बैडमिंटन (Badminton) एक लोकप्रिय रैकेट खेल है जिसे दो या चार खिलाड़ी एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हैं. यह खेल तेज गति, चपलता और रणनीति की मांग करता है. बैडमिंटन को इंडोर कोर्ट में खेला जाता है, और इसका उद्देश्य शटल को नेट के पार मारकर विरोधी खिलाड़ी से पॉइंट प्राप्त करना होता है.
बैडमिंटन की शुरुआत भारत में "पूना" नामक खेल के रूप में हुई थी. ब्रिटिश सेना के अधिकारी इस खेल को इंग्लैंड ले गए जहां इसे "बैडमिंटन" नाम दिया गया. 1934 में अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन महासंघ की स्थापना हुई, और धीरे-धीरे यह खेल ओलंपिक में भी शामिल हो गया.
बैडमिंटन में एकल (सिंगल्स) और युगल (डबल्स) मुकाबले होते हैं. प्रत्येक गेम 21 अंकों का होता है और जो खिलाड़ी पहले दो गेम जीतता है, वही विजेता माना जाता है. खेल में एक हल्का और हवादार शटल और रैकेट का उपयोग किया जाता है.
भारत में पी. वी. सिंधु, साइना नेहवाल, किदांबी श्रीकांत, लक्ष्य सेन और सातीwik-चिराग जैसे खिलाड़ी बैडमिंटन को नई ऊंचाइयों तक ले गए हैं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लिन डैन (चीन), ली चोंग वेई (मलेशिया) जैसे खिलाड़ी भी प्रसिद्ध हैं.
गेरेट टेन ने BWF वर्ल्ड चैम्पियनशिप में बड़ा उलटफेर करते हुए भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन को हराकर सबको चौंका दिया. खास बात यह रही कि टेन ने टूर्नामेंट से बाहर होने की उम्मीद में पहले ही घर वापसी की फ्लाइट बुक कर ली थी, लेकिन लक्ष्य को हराने के बाद उनकी आगा का सफर जारी है.
पीवी सिंधु ने सोमवार को आयरलैंड की सोफिया नोबल को हराकर BWF वर्ल्ड चैम्पियनशिप में धमाकेदार शुरुआत की है. पीवी सिंधु आने वाले मुकाबलों में अपनी जीत की लय को बरकरार रखना चाहेगी.
नई दिल्ली में होने वाली बैडमिंटन वर्ल्ड चैम्पियनशिप को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं. टूर्नामेंट को सफल बनाने के लिए आयोजकों ने कोर्ट, दर्शक दीर्घा और पूरे स्टेडियम की व्यवस्थाओं पर खास ध्यान दिया है. लेकिन इस बार एक ऐसी चुनौती भी सामने है, जिसकी शायद किसी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स इवेंट से उम्मीद नहीं की जाती.
अश्मिता चालिहा इस साल बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीतने वाली चौथी भारतीय प्लेयर हैं. पीवी सिंधु ने हाल ही में जापान ओपन में खिताबी जीत हासिल की थी. जबकि देविका सिहाग ने थाइलैंड मास्टर्स और तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन में पोडियम फिनिश किया.
26 साल की अश्मिता जबरदस्त फॉर्म में चल रही हैं. टॉप सीड को बाहर कर उन्होंने सबको चौंका दिया था. अब उनके सामने चीन की हान कियान शी की चुनौती होगी. एक और जीत अश्मिता को कोरिया मास्टर्स 2026 का चैम्पियन बना देगी.
17 साल की उम्र में सुपर-300 खिताब जीतना इस बात का संकेत है कि तन्वी शर्मा भारतीय बैडमिंटन की भविष्य हैं. तन्वी शर्मा ने ताइपे ओपन में 17 साल का इंतजार खत्म किया है. 2008 में साइना नेहवाल यहां पर चैम्पियन बनी थीं.
हार के बावजूद पीवी सिंधु ने अपने खेल से यह साबित कर दिया कि वह फिर से विश्व बैडमिंटन में शीर्ष खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखती हैं. जापान ओपन और अब चीन ओपन में उनका प्रदर्शन आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
PV Sindhu ने जापान ओपन सुपर 750 जीतकर इतिहास रचा, फाइनल में Akane Yamaguchi को 21-17, 21-17 से हराया। यह उनका 19 महीने बाद बड़ा खिताब और पहला सुपर 750 टाइटल है।
भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु ने इतिहास रचते हुए जापान ओपन सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया. सिंधु ने फाइनल में मेजबान जापान की स्टार खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया.
दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु आखिरकार शानदार फॉर्म में वापस आ गई हैं. दो सालों में पहली बार सिंधु किसी बीडब्ल्यूएफ टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं. सिंधु ने सेमीफाइनल में चीनी खिलाड़ी को हराकर बड़ा उलटफेर किया.
बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 17 साल बाद भारत लौट रही है और 17 से 23 अगस्त तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले जाने वाले इस टूर्नामेंट के लिए बीएआई ने बुकमायशो को आधिकारिक टिकटिंग पार्टनर बनाते हुए सोमवार से टिकट बिक्री शुरू कर दी है.
Satwiksairaj Rankireddy: भारत के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी ने भारतीय खेल सिस्टम और सोशल मीडिया संस्कृति पर नाराजगी जताई है. थॉमस कप में भारत को दो बार मेडल दिलाने वाले सात्विक ने कहा कि खिलाड़ियों को सम्मान नहीं मिलता, जबकि इंस्टाग्राम फेम लोगों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है. उन्होंने सरकार, खेल संघ और समाज की उदासीनता पर गंभीर सवाल उठाए.
बैडमिंटन एशिया चैम्पियनशिप में भारत के युवा शटलर आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया, लेकिन खिताबी मुकाबले में उन्हें चीनी खिलाड़ी ने हरा दिया. इसके बावजूद आयुष ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया.
बैडमिंटन स्टार कैरोलिना मारिन अब कोर्ट पर नहीं दिखेंगी. लगातार घुटने की चोट से जूझ रहीं मारिन ने आखिरकार अपने शरीर और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए यह कठिन फैसला लिया. उनकी विदाई ने फैन्स और खिलाड़ियों को भावुक कर दिया है क्योंकि उन्होंने अपने खेल से एक पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया.
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन खिताबी मुकाबले में अपना बेस्ट नही दे सके.. लक्ष्य़ सेन ने ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैम्पियनशिप में शी युकी को हराकर सनसनी मचा दी थी. फिर उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन कर फाइनल में जगह बनाई.
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु मध्य-पूर्व में एयरस्पेस बंद होने के कारण दुबई एयरपोर्ट पर फंस गई थीं. पास में धमाके के बाद उड़ानें रद्द हुईं, जिससे उन्हें ऑल इंग्लैंड ओपन 2026 से नाम वापस लेना पड़ा. अब वो सुरक्षित बेंगलुरु लौट आई हैं, इसके बाद उन्होंने एक भावुक पोस्ट भी लिखा.
भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी और देश में इस खेल की पहचान बनाने वाली शख्सियतों में शामिल साइना नेहवाल ने अपने संन्यास का ऐलान कर दिया.
महिला बैडमिंटन प्रतियोगिता जीतने पर कोरियाई खिलाड़ी आन से-यौंग ने पत्रकारों से बातचीत की.
इंडिया ओपन 2026 में गुरुवार को खेल के बीच ऐसा वाकया हुआ, जिसने आयोजन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए. एचएस प्रणॉय और लोह कीन यू के प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले को मुख्य कोर्ट पर पक्षियों की बीट गिरने के कारण एक नहीं, बल्कि दो बार रोकना पड़ा.
इंडिया ओपन सुपर बैडमिंटन टूर्नामेंट में लक्ष्य सेन ने जापान के केंटा निशिमोतो को हराकर क्वार्ट रफाइनल में जगह बनाई. वहीं, सात्विक-चिराग, किदांबी श्रीकांत, एच.एस. प्रणॉय, मालविका बंसोड़ और ट्रीसा-गायत्री टूर्नामेंट से बाहर हो गए. अब भारतीय चुनौती पूरी तरह लक्ष्य सेन पर टिकी है.
डेनमार्क की बैडमिंटन खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने इंडिया ओपन के वेन्यू पर सवाल उठाए थे. वहीं डेनमार्क के ही विश्व नंबर 2 एंडर्स एंटोनसेन ने खुलासा किया कि उन्होंने लगातार तीसरे साल दिल्ली की गंभीर प्रदूषण समस्या के कारण इस टूर्नामेंट से दूरी बनाई है.