महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने पत्रकारों से बातचीत में पॉक्सो कानून को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया. साथ ही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर पर सवाल उठाने वाले विपक्षी नेताओं पर निशाना साधा. लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए नितेश राणे ने कहा कि अगर बीजेपी चुनाव मैनेज करती, तो हम 240 सीटों पर नहीं रुकते, बल्कि 400 पार पहुंचते.
राणे ने कहा कि पॉक्सो कानून की प्राथमिकता को लेकर अदालत का रुख बेटियों और बहनों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, 'इस फैसले से बच्चियों का भविष्य सुरक्षित करने में मदद मिलेगी. हम इसका तहे दिल से स्वागत करते हैं.'
एसआईआर पर असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी का जवाब देते हुए राणे ने कहा कि भारत में मतदान का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को होना चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि मतदाता सूची से अपात्र लोगों के नाम हटाने की प्रक्रिया को षड्यंत्र क्यों बताया जा रहा है.
राणे ने आरोप लगाया कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों ने लोकसभा चुनाव में मतदान किया था. उनके मुताबिक, ऐसे नामों को मतदाता सूची से हटाने के प्रयासों का विपक्ष विरोध कर रहा है. हालांकि, बातचीत के उपलब्ध विवरण में उन्होंने इस आरोप के समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया.
कांग्रेस, ओवैसी और ठाकरे बंधुओं पर हमला बोलते हुए राणे ने आरोप लगाया कि उनके बयान पाकिस्तान की भाषा से मेल खाते हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया से विपक्ष को परेशानी हो रही है.
ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की टिप्पणियों पर राणे ने कहा कि चुनाव जीतने के दौरान विपक्ष आयोग पर सवाल नहीं उठाता, लेकिन भाजपा की जीत पर उसकी निष्पक्षता को कठघरे में खड़ा करता है.
लोकसभा चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, 'अगर भाजपा चुनाव आयोग के माध्यम से चुनाव मैनेज करती, तो हम 240 सीटों पर नहीं रुकते, बल्कि 400 पार पहुंचते.' महाराष्ट्र में भाजपा की कम सीटों का उल्लेख करते हुए उन्होंने पार्टी की सफलता का श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत, जनता के विश्वास और हिंदुत्ववादी विचारों को दिया. राणे ने विपक्ष पर चुनावी सुविधा के अनुसार रुख बदलने का आरोप लगाया.