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अश्मिता चालिहा ने कोरिया में लहराया तिरंगा, पहली बार जीता BWF टूर खिताब, चीनी खिलाड़ी पस्त

अश्मिता चालिहा इस साल बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय प्लेयर हैं. पीवी सिंधु ने हाल ही में जापान ओपन में खिताबी जीत हासिल की थी. जबकि देविका सिहाग ने थाइलैंड मास्टर्स और तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन में पोडियम फिनिश किया.

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 अश्मिता चालिहा की कोरिया मास्टर्स में खिताबी जीत. (Photo: Instagram/ashmichaliha)
अश्मिता चालिहा की कोरिया मास्टर्स में खिताबी जीत. (Photo: Instagram/ashmichaliha)

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अश्मिता चालिहा ने कोरिया मास्टर्स 2026 में यादगार प्रदर्शन किया. असम की 26 वर्षीय शटलर ने महिला सिंगल्स के फाइनल में चीन की चौथी वरीयता प्राप्त हान कियान शी को हराकर खिताब अपने नाम किया. यह अश्मिता के करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब है.

रविवार (9 अगस्त) को साउथ कोरिया के आसान में खेले गए खिताबी मुकाबले में अश्मिता की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उन्हें पहला गेम गंवाना पड़ा. इसके बावजूद उन्होंने दबाव में शानदार वापसी करते हुए अगले दोनों गेम अपने नाम किए. भारतीय खिलाड़ी ने वर्ल्ड नंबर-35 हान को 14-21, 21-14, 21-14 से मात दी. यह मुकाबला 53 मिनट तक चला.

फाइनल में चीनी खिलाड़ी ने शुरुआत में अश्मिता पर काफी दबाव बनाया. हान ने पहला गेम 21-14 से जीतकर बढ़त हासिल कर ली. यहां से अश्मिता के सामने बड़ी चुनौती थी. दूसरे गेम में भारतीय शटलर ने अपने खेल में बदलाव किया और रैलियों पर बेहतर नियंत्रण बनाया. इस बार उन्होंने हान को ज्यादा मौके नहीं दिए और 21-14 से गेम जीतकर मुकाबला 1-1 की बराबरी पर ला दिया. निर्णायक गेम में भी अश्मिता ने अपनी लय बरकरार रखी. उन्होंने दबाव में धैर्य दिखाते हुए 21-14 से जीत दर्ज की और ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया.

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अश्मिता चालिहा का खिताबी सफर आसान नहीं रहा. क्वार्टर फाइनल में उनका सामना जापान की टॉप सीड और वर्ल्ड नंबर-22 हिना अकेची से हुआ था. तब अश्मिता ने पहला गेम गंवाने के बावजूद 20-22, 21-15, 21-19 से जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर किया. इसके बाद सेमीफाइनल में उनके सामने हमवतन रक्षिता रामराज की चुनौती थी. तीन गेम तक चले ऑल-इंडियन मुकाबले में अश्मिता ने 21-13, 16-21, 21-13 से जीत हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया था.

इस खिताब को अश्मिता की हालिया फिटनेस चुनौतियां और खास बनाती हैं. दाएं घुटने में टियर के कारण उन्हें करीब तीन महीने तक बैडमिंटन कोर्ट से दूर रहना पड़ा था. अश्मिता ने मई में कोर्ट पर वापसी की थी और कुछ ही महीनों के अंदर BWF टूर खिताब जीत लिया. चोट के बाद वापसी करते हुए कोरिया मास्टर्स Super 300 जैसे टूर्नामेंट में चैम्पियन बनना उनके करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है.

अश्मिता चालिहा ने पूरे टूर्नामेंट में मुश्किल परिस्थितियों से वापसी करने की क्षमता दिखाई. क्वार्टर फाइनल और फाइनल दोनों में पहला गेम गंवाने के बाद उन्होंने मुकाबला पलटा. चीन की चौथी वरीय खिलाड़ी को हराकर अश्मिता ने अपने करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है.

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