जैसलमेर के कोतवाली थाना क्षेत्र की रानीसर कच्ची बस्ती में रविवार देर रात एक महिला को गंभीर रूप से जली हुई हालत में अस्पताल पहुंचाया गया. महिला की पहचान कमला के रूप में हुई है. वह करीब 90 फीसदी झुलस गई थी. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जोधपुर रेफर कर दिया. मंगलवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद कमला का पति प्रकाश ओड, उसका देवर और सास-ससुर उसे अस्पताल लेकर पहुंचे थे. पति ने पुलिस को बताया कि कमला ने खुद ही आग लगाई थी. लेकिन पुलिस को इस कहानी पर शक हुआ और टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कमला और उसका पति घर के बाहर खुले में सो रहे थे. मौके पर सिर्फ उनका बिस्तर जला हुआ मिला. पति भी पास में ही सो रहा था. पुलिस ने जांच शुरू की. पुलिस का कहना है कि अगर कमला ने खुद को आग लगाई होती तो आग की चपेट में पति के आने की भी आशंका थी.

घटना के वक्त कमला के दोनों बच्चे, जिनकी उम्र करीब 4 साल और डेढ़ साल है, वे अपने दादा-दादी के पास सो रहे थे. पुलिस ने मौके से सबूत जुटाए और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी.
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इधर, सोमवार को कमला के मायके वाले जैसलमेर पहुंचे. रामदेवरा निवासी उसके भाई भोमाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है. शिकायत में आरोप लगाया गया कि कमला की शादी करीब 9 साल पहले प्रकाश से हुई थी. प्रकाश ट्रैक्टर और टैक्सी चलाता है. कमला के भाई का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी बहन को दहेज के लिए परेशान किया जाता था और उसके साथ मारपीट भी की जाती थी. मायके पक्ष ने आरोप लगाया कि प्रकाश ने ही पेट्रोल डालकर कमला को आग लगाई और इस साजिश में उसके सास-ससुर और देवर भी शामिल थे.
पुलिस ने फिलहाल हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और पति प्रकाश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. ससुराल के दूसरे सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. कोतवाली थाना प्रभारी सुरजाराम जाखड़ के मुताबिक, महिला के पति की ओर से बताई गई कहानी और घटनास्थल से मिले तथ्यों में अंतर दिखा. इसी वजह से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी.