्रॉफी के तीसरे दिन भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने कमाल की गेंदबाजी की. लेकिन मैच के दौरान मैदान पर उन्होंने कुछ ऐसा किया जिस कारण अंपायर ने उन्हें चेतावनी दे डाली. आइए जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है?
पिछले कुछ समय से भारतीय युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल अपनी बल्लेबाजी से सभी को खासा प्रभावित कर रहे हैं. श्रीलंका में लगातार दो शतक जड़ने के बाद अब वह दलीप ट्रॉफी में भी जलवा बिखेर रहे हैं.
श्रीलंका के खिलाफ दो शतक जड़ने वाले देवदत्त पडिक्कल ने दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में भी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 62 रन बनाए. वहीं ईशान किशन ने 270 रनों की दमदार पारी खेलकर ईस्ट जोन को 708 रन तक पहुंचाया. किशन दलीप ट्रॉफी में 250 से ज्यादा रन बनाने वाले भारत के पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज भी बन गए हैं.
दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी की बात कप्तान ईशान किशन ने मान ली, नतीजतन उनको DRS के बाद साउथ जोन के ओपनर रिकी भुई का विकेट मिला. अपील के वैभव सूर्यवंशी बाकायदा DRS के लिए 'ले लो, ले लो' कहते हुए नजर आए.
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच में एक यादगार पारी खेलकर अपनी टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है. इस मुकाबले के दौरान ईशान के पास तिहरा शतक बनाने का मौका था, लेकिन वह ऐसा करने से चूक गए.