दुनिया भर में कई प्रसिद्ध बंद दरवाजे और सीलबंद तिजोरियां हैं. इनके पीछे छिपी किंवदंतियां, अनमोल खजानों से जुड़ी कहानियां या ऐतिहासिक रहस्यों हमेशा से लोगों की जिज्ञासा को आकर्षित करती रही हैं. आखिर इन बंद दरवाजों के पीछे क्या रहस्य छुपा है? क्योंकि, इनके अंदर आज के समय में शायद ही कोई जा सका है.
इनमें से पांच सबसे रहस्यमय दरवाजों में भारत के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के वॉल्ट बी का बंद दरवाजा, ताजमहल के सीलबंद तहखाने के दरवाजे, वेटिकन सिटी के सीक्रेट रिकॉर्ड रूम का दरवाजा, ग्रेट स्फिंक्स के पास का छिपा दरवाजा और पेरू के अरमू मुरु का रहस्यमय देवताओं का दरवजा शामिल हैं.
श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का तहखाना नंबर 'B' का दरवाजा
श्री पद्मनाभ स्वामी मंदिर भारत के खूबसूरत राज्य केरल में स्थित है. यह मंदिर अपनी अद्भुत सुंदरता के अलावा और भी कई कारणों से फेमस है. मंदिर के नीचे छह तहखाने हैं. इनके नाम बड़े ही अनोखे ढंग से A, B, C, D, E और F रखे गए हैं. इन तहखानों के विशाल लोहे के दरवाजे इनके पीछे छिपे रहस्य को और भी गहरा कर देते हैं. कुछ साल पहले, अधिकारियों ने इन तहखानों को दुनिया के लिए खोलने का फैसला किया, लेकिन यह आसान काम नहीं था. आखिरकार 2011 में उन्होंने छह में से पांच तहखाने खोल दिए गए. उनमें अरबों के सोना और रत्न पाए गए. लेकिन तहखाना 'बी' अभी तक पूरी तरह बंद है. तमाम कोशिशों के बाद भी इसे नहीं खोला जा सका. किंवदंतियों के अनुसार, यह एक दिव्य नाग के श्राप से सील है और सटीक पवित्र मंत्रों के बिना इसे खोलने से भीषण आपदा आ सकती है.
ताजमहल के रहस्यमय कमरे के सीलबंद दरवाजे
ताजमहल में कई रहस्य छिपे हैं.पूरे महल में कई ऐसे कमरे हैं जिन्हें सीलबंद कर दिया गया है और उनमें किसी को भी जाने की अनुमति नहीं है. ताजमहल के मुख्य संगमरमर के चबूतरे के नीचे ईंटों से सील किए गए दर्जनों कमरे और कक्ष हैं जो 17वीं शताब्दी में स्मारक के निर्माण के बाद से अछूते रहे हैं. अगर आप नदी किनारे से ली गई इमारत की तस्वीरें देखें, तो आपको दो तहखाने दिखाई देंगे. लेकिन क्या? वे भी सीलबंद हैं. किसी को नहीं पता कि उनके अंदर क्या है या शाहजहां के समय से उन्हें क्यों बंद रखा गया है. इनके बारे में तरह-तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं. लेकिन कोई नहीं जानता कि इसके अंदर क्या है.
वेटिकन अपोस्टोलिक आर्काइव का दरवाजा
वेटिकन सिटी में एक सीक्रेट रिकॉर्ड रूम है. इसे वेटिकन अपोस्टोलिक आर्काइव के नाम से जाना जाता है. इसके बंद दरवाजे के पीछे क्या है, किसी को कुछ पता नहीं. क्योंकि इसके अंदर कोई नहीं जाता है. कहा जाता है कि इसके अंदर 85 किलोमीटर लंबी क्षेत्र में अलमारियों में 1,200 से अधिक वर्षों का इतिहास किताबों और पांडुलिपियों में समाया हुआ है. ये बंद दरवाजे सदियों पुराने संवेदनशील पोप से जुड़े रिकॉर्ड, नाइट्स टेम्प्लर के मुकदमे के दस्तावेजों और एक हजार साल से अधिक पुराने चिट्ठियों की रक्षा करते हैं.
ग्रेट स्फिंक्स के नीचे छिपे हुए सीक्रेट कमरे का दरवाजा
गीज़ा का विशाल स्फिंक्स रहस्यों से घिरा हुआ है. यह न केवल दुनिया की सबसे बड़ी अखंड प्रतिमा है, बल्कि यह एक स्त्री के सिर और शेर के शरीर वाला एक संकर प्राणी भी है. इसकी उत्पत्ति मिस्र और ग्रीक पौराणिक कथाओं से हुई है. यह बहुत प्राचीन है. इसकी आयु लगभग 4,500 वर्ष मानी जाती है. ऑर्कियोलॉजिस्ट ने स्थल के पास विशाल पत्थर के ब्लॉक और छोड़े गए औजारों के किट पाए हैं. हालांकि, स्फिंक्स के असली रहस्य इसके पंजों के पास, जमीन के नीचे छिपे हैं. यहां एक गुप्त दरवाजा है.वैज्ञानिकों के एक समूह ने भूकंपमापी यंत्र का उपयोग करके स्फिंक्स के पंजों के नीचे दो सीक्रेट कमरों का पता लगाया है. कुछ लोगों का मानना है कि ये कमरे पौराणिक 'रिकॉर्ड हॉल' हो सकते हैं. इसमें ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करने वाले प्राचीन ग्रंथ रखे हैं.
हयू मार्का (अरमू मुरु) दूसरी दुनिया का दरवाजा
अरमू मुरु, जिसे हयू मार्का गेटवे या देवताओं का द्वार भी कहा जाता है. दक्षिणी पेरू के पुनो क्षेत्र के ऊंचे पठार पर स्थित एक ठोस चट्टान में तराशी गई संरचना है. इसे देश के सबसे रहस्यमय स्थलों में से एक माना जाता है. आर्किलॉजिकल दृष्टि से यह कोई फंक्शनिंग दरवाजा नहीं है. मतलब इसके अंदर कुछ नहीं है. बस यह पत्थर पर उकेरी गई एक संरचना है. वहीं वहां के स्थानीय एंडियन संस्कृति के मुताबिक , यह एक प्राचीन अनुष्ठानिक स्थान है. स्थानीय लोककथाओं के अनुसार, यह एक दरवाजा है, जो किसी दूसरी दुनिया में जाता है. यानी किसी दूसरे लोक से यहां आने का यह प्रवेश द्वार है. इसका इस्तेमाल प्राचीन लोग एक जादुई सुनहरी डिस्क के साथ करते थे.