How to Identify Real Dalchini: दालचीनी भारतीय रसोई का एक ऐसा मसाला है, जिसका इस्तेमाल चाय से लेकर सब्जी, बिरयानी और मिठाइयों तक में किया जाता है. इतना ही नहीं, वजन घटाने, ब्लड शुगर कंट्रोल करने और घर से बदबू दूर करने जैसे घरेलू नुस्खों में भी दालचीनी का नाम सबसे पहले लिया जाता है. मगर क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाली हर दालचीनी एक जैसी नहीं होती? बाजार में मिलने वाली दालचीनी असली नहीं है और इसकी पहचान करने में अधिकतर लोग गलत साबित होते हैं.
कई लोग सालों से जिस दालचीनी को असली समझकर इस्तेमाल कर रहे हैं, वह वास्तव में कैसिया हो सकती है, जबकि सीलोन दालचीनी को असली दालचीनी माना जाता है.ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन दोनों में क्या अंतर होता है और क्या इनका हमारी हेल्थ पर भी असर पड़ता है.
हाल ही में सर्टिफाइड डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट किरण कुकरेजा ने अपने हालिया इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए बताया कि करीब 90 प्रतिशत लोग असली दालचीनी और कैसिया के बीच का अंतर नहीं जानते. उन्होंने आसान तरीके से समझाया कि दोनों की पहचान कैसे की जा सकती है और नियमित सेवन के लिए कौन-सी दालचीनी बेहतर मानी जाती है.
असली दालचीनी की पहचान
अगर आप सेहत को ध्यान में रखकर दालचीनी का इस्तेमाल करते हैं, तो सीलोन दालचीनी बेहतर मानी जाती है.
कैसे करें पहचान?
कैसिया दालचीनी कैसे पहचानें?
भारत में किराना दुकानों और सुपरमार्केट में सबसे ज्यादा कैसिया दालचीनी ही बिकती है. इसकी पहचान भी आसान है.
कूमारिन ज्यादा होने पर क्यों रखें सावधानी?
कूमारिन एक नेचुरल कपाउंड है, जो दालचीनी की कुछ किस्मों में पाया जाता है. एक्सपर्ट के अनुसार, बहुत ज्यादा मात्रा में इसका लंबे समय तक सेवन करना लिवर पर अतिरिक्त प्रेशर डाल सकता है. यही वजह है कि अगर आप रोजाना दालचीनी का पानी, चाय या किसी घरेलू नुस्खे में इसका इस्तेमाल करते हैं, तो मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है. किसी भी मसाले का जरूरत से ज्यादा सेवन लाभ की बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है.
खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
अगर आप बाजार से दालचीनी खरीद रहे हैं, तो सिर्फ कीमत देखकर फैसला न करें. पैकेट पर यह जरूर देखें कि उस पर सीलोन दालचीनी लिखा है या कैसिया दालचीनी. साथ ही, साबुत दालचीनी खरीदते समय उसकी परतों, रंग और शेप पर भी ध्यान दें.
दालचीनी सेहत के लिए फायदेमंद मसाला जरूर है, लेकिन सही किस्म का चुनाव भी उतना ही जरूरी है. अगर आप रोजाना इसका सेवन करते हैं, तो सीलोन दालचीनी को प्रायोरिटी देना बेहतर माना जाता है. वहीं, कैसिया दालचीनी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. छोटी-सी जानकारी आपको सही मसाला चुनने और अपनी सेहत का बेहतर ख्याल रखने में मदद कर सकती है.