राजस्थान के नागौर जिले में स्कूल में पढ़ने वाले 5वीं कक्षा के एक मासूम छात्र की कथित बेरहमी से पिटाई का मामला सामने आया है. आरोप है कि गोगेलाव गांव स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल में बच्चा अपनी नोटबुक घर भूल गया था. इसी बात पर शिक्षक जगदीश भोरा ने उसके साथ मारपीट की. बच्चे के पिता की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी शिक्षक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 115(2), 126(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है. छात्र का मेडिकल मुआयना भी कराया जा रहा है.
घटना 26 सितंबर 2026 की दोपहर करीब 12:30 बजे की बताई गई है. पीड़ित छात्र हिमांशु के पिता गोर्धनराम प्रजापत ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि उनका बेटा शनिवार को स्कूल गया था. बताया गया कि जल्दबाजी में हिमांशु अपनी नोटबुक घर पर ही भूल गया था. जब कक्षा में अध्यापक जगदीश भोरा ने उससे कॉपी मांगी तो बच्चे ने बताया कि वह कॉपी घर भूल आया है. आरोप है कि बच्चे की बात सुनकर शिक्षक ने उस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और गाली-गलौज शुरू कर दी. इसके बाद शिक्षक ने लकड़ी की लाठी से बच्चे की पिटाई शुरू कर दी.
मार के निशान देखकर परिजनों के उड़े होश
आरोप है कि पिटाई के बाद बच्चा बुरी तरह डर गया. शिक्षक की कथित धमकी के कारण उसने घर पहुंचकर माता-पिता को घटना के बारे में कुछ नहीं बताया. लेकिन शरीर पर लगी चोट का दर्द लगातार बढ़ता रहा. बताया गया कि बच्चा ठीक से बैठ भी नहीं पा रहा था और पूरे शरीर में दर्द हो रहा था. रविवार शाम को जब दर्द ज्यादा बढ़ गया तो बच्चा रोने लगा. माता-पिता ने उससे पूछा और उसके कपड़े हटाकर शरीर देखा तो मारपीट के निशान नजर आए. इसके बाद परिजनों को पूरी घटना की जानकारी हुई.
बच्चे के पिता की शिकायत के मुताबिक, शिक्षक ने केवल लाठी से पिटाई ही नहीं की, बल्कि उसके बाल भी पकड़े और गालियां दीं. आरोप यह भी है कि बच्चे को किसी को घटना के बारे में बताने पर दोबारा पीटने और जान से मारने की धमकी दी गई. इसी डर के कारण बच्चा घर पर भी चुप रहा और घटना के बारे में तुरंत किसी को नहीं बताया. परिजनों को जब चोट के निशान दिखाई दिए, तब मामले की जानकारी सामने आई.
मामला सामने आने के बाद गोगेलाव गांव में भी लोगों में नाराजगी देखी गई. ग्रामीण महेंद्र ने आरोप लगाया कि यह घटना स्वामी विवेकानंद स्कूल की है और बच्चे के साथ किताबें घर भूलने की बात पर अमानवीय तरीके से मारपीट की गई. ग्रामीण का दावा है कि यह अकेला मामला नहीं है. उनके अनुसार स्कूल में करीब 15 से 20 अन्य बच्चों के साथ भी इसी तरह की हरकतें हो चुकी हैं. हालांकि, इन आरोपों की अलग से पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित छात्र के पिता गोर्धनराम प्रजापत ने जिला कलेक्टर नागौर और सदर थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी. शिकायत में उन्होंने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. इसके बाद सदर थाना पुलिस ने 28 सितंबर 2026 को आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया. पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ BNS की धारा 115(2) के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, धारा 126(2) के तहत गलत तरीके से रोकने और धारा 351(2) के तहत आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है.
छात्र का मेडिकल मुआयना कराया जा रहा
थाना अधिकारी सउनि गरीबराम ने बताया कि पीड़ित छात्र का अलग से मेडिकल मुआयना कराया जा रहा है. मामले की जांच सउनि शिवदेवराम को सौंपी गई है. पुलिस की ओर से आरोपी शिक्षक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है. वहीं, परिजन और ग्रामीण मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. इस घटना में सबसे अहम बात यह सामने आई कि जिस बच्चे के साथ कथित तौर पर स्कूल में मारपीट हुई, वह डर के कारण तुरंत घर पर कुछ नहीं बता सका. दो दिन बाद जब दर्द बढ़ा और परिजनों ने शरीर पर चोट के निशान देखे, तब घटना सामने आई. अब पुलिस शिकायत, मेडिकल जांच और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी.