पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव को लेकर मतदान से ठीक एक दिन पहले बड़ा चुनावी घटनाक्रम सामने आया. 30 अगस्त को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (SOI) के बीच चुनावी समर्थन को लेकर समझौता हुआ. ABVP भारतीय जनता पार्टी की छात्र इकाई है, जबकि SOI शिरोमणि अकाली दल से संबद्ध छात्र संगठन है. दोनों संगठनों के बीच यह चुनावी समर्थन व्यवस्था 31 अगस्त को होने वाले मतदान से एक दिन पहले हुई.
इस समझौते के तहत SOI, ABVP के उम्मीदवारों का समर्थन करेगी और अपने समर्थकों को उनके पक्ष में लामबंद करेगी. यानी चुनाव में SOI के समर्थक ABVP के उम्मीदवारों के पक्ष में वोट जुटाने में मदद करेंगे.
इस साल SOI अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ रही है. उसके अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के तौर पर केमिकल साइंस विभाग के प्रणव ने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन पात्रता को लेकर विवाद के कारण उनका नामांकन पहले ही खारिज कर दिया गया था. यह विवाद मुख्य रूप से उपस्थिति से जुड़ा था. नामांकन खारिज होने के बाद SOI के सदस्यों ने डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया था.
नया समीकरण
अब मतदान से ठीक पहले ABVP और SOI के बीच हुए इस अंतिम समय के चुनावी समझौते से कैंपस में वोटों के समीकरण और वोट जुटाने की प्रक्रिया पर असर पड़ने की उम्मीद है. SOI की ओर से ABVP उम्मीदवारों को समर्थन और अपने समर्थकों को उनके पक्ष में जुटाने का फैसला चुनावी गणित के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 31 अगस्त को होने वाले मतदान से पहले हुए इस गठजोड़ ने कैंपस के चुनावी माहौल में एक नया समीकरण बना दिया है.