भारतीय घरेलू क्रिकेट में इन दिनों कुमार कुशाग्र का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. झारखंड के इस युवा बल्लेबाज ने पुदुचेरी में खेले जा रहे ऑस्ट्रेलिया 'ए' के खिलाफ पहले अनऑफिशियल टेस्ट में बल्ले से ऐसा गदर मचाया कि विरोधी टीम के होश उड़ गए.
कुशाग्र ने शानदार शतक जड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने का काम किया. एक समय भारतीय टीम मुश्किल स्थिति में थी, ऐसा लग रहा था कि 150 बनाना भी टीम के लिए चुनौतीपूर्ण होगा. लेकिन कुशाग्र ने एक छोर से टीम को संभालकर संकट से बाहर निकाला.
97 रन पर 5 विकेट गिरने के बाद बने 'संकटमोचन'
मैच के पहले दिन जब कुशाग्र 82 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए थे, तभी से उनके इरादे साफ थे. दूसरे दिन उन्होंने मैदान पर उतरकर शानदार शतक पूरा किया.
पुदुचेरी की इस मुश्किल और दो-रंगी पिच पर जहां स्पिनर्स को मदद मिल रही थी, वहां भारतीय पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर चुकी थी. स्कोरबोर्ड पर महज 97 रन पर 5 विकेट गिर चुके थे और टीम गहरे संकट में थी.
ऐसे समय में कुशाग्र ने क्रीज पर कदम रखा और तनुष कोटियान के साथ मिलकर 138 रनों की शानदार साझेदारी कर डाली. उन्होंने अपनी संयम और सूझबूझ भरी पारी से टीम को उबारा और स्कोर को 300 के पार पहुंचाने की मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया. कुशाग्र ने 240 गेंदों का सामना करते हुए 113 रनों की बेहतरीन पारी खेली.
जबरदस्त फॉर्म में हैं कुशाग्र
कुमार कुशाग्र का यह पिछले कुछ मैचों में लगातार दूसरा शतक है. इससे पहले उन्होंने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में भी शतकीय पारी खेलकर ईस्ट जोन को चैम्पियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी.
कुशाग्र का यह दमदार प्रदर्शन उन लोगों को करारा जवाब है जो आईपीएल 2024 में दिल्ली कैपिटल्स द्वारा 7.2 करोड़ रुपये की भारी-भरकम कीमत में खरीदे जाने के बाद उनके शुरुआती कम प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे थे.