आज का दिन वैश्विक कूटनीति के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों से लिखा जाएगा. एक तरफ बीजिंग में भारत के एनएसए अजीत डोभाल, तो दूसरी तरफ मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर. एक तरफ टोक्यो में पीयूष गोयल, तो वॉशिंगटन और कनाडा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण. ये कोई इत्तेफाक नहीं, ये भारत का 'वैश्विक कूटनीतिक चक्रव्यूह' है.