भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने बुधवार यानी 23 सितंबर को आईपीएल ऑक्शन को लेकर बड़ा खुलासा किया. हर साल की तरह इस साल भी आईपीएल ऑक्शन का इंतजार फैन्स बेसब्री के साथ कर रहे हैं.
पिछले कुछ सालों से आईपीएल ऑक्शन का बाजार सऊदी अरब, दुबई और अबू धाबी जैसे विदेशी ठिकानों पर सज रहा था. लेकिन इस बार बीसीसीआई ने इसे वापस देश में लाने का फैसला किया है.
देवजीत सैकिया ने साफ कर दिया है कि इस साल दिसंबर के महीने में आईपीएल का ऑक्शन गोवा में आयोजित किया जाएगा. यानी विदेशी चकाचौंध से दूर अब खूबसूरत गोवा के समंदर किनारे खिलाड़ियों पर पैसों की भारी बरसात देखने को मिलेगी. ऑक्शन की डेट भी जल्द ही सामने आ सकती है.
#WATCH | Guwahati: BCCI Secretary Devajit Saikia said, "This year, after hosting the IPL auction in three foreign locations, Saudi Arabia, Dubai, and Abu Dhabi last year, we are going to host it in Goa in the month of December."
On the India A Women vs Australia A Women… pic.twitter.com/PRnlZAAI8N— ANI (@ANI) September 23, 2026
दूसरी तरफ भारत 'ए' महिला और ऑस्ट्रेलिया 'ए' महिला टीमों के बीच होने वाले बहु-दिवसीय और टी20 मुकाबलों के वेन्यू में बदलाव किया गया है. मौसम की बेरुखी के चलते इन मैचों को धर्मशाला से हटाकर मोहाली शिफ्ट कर दिया गया है.
इस पर बात करते हुए सैकिया ने बताया कि धर्मशाला में लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के कारण वहां क्रिकेट खेलना मुमकिन नहीं था. खेल बिना किसी रुकावट के लगातार चलता रहे, इसलिए बोर्ड ने तुरंत प्रभाव से मैचों को मोहाली ट्रांसफर करने का समझदारी भरा फैसला लिया.
🎥 𝙃𝙚𝙖𝙧𝙩𝙬𝙖𝙧𝙢𝙞𝙣𝙜 𝙨𝙘𝙚𝙣𝙚𝙨 from a historic Japan-India clash 🤝🫶#TeamIndiaInJapan | @CricketJapan pic.twitter.com/CpyAmneyoe
— BCCI (@BCCI) September 23, 2026
हाल ही में भारत और जापान की पुरुष टीमों के बीच हुए ऐतिहासिक मुकाबले पर खुशी जाहिर करते हुए देवजीत सैकिया ने इसे दोनों देशों के रिश्तों के लिए बेहतरीन बताया. उन्होंने खुलासा किया कि इस मैच के पीछे आईसीसी (ICC) चेयरमैन जय शाह का बड़ा विजन था.
एडिनबर्ग में हुई एक बैठक के दौरान जय शाह ने उन्हें जापानी क्रिकेट बोर्ड के साथ मिलकर इस मैच को आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी थी. सैकिया ने उम्मीद जताई कि जापानी दर्शकों के इस गजब के उत्साह से आने वाले समय में जापान और उसके पड़ोसी देशों में क्रिकेट की जड़ें और ज्यादा मजबूत होंगी.