इंग्लैंड क्रिकेट टीम के कप्तान जो रूट (Joe Root) अपने ही खिलाड़ियों की हरकतों से बेहद नाराज नजर आए. पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स (Lord's) में गुरुवार से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में रूट का गुस्सा साफ दिखाई दिया. तेज गेंदबाज ब्रायडन कार्स (Brydon Carse) के एक नाइट क्लब विवाद के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया है.
रूट ने साफ शब्दों में कहा कि वह इस बात से बेहद परेशान हैं कि उनके खिलाड़ी मैदान के बाहर लगातार ऐसी 'बेवकूफियां' कर रहे हैं. उनका मानना है कि इन विवादों की वजह से टीम के मैदान पर किए जा रहे प्रदर्शन से ध्यान भटक रहा है.
ब्रायडन कार्स के साथ आखिर हुआ क्या?
डरहम (Durham) की डर्बीशायर (Derbyshire) पर जीत का जश्न मनाने के बाद शनिवार रात कार्स एक बार के बाहर विवाद में फंस गए थे. सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह हथकड़ी लगाए हुए नजर आए. पुलिस ने सोमवार को पुष्टि की कि कार्स को नशे की हालत में हंगामा करने के संदेह में कुछ समय के लिए गिरफ्तार किया गया था. हालांकि बाद में उन्हें हिरासत से छोड़ दिया गया.
अब इस मामले की जांच क्रिकेट रेगुलेटर (Cricket Regulator) कर रहा है. जांच पूरी होने तक कार्स को इंग्लैंड की टेस्ट टीम से हटा दिया गया है और वह पाकिस्तान के खिलाफ गुरुवार से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट में नहीं खेलेंगे.
रूट बोले- सच कहूं तो मैं बेहद गुस्से में हूं...
लॉर्ड्स में मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए रूट ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की. उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते टीम के प्रदर्शन के बाद चर्चा क्रिकेट पर होनी चाहिए थी, लेकिन एक बार फिर टीम मैदान के बाहर हुए विवाद की वजह से सुर्खियों में है.
रूट ने कहा- अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं तो मैं वास्तव में बहुत नाराज हूं. पिछले सप्ताह के प्रदर्शन के बाद हम यहां बैठे हैं और ऐसी चीज पर बात कर रहे हैं, जिसका उस प्रदर्शन से कोई लेना-देना ही नहीं है.
ब्रायडन कार्स पर क्या बोले स्टोक्स?
उन्होंने कहा कि कार्स से उनकी बात हो चुकी है और तेज गेंदबाज इस घटना से काफी परेशान हैं. रूट के मुताबिक, कार्स ने अपनी गलती स्वीकार की है और वह बेहद माफी मांग रहे हैं.
इंग्लैंड कप्तान ने कहा- जब मुझे इस बारे में पता चला तो सबसे पहले मेरी चिंता एक इंसान के तौर पर ब्रायडन को लेकर थी. मैंने उनके साथ काफी समय बिताया है और वह इस ड्रेसिंग रूम का अहम हिस्सा रहे हैं.
'बार-बार बेवकूफियां कर रहे हैं खिलाड़ी'
रूट ने कहा कि मामला सिर्फ कार्स की एक घटना तक सीमित नहीं है. असली चिंता यह है कि इंग्लैंड के खिलाड़ी लगातार मैदान के बाहर ऐसे विवादों में फंसते रहे हैं.
कार्स इस गर्मियों में ऐसे मामले की जांच के चलते टेस्ट मैच से बाहर होने वाले इंग्लैंड के तीसरे खिलाड़ी हैं. उनसे पहले गस एटकिंसन (Gus Atkinson) और बेन स्टोक्स (Ben Stokes) भी देर रात शराब पीने और उससे जुड़े मामलों की जांच के कारण टेस्ट मैच नहीं खेल पाए थे.
