वेटिकन सिटी (Vatican City), एक स्वतंत्र राज्य है जो रोम और इटली का एन्क्लेव है. यह राज्य 1929 में लेटरन संधि के तहत इटली से स्वतंत्र हुआ और यह Holy See के पूर्ण स्वामित्व और संप्रभु अधिकार और अधिकार क्षेत्र के तहत एक अलग क्षेत्र है. Holy See को See of Rome भी कहा जाता है. इसे पेट्रिन सी या अपोस्टोलिक सी भी कहा जाता है जो पोप का अधिकार क्षेत्र है साथ ही, रोम के बिशप के रूप में उनकी भूमिका भी होती है (Head of Vatican City is Pope). इसका क्षेत्रफल 49 हेक्टेयर है (Vatican City Area) और साल 2019 तक इसकी आबादी मात्र 453 है (Vatican City Population). यह दुनिया में क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों के हिसाब से सबसे छोटा राज्य है (Vatican City, World smallest State).
होली सी द्वारा शासित वेटिकन सिटी एक ईसाईवादी राज्य है जिसके प्रमुख पोप है. पोप, रोम के बिशप और कैथोलिक चर्च के प्रमुख हैं. यहां सर्वोच्च राज्य पदाधिकारी विभिन्न मूल के सभी कैथोलिक पादरी होते हैं (Vatican City Govern by Pope).
वेटिकन सिटी में सेंट पीटर्स बेसिलिका, सिस्टिन चैपल और वेटिकन म्यूजियम जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल हैं. वेटिकन म्यूजियम में दुनिया की कुछ सबसे प्रसिद्ध पेंटिंग और मूर्तियां हैं (Vatican City Museaums).
वेटिकन सिटी की अनूठी अर्थव्यवस्था दान, डाक टिकटों और स्मृति चिन्हों की बिक्री, संग्रहालयों में प्रवेश के लिए शुल्क के जरीए आर्थिक रूप से सहायता मिलती है. वेटिकन सिटी में कोई कर नहीं है और शुल्क मुक्त भी है (Vatican City Economy).
क्या आपने ऐसे देश के बारे में सुना है, जो पूरी तरह किसी दूसरे शहर के अंदर बसा है? यूरोप का वेटिकन सिटी रोम के अंदर मौजूद दुनिया का सबसे छोटा स्वतंत्र देश है. यहां सेंट पीटर्स बेसिलिका, सिस्टिन चैपल और शानदार कला पर्यटकों को खूब अट्रैक्टिव हैं.
दुनिया में कुछ ऐसे बंद दरवाजें हैं, जिनके पीछे क्या छिपा है. आज के समय में किसी को कुछ पता नहीं है. क्योंकि, कोई इन्हें खोल नहीं पाया है. चलिए जानते हैं कहां- कहां हैं ऐसे रहस्यमय दरवाजे और क्या है इनसे जुड़ी कहानियां?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पोप और शिकागो के मेयर ब्रैंडन जॉनसन को लेकर विवादित टिप्पणी की है. ट्रंप ने मेयर को 'बेकार' कहा और ईरान के परमाणु हथियारों को लेकर चेतावनी दी. इससे पहले जॉनसन ने ट्रंप को 'क्रूर' और 'नासमझ तानाशाह' बताते हुए उनपर तीखे हमले किए थे.
वेटिकन चर्च से ये मांग वर्षों से की जा रही थी. अश्वेत ईसाइयों का कहना था कि चर्च से आदेश काले लोगों के शोषण और दास व्यापार की वजह बने हैं. अब लंबे समय बाद पोप लियो ने सचमुच माफी मांगी है.
इसाइयों के सबसे पवित्र स्थल पर यह घटना सबके सामने हुई. वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि शख्स पेशाब करने के बाद पीछे मुड़कर पर्यटकों को अपनी नंगी पीठ दिखाता है. पूरा दृश्य बेहद घिनौना और अपमानजनक था. लोग स्तब्ध रह गए.
ईसाइयों के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का 88 साल की उम्र में निधन हो गया है. पोप की मृत्यु के बाद उनके उत्तराधिकारी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. आइए जानते हैं कि पोप के उत्तराधिकारियों में कौन से नाम सबसे आगे नजर आ रहे हैं.
ईसाइयों के सबसे बड़े धर्म गुरु पोप फ्रांसिस का 88 साल की उम्र में निधन हो गया है. पोप फ्रांसिस उनकी सादगी के लिए प्रसिद्ध थे. उन्होंने गरीबी, असमानता और आप्रवासियों के अधिकारों पर जोर दिया था. जब ब्रुसेल्स हमलों के बाद मुस्लिम विरोधी भावनाएं बढ़ गई थी, तब पोप फ्रांसिस ने भाईचारे का भाव प्रदर्शित करते हुए मुस्लिम, ईसाई और हिंदू शरणार्थियों के पैर धोकर चूमे थे.
पिछले साल थिएटर्स में रिलीज हुई हॉलीवुड फिल्म 'कॉन्क्लेव' में नए पोप की चुनाव की प्रक्रिया पर बेस्ड कहानी दिखाई गई है. वेटिकन सिटी में नए पोप के लिए वोटिंग शुरू होने से पहले अब ये फिल्म भारत में भी रिलीज हो गई है.
