वैभव सूर्यवंशी को वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के शुरुआती तीन मैचों में प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली है. इसे लेकर उनके बचपन के कोच मनीष ओझा ने टीम मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने भारतीय सेटअप में मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि बेंच पर बैठाकर खिलाड़ी तैयार नहीं किए जा सकते.
'टाइम्स नाउ' की रिपोर्ट के मुताबिक, मनीष ओझा का मानना है कि वैभव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को लगातार बाहर रखने के बजाय मैच खेलने के अवसर मिलने चाहिए. युवा खिलाड़ियों को नियमित मैच अनुभव की जरूरत होती है, ताकि वे अपने खेल में सुधार कर सकें और इंटरनेशनल क्रिकेट की चुनौतियों के लिए तैयार हों.
ओझा ने कहा कि अगर क्रिकेट की अगली पीढ़ी तैयार करनी है, तो खिलाड़ियों को मैदान पर उतरने और कठिन परिस्थितियों का सामना करने का मौका देना होगा. उनके मुताबिक, बेंच पर बैठकर कोई खिलाड़ी नहीं बनता.
'खिलाड़ी को लगने लगता है कि टीम को उसकी जरूरत नहीं'
वैभव को लगातार बाहर रखने से उनके आत्मविश्वास पर पड़ने वाले असर को लेकर भी कोच ने चिंता जताई. उन्होंने कहा कि बार-बार मौका नहीं मिलने से खिलाड़ी को लग सकता है कि टीम में उसकी जरूरत नहीं है. इससे वह निराश हो सकता है.
ओझा ने सवाल उठाया कि क्या टीम मैनेजमेंट ने पहले ही तय कर लिया है कि वैभव को मौका नहीं देना है. उन्होंने मौजूदा मैनेजमेंट के रवैये को मनमानी बताते हुए कहा कि इस उम्र में वैभव को नियमित रूप से खेलना चाहिए, ताकि वह अनुभव हासिल कर सकें और अपने खेल को निखार सकें. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल वैभव मैदान पर खेलने के बजाय पानी पिलाते नजर आ रहे हैं.
19 में से 11 मैचों में प्लेइंग XI से बाहर
IPL और जूनियर क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर वैभव को भारतीय टीम में जगह मिली थी. उन्होंने जुलाई 2026 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था. इसके साथ ही वह भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे यंग खिलाड़ी बने और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया.
अब तक वैभव भारत के लिए आठ टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुके हैं. उन्होंने 30.75 के एवरेज और 186.36 के स्ट्राइक रेट से 246 रन बनाए हैं. उनके नाम दो अर्धशतक हैं. इस दौरान उन्होंने 22 चौके और 18 छक्के लगाए. वैभव के सेलेक्शन के बाद पहली बार चुने जाने के बाद भारत ने 19 मैच खेले, जिनमें से 11 में वैभव को प्लेइंग XI में जगह नहीं मिली.
बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने क्या कहा था?
वेस्टइंडीज सीरीज से पहले भारतीय बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल ने वैभव को लेकर कहा था कि उन्हें टीम के साथ ज्यादा समय बिताने से फायदा होगा. उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ रहने, ट्रेनिंग करने और उनके काम करने के तरीके को करीब से देखने को यंग बल्लेबाज के डेवलपमेंट के लिए अहम बताया था.
मोर्कल के मुताबिक, भले ही वैभव को खेलने का मौका न मिले, लेकिन बस, डगआउट, होटल और ड्रेसिंग रूम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ समय बिताना उनके लिए उपयोगी होगा. वह यह देख सकते हैं कि सीनियर खिलाड़ी अपनी पारी की योजना कैसे बनाते हैं और अपने प्रोसेस पर कैसे काम करते हैं.
एशियन गेम्स में भारत को दिलाया गोल्ड
वैभव ने 2026 एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया था. उन्हें श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल और पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में खेलने का मौका मिला. दोनों मैचों में उन्होंने अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग की थी. संजू सैमसन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे, जबकि आमतौर पर इस क्रम पर खेलने वाले ईशान किशन फाइनल में पांचवें नंबर पर आए.
श्रीलंका के खिलाफ वैभव ने 38 रन बनाए, जबकि पाकिस्तान के खिलाफ उनके बल्ले से 15 रन निकले. भारत ने फाइनल जीतकर गोल्ड मेडल हासिल किया. इसके बावजूद घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्हें प्लेइंग XI में जगह मिलने का इंतजार है.
भारत सीरीज में 2-1 से आगे
श्रेयस अय्यर की अगुआई वाली भारतीय टीम पांच मैचों की टी20 सीरीज में वेस्टइंडीज से 2-1 से आगे है. भारत ने पहला मुकाबला आठ विकेट से जीता था. वेस्टइंडीज ने दूसरा टी20 छह विकेट से जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी. इसके बाद भारत ने इंदौर में तीसरा मुकाबला 14 रन से जीतकर बढ़त हासिल की.
सीरीज के बाकी दो मुकाबले 14 और 17 अक्टूबर को क्रमश: हैदराबाद और बेंगलुरु में खेले जाएंगे. भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज के मुकाबलों का टीवी पर स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर प्रसारण होगा. वहीं, ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप पर देखी जा सकती है.