पिछले 12 महीनों से इंग्लैंड टीम के लिए शराब और देर रात की पार्टियों से जुड़े विवाद लगातार परेशानी बने रहे हैं. पिछले साल की एशेज (Ashes) सीरीज में इंग्लैंड को 1-4 से हार मिली थी और उस दौरान भी ऐसे विवाद टीम के साथ जुड़े रहे थे.
स्टोक्स के बाद रूट ने हटाया था मिडनाइट कर्फ्यू
बेन स्टोक्स जून में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. इससे कुछ समय पहले चेल्सी के एक नाइट क्लब में हुई घटना को लेकर उन्हें लिखित चेतावनी दी गई थी, हालांकि हिंसक गतिविधि में उनकी किसी भूमिका का मामला साबित नहीं हुआ था.
स्टोक्स के बाद टेस्ट कप्तानी संभालने वाले रूट का पहला बड़ा फैसला टीम का आधी रात वाला कर्फ्यू हटाना था. उन्होंने खिलाड़ियों से कहा था कि उन्हें 'जिम्मेदार वयस्कों' की तरह व्यवहार करना चाहिए. कार्स के ताजा विवाद के बावजूद रूट अपने इस फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.
उन्होंने कहा- मुझे अब भी नहीं लगता कि कर्फ्यू वाला तरीका सही है. हमें ऐसी संस्कृति बनानी है, जिस पर हमें प्राउड हो और जिसे हम अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों तक पहुंचा सकें.
कार्स को क्या सजा मिलेगी? रूट ने नहीं दिया जवाब
रूट ने कार्स को मिलने वाली संभावित सजा पर कोई टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि मामला अभी क्रिकेट रेगुलेटर के पास है और फैसला जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा.
कार्स घटना के समय इंग्लैंड टीम के साथ ड्यूटी पर नहीं थे, लेकिन वह सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट (Central Contract) वाले खिलाड़ी हैं. ऐसे में यह मामला इंग्लैंड क्रिकेट के लिए गंभीर माना जा रहा है.
रूट ने कहा कि खिलाड़ियों के पास अब अपनी सार्वजनिक छवि बदलने का मौका है. उन्होंने माना कि मौजूदा समय में टीम खुद को उस तरीके से पेश नहीं कर रही है, जैसा वह चाहती है.
स्टीफन फ्लेमिंग के साथ होगा कल्चर रीसेट?
रूट ने संकेत दिए कि इंग्लैंड टीम में आने वाले समय में एक बड़ा सांस्कृतिक बदलाव देखने को मिल सकता है. नए हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग (Stephen Fleming) के साथ मिलकर वह टीम के माहौल और खिलाड़ियों की जिम्मेदारियों को नए सिरे से तय करना चाहते हैं.
उन्होंने माना कि यह बदलाव रातोंरात नहीं होगा. हालांकि टीम के भीतर इस बात पर बातचीत शुरू हो चुकी है कि इंग्लैंड के लिए खेलना क्या मायने रखता है और खिलाड़ियों से किस तरह के व्यवहार की उम्मीद की जाती है.
रूट ने बताया कि टीम के लंदन पहुंचने के बाद खिलाड़ियों के साथ इस मुद्दे पर गंभीर और कड़ी चर्चा हुई. अब सभी के सामने यह स्पष्ट कर दिया गया है कि टीम से क्या उम्मीद की जाती है.उन्होंने कहा कि इस बातचीत के बाद टीम का ध्यान अब पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर होने वाली चुनौती पर होना चाहिए.
कब से है इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच दूसरा टेस्ट
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच लॉर्ड्स में दूसरा टेस्ट गुरुवार से शुरू होगा. रूट ने कहा कि टीम अब पूरी तैयारी के साथ पिच और पाकिस्तान की चुनौती का सामना करने पर ध्यान लगाएगी. उनके सामने अगले दो टेस्ट मैचों में मैदान पर बेहतर प्रदर्शन करने के साथ-साथ मैदान के बाहर अपनी छवि सुधारने की भी बड़ी चुनौती होगी.