अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वेनेजुएला के साथ हाल ही में हुए तेल समझौते से मिलने वाले तेल का इस्तेमाल अमेरिका के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) को फिर से भरने के लिए किया जाएगा. यह रिजर्व चार दशक से ज्यादा समय में अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है.
ट्रंप ने कहा कि रिजर्व को फिर से भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. उन्होंने वेनेजुएला के तेल को 'अमेरिका के लोगों के लिए वेनेजुएला का उपहार' बताया. साथ ही उन्होंने इसके लिए अपने पूर्ववर्ती जो बाइडेन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि पिछले प्रशासन के दौरान रिजर्व लगभग खाली हो गया था.
अमेरिका के ऊर्जा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में SPR में कच्चे तेल का भंडार करीब 28.97 करोड़ बैरल रह गया था, जो नवंबर 1982 के बाद सबसे निचला स्तर है.
क्या है ट्रंप का वेनेजुएला तेल समझौता?
ट्रंप ने शुक्रवार को एक समझौते की घोषणा की थी. उनके मुताबिक, निजी कंपनियों के साथ साझेदारी के जरिए अमेरिका को वेनेजुएला के 65 अरब बैरल से ज्यादा के प्रमाणित तेल भंडार पर बहुमत नियंत्रण मिलेगा. उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी करदाताओं पर खर्च डाले बिना अमेरिका को वेनेजुएला के तेल भंडार के एक बड़े हिस्से तक पहुंच मिलेगी.
वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बाद में कहा कि ऊर्जा समझौता 25 साल तक चलेगा और इसमें 17 रणनीतिक तेल क्षेत्रों का विकास शामिल होगा. शुरुआती उत्पादन का लक्ष्य 15 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा रखा गया है. योजना में आठ नए तेल ब्लॉक भी शामिल हैं. रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला अपने प्राकृतिक संसाधनों का स्वामित्व और संप्रभुता बरकरार रखेगा, जबकि अपने तेल उद्योग को दोबारा खड़ा करने के लिए विदेशी पूंजी, तकनीक और विशेषज्ञता का इस्तेमाल करेगा.
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित तेल भंडार है, लेकिन वर्षों से कम निवेश, खराब प्रबंधन और प्रतिबंधों के कारण वह फिलहाल करीब 12.5 लाख बैरल प्रतिदिन तेल का उत्पादन करता है.
SPR को फिर भरने में कितना समय लगेगा?
ट्रंप की घोषणा के बावजूद यह साफ नहीं है कि वेनेजुएला का तेल कितनी जल्दी SPR में पहुंचना शुरू होगा. समझौते की संरचना, इसमें शामिल तेल क्षेत्रों और कंपनियों तथा अमेरिका किस तरह बहुमत नियंत्रण हासिल करेगा, इस बारे में ट्रंप ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है. वेनेजुएला के पुराने तेल बुनियादी ढांचे को भी उत्पादन बढ़ाने से पहले बड़े निवेश की जरूरत होगी. भारी कच्चे तेल को निकालने और पहुंचाने के लिए ज्यादा क्षमता की जरूरत होगी, इसलिए आपूर्ति में बड़ी बढ़ोतरी में समय लग सकता है.
रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व की स्थापना 1973 के अरब तेल प्रतिबंध के बाद हुई थी. यह दुनिया का सबसे बड़ा आपातकालीन कच्चा तेल भंडार है और इसका उद्देश्य बड़ी आपूर्ति बाधाओं की स्थिति में अमेरिका को सहारा देना है. रिजर्व में करीब 71.4 करोड़ बैरल तेल रखने की क्षमता है, लेकिन हालिया कटौती के बाद इसमें करीब 29 करोड़ बैरल ही बचे हैं, जो इसकी क्षमता का लगभग 40 फीसदी है.