Gulab Jamun Tips: त्योहारों और खुशी के मौकों पर गरमा-गरम, रसीले और रुई जैसे सॉफ्ट गुलाब जामुन मिल जाएं तो जश्न का मजा दोगुना हो जाता है. लेकिन घर पर मावे के गुलाब जामुन बनाते समय अक्सर लोगों की यह शिकायत होती है कि वे तेल या घी में डालते ही फटने लगते हैं, बाहर से जल जाते हैं और अंदर से कच्चे या कड़क रह जाते हैं. कई बार चाशनी में डालने के बाद भी वे रस सही से नहीं सोखते और बीच में कड़क गांठ रह जाती है.
अगर आपके साथ भी यही समस्या होती है तो अब परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. खोया और मैदे की सही नाप, थोड़ा-सा कद्दूकस किया हुआ सॉफ्ट पनीर और तलते समय तेल के सही तापमान का ध्यान रखकर आप पहली बार में ही दुकान से भी ज्यादा स्पंजी, गोल-मटोल और रसीले गुलाब जामुन बना सकते हैं. आइए जानते हैं इसे बनाने का एकदम सटीक तरीका.
सामग्री:
डो (मिश्रण) के लिए:
250 ग्राम शुद्ध मावा (खोया - कद्दूकस या हाथों से मैश किया हुआ)
50 ग्राम ताजा पनीर/छैना (कद्दूकस किया हुआ - सॉफ्टनेस के लिए सीक्रेट इंग्रीडिएंट)
3 से 4 बड़े चम्मच मैदा (बाइंडिंग के लिए)
1/4 छोटा चम्मच बेकिंग पाउडर (सोडा नहीं, बेकिंग पाउडर)
1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर
तलने के लिए देसी घी या रिफाइंड तेल
चाशनी (सिरप) के लिए:
2 कप चीनी
2 कप पानी
4-5 हरी इलायची (कुटी हुई)
7-8 केसर के धागे
1 छोटा चम्मच गुलाब जल या केवड़ा जल
बनाने की विधि:
चाशनी तैयार करें: एक गहरे बर्तन में 2 कप चीनी और 2 कप पानी मिलाकर गैस पर चढ़ाएं. इसमें कुटी इलायची और केसर डालें. जब चीनी पूरी तरह घुल जाए, तो मध्यम आंच पर 5 से 6 मिनट तक उबालें. हमें कोई एक या दो तार की चाशनी नहीं बनानी है, बस चाशनी में हल्की-सी चिपचिपाहट (शहद जैसी) आनी चाहिए. गैस बंद करें और गुलाब जल मिलाकर ढककर रख दें.
मावा और पनीर को अच्छी तरह मथें (सबसे जरूरी स्टेप): एक चौड़ी परात में कद्दूकस किया मावा और पनीर लें. अब हथेली के पिछले हिस्से (Palm) से रगड़ते हुए इसे 5-7 मिनट तक तब तक मथें जब तक कि मिश्रण बिल्कुल चिकना, क्रीमी और मखमली न हो जाए. इसमें एक भी दाना नहीं रहना चाहिए.
मैदा और बेकिंग पाउडर मिलाएं: मथे हुए मावे में मैदा, बेकिंग पाउडर और इलायची पाउडर डालें. इसे हल्के हाथों से मिलाकर सॉफ्ट डो (आटा) की तरह इकट्ठा कर लें. ज्यादा कसकर न गूंधें.
फटने से बचाने की टेस्टिंग: डो में से एक छोटा-सा हिस्सा लेकर हाथों के बीच घुमाते हुए एकदम स्मूथ गोल बॉल बनाएं. अगर बॉल में एक भी दरार नहीं है, तो डो परफेक्ट है. अगर दरार आ रही है, तो 1 छोटा चम्मच दूध या घी डालकर दोबारा हल्का-सा मल लें.
तलने का सही तरीका (सही आंच है सीक्रेट): कड़ाही में पर्याप्त घी या तेल डालकर बिल्कुल धीमी आंच पर हल्का गर्म करें. तेल बहुत ज्यादा गर्म नहीं होना चाहिए. सबसे पहले एक छोटा बॉल डालकर चेक करें—अगर वह बिना फटे धीरे-धीरे तैरकर ऊपर आ रहा है, तो तापमान बिल्कुल सही है.
गुलाब जामुन तलें: अब मध्यम आकार की बॉल्स बनाकर तेल में डालें. ध्यान रखें कि कलछी से गुलाब जामुन को सीधे न छुएं, बल्कि कड़ाही के तेल को गोल-गोल घुमाएं. इससे गुलाब जामुन अपने आप घूमते हुए चारों तरफ से एक समान सुनहरे और लाल सिकेंगे. धीमी आंच पर 7-8 मिनट तक तलें.
चाशनी में डुबोएं: तले हुए गरमा-गरम गुलाब जामुन को निकालकर सीधे हल्की गर्म (गुनगुनी) चाशनी में डाल दें. चाशनी न बहुत ज्यादा उबलती हुई होनी चाहिए और न ही ठंडी.
रसीले गुलाब जामुन तैयार हैं: गुलाब जामुन को कम से कम 2 घंटे तक चाशनी में डूबा रहने दें ताकि वे अंदर तक रस सोखकर एकदम स्पंजी और दोगुने आकार के हो जाएं. तैयार हैं आपके रुई जैसे सॉफ्ट और रसीले गुलाब जामुन!