राजस्थान के अलवर में दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. सीजेपी की ओर से 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया. इसके बाद अलवर के कठूमर थाना क्षेत्र में पुलिस सीजेपी से जुड़े दीपक बालियान के घर पहुंची. दीपक बालियान CJP में संगठन से जुड़ी जिम्मेदारी संभालते हैं. इस घटनाक्रम के बाद सीजेपी नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पुलिस पर दीपक बालियान को हिरासत में लेने का आरोप लगाया.
हालांकि, अलवर पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है. पुलिस का कहना है कि दीपक बालियान को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया, बल्कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के आह्वान के बाद उन्हें समझाकर पाबंद करने की कार्रवाई की गई. पुलिस ने मारपीट के आरोपों को अफवाह बताया.
यहां देखें Video
कठूमर पुलिस अलवर के मानखेड़ा स्थित दीपक बालियान के आवास पर पहुंची थी. इस दौरान CJP नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो शेयर किया. वीडियो में वह पुलिसकर्मियों से सवाल करते नजर आए और संबंधित अधिकारी से बात कराने की मांग की. उन्होंने यह भी पूछा कि दीपक बालियान को किस आधार पर थाने आने के लिए कहा जा रहा है.

पार्टी की ओर से दावा किया गया कि रात करीब 10 बजे पुलिस की दो जीपें दोबारा पहुंचीं और दीपक बालियान को अपने साथ ले गईं. वहीं, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का कहना था कि वे इलाके में गश्त कर रहे थे और अधिकारियों के निर्देश पर दीपक बालियान को थाने आने की सूचना देने पहुंचे थे.
इस घटनाक्रम के वीडियो आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर शेयर किए. इसके बाद पुलिस की कार्रवाई और दीपक बालियान को कथित तौर पर साथ ले जाने को लेकर सवाल उठने लगे.
पुलिस ने क्या सफाई दी?
कठूमर थाने के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और ड्यूटी ऑफिसर उमरुद्दीन के मुताबिक, दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने के मद्देनजर दीपक बालियान को समझाया गया था. पुलिस का कहना है कि उन्हें दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के आह्वान को लेकर पाबंद किया गया था. पुलिस के अनुसार, दीपक बालियान के पिता ने पुलिसकर्मियों को चाय पीने के लिए कहा था, जिस पर दीपक नाराज हो गए.
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पुलिस ने यह भी दावा किया कि जरूरी प्रक्रिया और मेडिकल जांच के बाद दीपक बालियान को उनके घर रवाना कर दिया गया. पुलिस ने कहा कि दीपक बालियान को हिरासत में नहीं लिया गया और न ही उनके साथ मारपीट की गई. इस संबंध में फैल रही बातें अफवाह हैं. हालांकि, घटनाक्रम को लेकर CJP की ओर से लगाए गए आरोप और पुलिस का पक्ष अलग-अलग हैं.
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान
CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है. पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची के काम यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है. पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. आशुतोष रांका ने कहा है कि प्रदर्शन तय कार्यक्रम के मुताबिक होगा. पार्टी कार्यकर्ता गिरफ्तारी या हिरासत की स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं.
दीपक बालियान को CJP ने अगस्त 2026 में राष्ट्रीय संगठन सह-प्रभारी और नॉर्थ जोन प्रभारी की जिम्मेदारी दी थी. फिलहाल, अलवर में पुलिस के दीपक बालियान के घर पहुंचने और उन्हें पाबंद करने की कार्रवाई को लेकर विवाद बना हुआ है. एक तरफ CJP नेता ने पुलिस पर हिरासत में लेने का आरोप लगाया है, तो दूसरी तरफ पुलिस ने गिरफ्तारी और मारपीट से इनकार किया है.