पाकिस्तान अब सऊदी अरब के सहयोग में खुलकर आगे आ चुका है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पहली बार हूती विद्रोहियों को सीधे-सीधे टेररीस्ट कहा है. शहबाज ने सोशल मीडिया X पर सऊदी पर हुए हमलों को आतंकी हमला बताते हुए निंदा की. ये वही पाकिस्तान है जो एक महीने पहले तक हूतियों का नाम लेने से भी बच रहा था.
7 अगस्त को मक्का डिफेंस पैक्ट साइन होने के बाद भी पाकिस्तान और तुर्की हूती के खिलाफ जंग में सीधे शामिल होने से कतरा रहे थे. दोनों देशों के अक्सर शांति और किसी पैक्ट के खिलाफ ना होने जैसे गोल-मोल बयान सामने आते रहते थे. 26 सितंबर को UN में शहबाज ने जरूर कहा था कि मक्का पर हमला रेड लाइन है, लेकिन हूतियों को आतंकी नहीं कहा था. अब 8 अक्टूबर को सऊदी में 2 एयरपोर्ट पर हमले में 3 विदेशी नागरिकों की मौत के बाद इस्लामाबाद का सुर बदल गया है.
अब पाक पीएम ने सऊदी की तारीफों के कसीदे पढ़ते हुए उसकी सेना की सतर्कता की तारिफ की है. इसके साथ ही रक्षा समझौते का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने भाई सऊदी के साथ अटूट एकजुटता में खड़ा है.
हूतियों पर सऊदी की जवाबी कार्रवाई को सही ठहराते हुए शाहबाज ने कहा कि सऊदी को अपने नागरिकों की रक्षा करने का पूरा हक है. इससे पहले 5 अक्टूबर को रियाद में इसी कमेटी की इमरजेंसी मीटिंग हुई थी. वहीं तय हुआ था कि तुर्की और पाकिस्तान की सेना सऊदी में तैनात होगी.
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'सऊदी के साथ कंधा मिलाकर खड़े हैं हम'
शहबाज ने आखिर में हूतियों को चेतावनी दी और कहा कि हमले तुरंत बंद हों. ' हम हर खतरे में सऊदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे.' पहले सिर्फ बैकफुट पर रहने वाला पाकिस्तान ने अब सऊदी के दबाव और रक्षा समझौते के बाद तय कर लिया है कि यमन की लड़ाई में अब वो सिर्फ बयान नहीं, असल कार्रवाई भी करेगा.