तिरुवनंतपुरम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले जा रहे पहले वनडे मुकाबले में वेस्टइंडीज की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 7 विकेट पर 295 रन बनाए. एक समय 350 की तरफ जा रही वेस्टइंडीज को भारतीय गेंदबाजों ने 300 के अंदर ही रोक दिया.
मैच में एक वक्त ऐसा लग रहा था कि वेस्टइंडीज बहुत बड़ा स्कोर खड़ा कर देगा. टीम के ओपनर्स जस्टिन ग्रीव्स और जॉन कैंपबेल ने शानदार शुरुआत करते हुए पहले विकेट के लिए 135 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली.
लेकिन इसके बाद मैदान पर स्पिनर कुलदीप यादव का जादू चला और उन्होंने अकेले दम पर वेस्टइंडीज की बैटिंग लाइन-अप की कमर तोड़ दी. कुलदीप ने अपनी फिरकी के जाल में बल्लेबाजों को ऐसा उलझाया कि उन्होंने अपने 10 ओवर के स्पेल में सिर्फ 40 रन देकर 4 बड़े विकेट झटके. बाकी दूसरे गेंदबाज रन रोकने के लिए काफी संघर्ष करते नजर आए.
कुलदीप के मास्टरस्ट्रोक से बदला मैच का रुख
वेस्टइंडीज के बल्लेबाज जस्टिन ग्रीव्स शानदार फॉर्म में थे और उन्होंने अपना शतक पूरा कर लिया था. वह क्रीज पर टिककर एक बड़ा स्कोर बनाने की फिराक में थे. तभी पारी के 36वें ओवर में कुलदीप यादव ने एक गच्चा खाने वाली गेंद फेंकी. ग्रीव्स ने स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन वे चूक गए और गेंद सीधे उनके पिछले पैर पर जाकर लगी.
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— Star Sports (@StarSportsIndia) September 27, 2026
भारत ने जोरदार अपील की, लेकिन मैदानी अंपायर ने नॉट आउट करार दिया. अंपायर के फैसले से नाखुश कुलदीप को पूरा भरोसा था कि बल्लेबाज आउट है. उन्होंने कप्तान शुभमन गिल को तुरंत डीआरएस (DRS) लेने के लिए मना लिया.
टाइम खत्म होने से ठीक पहले गिल ने रिव्यू का बटन दबाया और जब स्क्रीन पर रिजल्ट आया तो सब दंग रह गए. तीनों लाल बत्तियां जल उठीं और ग्रीव्स को शतक बनाते ही पवेलियन लौटना पड़ा. इस विकेट ने एक बार फिर मैच का पूरा पासा भारत के पक्ष में घुमा दिया.
आखिरी ओवर का रोमांच
वेस्टइंडीज की पारी के आखिरी ओवर में गेंदबाजी की जिम्मेदारी नीतीश के कंधों पर थी. नीतीश ने ओवर की पहली ही गेंद पर फोर्ट को आउट कर दिया, जिसे डीप कवर पर खड़े फील्डर ने आसानी से कैच कर लिया. इसके बाद नीतीश ने लगातार पांच बेहतरीन गेंदें फेंकी और क्रीज पर मौजूद गुडाकेश मोती को खुलकर हाथ खोलने का मौका नहीं दिया.