वेटिकन ने कहा कि कॉन्क्लेव 6 मई से शुरू हो सकता था, लेकिन एक दिन बाद शुरू करने का फैसला लेते हुए कार्डिनल्स को समय दिया गया है ताकि वे अहम मतदान से पहले अपने स्तर की बैठकें कर सकें. चुनावी प्रक्रिया में समय लग सकता है, क्योंकि नए पोप के चुनाव के लिए जिन 135 कार्डिनल्स की बैठक होगी वे कभी भी एक-दूसरे से नहीं मिले हैं.
वेटिकन सिटी में ईसाई धर्म गुरु पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में लोगों का जनसमूह उमड़ पड़ा. पोप को अंतिम विदाई देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप समेत दुनियाभर के नेता पहुंचे. बता दें 21 अप्रैल को 88 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद पोप का निधन हो गया था. देखें दुनिया आजतक.
कैथोलिक चर्च के सबसे बड़े धर्मगुरु पोप फ्रांसिस के निधन से दुनियाभर में शोक है. पोप का अंतिम संस्कार वेटिकन सिटी में स्थित सेंट पीटर्स स्क्वायर में शुरू हो गया है. दुनियाभर के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए वेटिकन पहुंचे हैं.
पोप फ्रांसिस के निधन पर दुनियाभर में शोक का माहौल है. उनका अंतिम संस्कार वेटिकन सिटी में सेंट पीटर्स स्क्वायर में आयोजित किया गया, जिसमें 150 से अधिक विदेशी प्रतिनिधि और दो लाख से अधिक लोग शामिल हुए. प्रमुख उपस्थितियों में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु शामिल हुए. अंतिम विदाई में दो लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए.
पोप के इतिहास में आज तक किसी एशियाई या अफ्रीकी चेहरा को यह पद नहीं मिला है. 1300 साल बाद पोप फ्रांसिस पहले गैर-यूरोपीय थे, और अब एक बार फिर उम्मीदें हैं कि वेटिकन की अगली आवाज यूरोप से बाहर की भी हो सकती है.
कैथोलिक ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. वेटिकन के अनुसार, पोप ने आज सुबह 7:35 पर अंतिम सांस ली; उन्हें 14 फरवरी को निमोनिया के कारण रोम के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वेटिकन सिटी ने उनके निधन पर 9 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है. देेखें...
पोप को ईसाई समुदाय का सबसे बड़ा धार्मिक गुरु कहा जाता है और उनके पास धार्मिक, प्रशासनिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक शक्तियां होती हैं. उनकी शक्तियों का दायरा काफी बड़ा है. लेकिन यह आधुनिक समय में कुछ सीमाओं के साथ आता है. वह पूरी दुनिया का आध्यात्मिक नेतृत्व करते हैं.
पोप फ्रांसिस ने रविवार को ईस्टर के मौके पर सरप्राइज पब्लिक एपीयरेंस दी थी. उन्होंने सेंट पीटर स्क्वायर से 35000 लोगों की भीड़ का हाथ मिलाकर अभिवादन स्वीकार किया था. वेटिकन के कार्डिनल केविन फेरेल ने बताया कि पोप फ्रांसिस का पूरा जीवन ईश्वर की सेवा में समर्पित रहा.
पोप फ्रांसिस का 88 साल की उम्र में निधन हो गया. वेटिकन ने उनके निधन की औपचारिक पुष्टि कर दी है. जानकारी के अनुसार, पोप फ्रांसिस का निधन उनके आवास, कासा सांता मार्था में, ईस्टर मंडे, 21 अप्रैल को हुआ। वे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे. उनके निधन से दुनिया भर में शोक की लहर है.
पोप फ्रांसिस की नाजुक सेहत के बीच चर्चाएं चल रही हैं कि रोमन कैथोलिक चर्च का अगला लीडर कौन हो सकता है. वेटिकन सिटी में अब तक एशियाई या अफ्रीकी मूल के पोप नहीं पहुंचे, जबकि दोनों ही कॉन्टिनेंट्स में ग्लोबल कैथोलिक आबादी का 31 फीसदी हिस्सा बसा हुआ है, वो भी तब जबकि चीन के कैथोलिक्स इसमें शामिल नहीं.
पोप के निजी चिकित्सक डॉ. लुइगी कार्बोन ने कहा कि वे अभी भी खतरे से बाहर नहीं हैं. जैसे सभी कमजोर मरीजों के साथ होता है, उनकी स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है.
कुंभ हो या हज यात्रा या फिर क्रिश्चयन समुदाय का वेटिकन मास, धर्म की पुकार सदियों से इंसानों को एक स्थान पर खींचती आई है. हर सभ्यता में मनुष्य एक तय समय पर अपने ही जैसे विश्वास के लोगों से मिलता है और अनुष्ठान कर एक बेहतर जिंदगी की कामना करता है. कैसे एक स्थान पर जमा होते हैं लोग, क्या है परंपराएं, क्या होता है वहां अर्थशास्त्र? पढ़ें इस विस्तृत रिपोर्ट में.
इतालवी मूल के कार्लो एक्यूटिस को मौत के बाद संत का दर्जा मिलने जा रहा है. वे पहले मिलेनियल हैं, जिन्हें ये उपाधि मिलेगी. पोप फ्रांसिस ने माना कि कार्लो ने ऐसे काम किए, जिन्हें चमत्कार की श्रेणी में रखा जा सकता है. ईसाई धर्म में सेंट की उपाधि चमत्कार साबित होने पर ही मिलती है.