scorecardresearch
 

दिल्ली में यहां धारा 163 लागू, इन कामों पर होगी रोक, उल्लंघन पर हो सकती है FIR!

दिल्ली में हो रहे प्रदर्शन के बीच नई दिल्ली इलाकों में धारा 163 लागू है. ऐसे में जानते हैं कि बीएनएसएस 163 जहां लागू होते हैं, वहां किन किन कामों पर मनाही होती है?

Advertisement
X
दिल्ली में कुछ इलाकों में धारा 163 लागू हैं. (Photo: PTI)
दिल्ली में कुछ इलाकों में धारा 163 लागू हैं. (Photo: PTI)

दिल्ली में प्रदर्शन और हंगामे को लेकर नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है. 2 अक्टूबर से 9 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग मामलों में करीब 25 FIR दर्ज की हैं. इनमें कांग्रेस कार्यकर्ताओं और वामपंथी संगठनों से जुड़े लोगों के नाम शामिल हैं. पुलिस के साथ मारपीट, सरकारी काम में बाधा डालने और प्रतिबंधों के उल्लंघन जैसे आरोपों में कार्रवाई की गई है.

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि धारा 163 का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना है. इसके तहत उचित एहतियाती प्रतिबंध लगाए गए हैं. आदेश का उल्लंघन करने या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. ऐसे में सवाल है कि धारा 163 क्या है, इसके तहत क्या-क्या पाबंदियां लगाई जा सकती हैं और क्या यह पहले लागू होने वाली धारा 144 जैसी ही है?

धारा 163 क्या है?

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 का इस्तेमाल ऐसी परिस्थितियों में किया जाता है, जब किसी संभावित खतरे, उपद्रव या अशांति को रोकने के लिए तत्काल प्रतिबंध लगाना जरूरी हो. इसके तहत जिला मजिस्ट्रेट, उप-मंडल मजिस्ट्रेट या अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट लिखित आदेश जारी कर सकते हैं. इसका मकसद लोगों की सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है. भीड़ जमा होने से रोकने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है.

Advertisement

नई दिल्ली में लागू आदेश के तहत बिना पूर्व लिखित अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, जुलूस निकालने, प्रदर्शन करने, धरना देने और नारे लगाने या भाषण देने पर रोक लगाई गई है. यानी इन गतिविधियों पर प्रतिबंध इस इलाके में जारी आदेश की शर्तों के मुताबिक लागू है. ये आईपीसी की धारा 144 की तरह है.

क्या-क्या नहीं कर सकते?

5 या उससे अधिक लोगों का इकट्ठा होना और सार्वजनिक सभा या जमावड़ा करना मना होता है. बिना अनुमति जुलूस निकालना, धरने पर बैठने की मनाही होती है. आदेश के मुताबिक बंदूक, तलवार, लाठी, डंडे, ईंट-पत्थर जैसी वस्तुएं ले जाने की मनाही होती है.

धारा 163 का उल्लंघन करने पर क्या कार्रवाई होगी?

धारा 163 के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई हो सकती है. अगर उल्लंघन से किसी सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा, परेशानी या नुकसान का खतरा पैदा होता है, तो छह महीने तक की साधारण कैद, 2,500 रुपये तक जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. वहीं, मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा होने अथवा दंगा होने की स्थिति में एक साल तक की कैद, 5,000 रुपये तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है.

Advertisement

हालांकि, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिसकर्मियों से मारपीट करने या सरकारी काम में बाधा डालने के मामलों में आरोपों और परिस्थितियों के आधार पर दूसरी कानूनी धाराएं भी लग सकती हैं. इसलिए हर मामले में कार्रवाई एक जैसी होना जरूरी नहीं है.

क्या धारा 163 पहले की धारा 144 जैसी है?

हां, मौजूदा बीएनएसएस की धारा 163 पुराने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अनुरूप है. नए कानून में इसका नंबर बदला गया है, लेकिन इसका मूल उद्देश्य तत्काल खतरे या संभावित अशांति को रोकने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करना है.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement