How To Remove Dampness: बारिश के बाद बाहर का मौसम सुहाना जरूर हो जाता है, लेकिन घर के अंदर उमस और नमी बढ़ जाती है. इसकी वजह से घर के कमरे अचानक चिपचिपे और भारी-भारी से लगने लगते हैं. दीवारों पर सीलन, खिड़कियों पर पानी की बूंदें और कमरे में अजीब सी महक आने लगती है. लोग चिपचिपाहट भरी गर्मी से बुरी तरह परेशान हो जाते हैं. आलम ये होता है कि नहाकर आने के कुछ मिनट बाद ही उनके कपड़े बुरी तरह पसीने से भीग जाते हैं. उमस और चिपचिपी गर्मी से राहत पाने के लिए कुछ लोग एक बेहद पुराना नुस्खा अपना रहे हैं.
दरअसल, लोग अपने कमरे में एक कटोरी में नमक रख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि नमक हवा में मौजूद एक्स्ट्रा नमी को सोख लेता है और कमरे की उमस कम हो जाती है. सुनने में यह तरीका काफी आसान लगता है, क्योंकि इसमें न बिजली का खर्च है और न किसी महंगे गैजेट की जरूरत. लेकिन सवाल ये है कि क्या रसोई में रखा साधारण नमक वाकई कमरे के लिए डीह्यूमिडिफायर का काम कर सकता है? क्या नमक की कटोरी कमरे में रखने से सच में कमरे की उमस और नमी से छुटकारा मिल सकता है? चलिए जानते हैं.
नमक हवा की नमी कैसे खींचता है?
नमक में नमी को अपनी तरफ अट्रैक्ट करता है. इसे वैज्ञानिक भाषा में 'हाइग्रोस्कोपिक' गुण कहा जाता है. जब आसपास की हवा में नमी ज्यादा होती है, तो नमक उस नमी को सोखना शुरू कर सकता है. यही वजह है कि कई बार बरसात के मौसम में नमक डिब्बे के अंदर ही गीला होकर आपस में चिपक जाता है. कई बार तो नमक पूरी तरह पानी में बदल जाता है. आप देखकर ये कह ही नहीं पाएंगे कि उसमें कभी नमक रखा था.
इस वायरल हैक के पीछे भी यही साइंस बताई जा रही है. नमक को किसी कटोरी में रखकर ऐसी जगह पर रखा जाता है जहां नमी ज्यादा हो, जैसे खिड़की के पास, बाथरूम या किसी बंद कमरे में. कुछ समय बाद नमक में गांठें पड़ सकती हैं या वो गीला दिखाई दे सकता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वो आसपास की नमी सोख लेता है.
लेकिन क्या इससे पूरे कमरे की नमी हो जाएगी गायब?
नहीं, एक कटोरी नमक कमरे की थोड़ी बहुत नमी को सोख सकता है, लेकिन ये किसी इलेक्ट्रिक डीह्यूमिडिफायर की तरह पूरे कमरे की उमस या नमी को तेजी से कम नहीं कर सकता.
खासकर अगर कमरे में लगातार बाहर से नम हवा आ रही है, दीवार में सीलन है या कहीं से पानी रिस रहा है, तो सिर्फ नमक रखने से समस्या खत्म नहीं होगी. ऐसे मामलों में नमी के असली कारण को दूर करना ज्यादा जरूरी है.
साधारण नमक की भी है एक लिमिट
ये बात जानना भी जरूरी है कि सोशल मीडिया पर 'सॉल्ट डीह्यूमिडिफायर' कहकर हर तरह के नमक को एक जैसा बताया जाता है, जबकि ऐसा नहीं है. साधारण टेबल या रॉक सॉल्ट, कमरे की उमस कम करने के लिए बहुत असरदार नहीं है. अगर कमरे में ज्यादा नमी है, तो ये पानी खींचकर गीला या घुला हुआ नजर आने लगता है. इसलिए कमरे को लगातार सूखा रखने के लिए सिर्फ टेबल सॉल्ट पर निर्भर रहना सही तरीका नहीं है.
यानी अगर आपके कमरे में हद से ज्यादा उमस है, तो नमक की कटोरी आपकी परेशानी को पूरी तरह हल नहीं कर सकती.
फिर ये हैक कब काम आ सकता है?
अगर आपको किसी छोटी और बंद जगह में हल्की नमी की समस्या है, तो नमी को अब्सॉर्ब करने के लिए नमक कुछ मदद कर सकता है. जैसे छोटे कैबिनेट, अलमारी या बहुत लिमेटेड जगहों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
कमरे में इस्तेमाल करने पर इसे नमी वाली जगह के पास खुली कटोरी में रखा जा सकता है. अगर कुछ समय बाद नमक गीला या चिपचिपा होने लगे, तो उसे बदल देना चाहिए. हालांकि बड़े कमरे, जिसमें सीलन वाली दीवारों हों या बहुत ज्यादा उमस वाली जगह हों, तो उसमें ये तरीका इस्तेमाल करना काफी नहीं है.
नमक की कटोरी रखने से पहले ये बात जरूर समझें
अगर कमरे में बारिश के दिनों में सिर्फ थोड़ी उमस बढ़ती है, तो नमक का ये देसी जुगाड़ आजमाया जा सकता है. लेकिन अगर दीवारों पर काले धब्बे, फफूंदी, लगातार पानी की बूंदें या तेज सीलन दिखाई दे रही है, तो इसे सिर्फ घरेलू नुस्खे से ठीक करने की कोशिश न करें.
तो क्या नमक वाला वायरल हैक बिल्कुल भी काम नहीं करता है?
ये कह देना गलत होगा कि नमक की कटोरी रखने से कोई भी फायदा नहीं होगा, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे जितना बढ़ा-चढ़ा कर कारगर बताया जा रहा है, उतना असरदार भी नहीं है. नमक में हवा की नमी खींचने की क्षमता जरूर होती है, इसलिए उसका गीला या चिपचिपा होना संभव है. लेकिन एक कटोरी नमक आपके पूरे कमरे को डीह्यूमिडिफायर की तरह सूखा नहीं सकता.
इसलिए इसे कम खर्च वाला छोटा घरेलू जुगाड़ समझें, न कि कमरे की सीलन का पक्का इलाज. अगर असली समस्या ज्यादा उमस या दीवारों की नमी है, तो उसके लिए वेंटिलेशन, नमी आने वाली चीजों को ठीक करना और जरूरत पड़ने पर डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल ही ज्यादा सही तरीका है.