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कंटेंट क्रिएटर्स की राह मुश्किल, YouTube का ऐसा नियम जो लोगों को कर रहा परेशान

YouTube ने कुछ नए बदलाव किए है. इनमे से कुछ इसी महीने यानी अगस्त में लागू होंगे, जबकि कुछ 2027 की शुरुआत से होंगे. कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म से कमाई पहले के मुकाबले मुश्किल बना रही है. आइए समझते हैं क्या बदलने वाला है.

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नए क्रिएटर्स को होगी मुश्किल
नए क्रिएटर्स को होगी मुश्किल

वीडियो बनाकर कमाई करने का सपना देखने वाले लोगों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है. YouTube ने अपने पार्टनर प्रोग्राम के नियमों में बदलाव का ऐलान किया है. नए नियम 1 फरवरी 2027 से लागू होंगे. इसके साथ ही कंपनी ने वीडियो के व्यू काउंट के नियम में भी बड़े बदलाव कर दिए हैं. व्यू काउंट वाला चेंज 24 अगस्त 2026 से ही शुरू हो रहा है. 

सबसे बड़ा बदलाव उन लोगों के लिए है जो फ्यूचर में नया चैनल शुरू करेंगे और ऐड्स से कमाई करना चाहते हैं. अब केवल 1,000 सब्सक्राइबर हासिल करना काफी नहीं होगा. नए क्रिएटर्स को पहले से ज्यादा वॉच टाइम या शॉर्ट्स व्यूज जुटाने होंगे. अभी तक ऐड्स और प्रीमियम रेवेन्यू के लिए क्रिएटर्स को 1,000 सब्सक्राइबर के साथ पिछले 12 महीनों में 4,000 वैलिड पब्लिक वॉच आवर्स या पिछले 90 दिनों में 1 करोड़ पब्लिक शॉर्ट्स व्यूज की जरूरत होती थी.

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लेकिन 1 फरवरी 2027 से नए आवेदकों को 1,000 सब्सक्राइबर के साथ 8,000 क्वालिफाइड वॉच आवर्स या 90 दिनों में 2 करोड़ क्वालिफाइड शॉर्ट्स व्यूज चाहिए होंगे. यानी लंबे वीडियो बनाने वालों के लिए वॉच टाइम की जरूरत दोगुनी हो जाएगी और शॉर्ट्स क्रिएटर्स के लिए व्यूज का टारगेट भी काफी बढ़ जाएगा.  इस बदलाव का मतलब यह नहीं है कि जो क्रिएटर्स पहले से पार्टनर प्रोग्राम में शामिल हैं, उन्हें बाहर कर दिया जाएगा.

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नए क्रिएटर पर लागू होगा ये नियम

नए नियम मुख्य रूप से उन क्रिएटर्स पर लागू होंगे जो 1 फरवरी 2027 के बाद ऐड्स और प्रीमियम रेवेन्यू के लिए नया आवेदन करेंगे. पहले से प्रोग्राम में शामिल चैनलों का स्टेटस इस बदलाव से प्रभावित नहीं होगा. हालांकि छोटे क्रिएटर्स के लिए राहत भी है. फैन फंडिंग, चैनल मेंबरशिप, सुपर चैट, शॉपिंग और कुछ अन्य फीचर्स के लिए एंट्री नियम फिलहाल नहीं बदल रहे हैं. इन सर्विसेज तक पहुंच के लिए 500 सब्सक्राइबर और 3,000 वॉच आवर्स या 30 लाख शॉर्ट्स व्यूज वाला मौजूदा बेसलाइन बना रहेगा. 

शॉर्ट्स से कमाई बढ़ेगी या घटेगी?

शॉर्ट्स से कमाई करने वालों के लिए भी एक अलग बड़ा बदलाव है. 1 फरवरी 2027 से शॉर्ट्स क्रिएटर पूल से ऐड्स और प्रीमियम रेवेन्यू पाने के लिए किसी चैनल को पिछले 90 दिनों में 1 करोड़ शॉर्ट्स व्यूज बनाए रखने होंगे. अगर कोई चैनल इस लेवल से नीचे चला जाता है तो वह पार्टनर प्रोग्राम से बाहर नहीं होगा, लेकिन उस अवधि में शॉर्ट्स ऐड्स और प्रीमियम रेवेन्यू शेयर नहीं मिलेगा. लंबी वीडियो से होने वाली कमाई और दूसरे योग्य फीचर्स जारी रह सकते हैं. 

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24 अगस्त से व्यू काउंट में बदलाव

दिलचस्प बात यह है कि यूट्यूब ने हाल में व्यू गिनने का तरीका भी बदलने का ऐलान किया है. 24 अगस्त 2026 से किसी वीडियो के प्ले होना शुरू होते ही उसे एक पब्लिक व्यू माना जाएगा. इससे वीडियो पर दिखने वाले व्यूज तेजी से बढ़ सकते हैं. लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण बात समझनी होगी. ज्यादा दिखने वाले व्यूज का मतलब यह नहीं है कि मॉनेटाइजेशन पाना आसान हो जाएगा. कमाई और पार्टनर प्रोग्राम की योग्यता के लिए अलग क्वालिफाइड या एंगेज्ड मेट्रिक्स का इस्तेमाल जारी रहेगा. 

यानी आने वाले समय में किसी वीडियो पर लाखों व्यूज दिखना आसान लग सकता है, लेकिन उससे कमाई की गारंटी नहीं होगी. नए क्रिएटर्स को लोगों को वीडियो पर रोकना होगा. लंबे वीडियो में वॉच टाइम और शॉर्ट्स में वास्तविक, योग्य व्यूज ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे.

कंपनी के मुताबिक, इन बदलावों के पीछे प्लेटफॉर्म पर तेजी से बढ़ती वीडियो खपत और अलग-अलग तरह के क्रिएटर मॉडल को ध्यान में रखा गया है. साथ ही कंपनी नए कमाई के अवसर और इंसेंटिव प्रोग्राम भी लाने की बात कह रही है. 2027 से नया YouTube चैनल शुरू करना पहले जैसा नहीं रहेगा. चैनल बनाना अब भी मुफ्त है. वीडियो अपलोड करना भी आसान है. लेकिन सिर्फ कुछ वीडियो डालकर जल्दी ऐड्स से कमाई शुरू करने का रास्ता कठिन होने वाला है. 

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